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Jhansi News: 26533 को मिला पक्का घर, 24 हजार अब भी कतार में
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अंतरराष्ट्रीय शहर दिवस आज : पीएम आवास योजना (शहरी) पूरा कर रही लोगों के मकान का सपना, छह हजार से ज्यादा पात्रों को लाभ जल्द
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पीएम आवास योजना (शहरी) शुरू हुए दस साल बीत चुके हैं और जनपद में 26533 लाभार्थियों ने योजना का लाभ लेकर पक्के घर का सपना पूरा कर लिया है। हालांकि, अब भी 24 हजार लोग कतार में हैं, जिनमें छह हजार से ज्यादा पात्रों को जल्द ही लाभ मिलने के आसार हैं।
नगर में अपना पक्का घर होना हर परिवार का सपना होता है। किसी के लिए यह जिंदगीभर की कमाई से जुड़ा होता है तो किसी के लिए दो वक्त की रोटी के बीच घर बनाने का सपना पूरा करना आसान नहीं होता। ऐसे में कई परिवारों ने सरकारी योजना से खुद के घर का सपना पूरा किया। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। हजारों परिवार अब भी अपने पक्के घर के इंतजार में हैं। बढ़ती शहरी आबादी, सीमित आय और जमीन-मकान की बढ़ती कीमतों के बीच जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना और आवास की जरूरत को पूरा करना शहर के विकास की महत्वपूर्ण कसौटी है।
वहीं, डूडा के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में लॉन्च हुई पीएम आवास योजना शहरी 1.0 के बाद से अब तक 26533 को तीन किस्तों में मिले पैसे के बाद पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। पिछले साल पीएम आवास योजना शहरी 2.0 की लॉन्चिंग की गई। इसमें सभी आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। योजना के तहत अब 24,056 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं। लंबित आवेदनों में से पात्र लाभार्थियों की डीपीआर तैयार करने के लिए अक्तूबर में 1,503, नवंबर में 3,007 और दिसंबर में 1,504 डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद इन्हें किस्त का पैसा जारी किया जाएगा। योजना के तहत सरकार लाभार्थी को घर बनाने के लिए तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये देती है।
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5928 पात्रों के आवास निर्माणाधीन
डूडा की परियोजना अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत अब तक 8,271 डीपीआर स्वीकृत हो चुकी हैं। इसमें 5928 पात्रों के खाते में पहली किस्त का पैसा भी पहुंच चुका है। जबकि, जीओ टैगिंग के बाद 1840 को दूसरी किस्त भी मिल चुकी है। इनके आवास भी जल्द बनकर तैयार हो जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पीएम आवास योजना (शहरी) शुरू हुए दस साल बीत चुके हैं और जनपद में 26533 लाभार्थियों ने योजना का लाभ लेकर पक्के घर का सपना पूरा कर लिया है। हालांकि, अब भी 24 हजार लोग कतार में हैं, जिनमें छह हजार से ज्यादा पात्रों को जल्द ही लाभ मिलने के आसार हैं।
नगर में अपना पक्का घर होना हर परिवार का सपना होता है। किसी के लिए यह जिंदगीभर की कमाई से जुड़ा होता है तो किसी के लिए दो वक्त की रोटी के बीच घर बनाने का सपना पूरा करना आसान नहीं होता। ऐसे में कई परिवारों ने सरकारी योजना से खुद के घर का सपना पूरा किया। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। हजारों परिवार अब भी अपने पक्के घर के इंतजार में हैं। बढ़ती शहरी आबादी, सीमित आय और जमीन-मकान की बढ़ती कीमतों के बीच जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास की व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना और आवास की जरूरत को पूरा करना शहर के विकास की महत्वपूर्ण कसौटी है।
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वहीं, डूडा के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में लॉन्च हुई पीएम आवास योजना शहरी 1.0 के बाद से अब तक 26533 को तीन किस्तों में मिले पैसे के बाद पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। पिछले साल पीएम आवास योजना शहरी 2.0 की लॉन्चिंग की गई। इसमें सभी आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार किए जा रहे हैं। योजना के तहत अब 24,056 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं। लंबित आवेदनों में से पात्र लाभार्थियों की डीपीआर तैयार करने के लिए अक्तूबर में 1,503, नवंबर में 3,007 और दिसंबर में 1,504 डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद इन्हें किस्त का पैसा जारी किया जाएगा। योजना के तहत सरकार लाभार्थी को घर बनाने के लिए तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये देती है।
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5928 पात्रों के आवास निर्माणाधीन
डूडा की परियोजना अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत अब तक 8,271 डीपीआर स्वीकृत हो चुकी हैं। इसमें 5928 पात्रों के खाते में पहली किस्त का पैसा भी पहुंच चुका है। जबकि, जीओ टैगिंग के बाद 1840 को दूसरी किस्त भी मिल चुकी है। इनके आवास भी जल्द बनकर तैयार हो जाएंगे।