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सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में 22 साल पुरानी खेल परंपरा टूटी

Sun, 18 Aug 2019 11:36 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 11:36 PM IST
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22 years old tradition of senior railway institute breaks
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में 22 साल पुरानी खेल परंपरा टूटी
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साम जय नायक
झांसी। सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में 22 साल से चली आ रही खेल पखवाडे़ की परंपरा को इस बार झटका लगा है। हर साल स्वतंत्रता दिवस से खेल दिवस (15 से 29 अगस्त) तक खेल पखवाड़ा होता है लेकिन इस बार रेलवे प्रशासन ने मैदान उपलब्ध नहीं कराया है। इस वजह से पखवाड़ा शुरू नहीं हो सका। इंस्टीट्यूट की आयोजन समिति के सदस्यों को अवकाश न मिलना भी कारण बताया जा रहा है।
हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद की भूमि में खेल गतिविधियां परवान चढ़ें, इस उद्देश्य से रेलवे समय-समय पर खेल पखवाड़ा सहित कई आयोजन कराता है। वर्ष 1996 में मेजर ध्यानचंद की जयंती को भारत सरकार द्वारा खेल दिवस घोषित करने के बाद से खेल पखवाडे़ का आयोजन होने लगा, जिसमें कालीचरण फुटबाल लीग, शतरंज, सिक्स ए साइड हॉकी, बैडमिंटन, बाक्सिंग, स्नूकर सहित कई प्रतियोगिता होने लगी। इसमें रेलवे कर्मचारी, उनके बच्चे और अन्य खिलाड़ी प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा साबित करते थे लेकिन इस बार इंस्टीट्यूट एवं उसकी आयोजन समिति के सदस्यों को अवकाश न मिलने और मैदान उपलब्ध न होने से यह बाधित हो गया। पूर्व में इंस्टीट्यूट एवं आयोजन समिति सदस्यों को तीन से चार दिन की अलग-अलग तिथियों में अवकाश मिलता था।
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खेल पखवाडे़ का आयोजन रेलवे इंस्टीट्यूट की सोसायटी द्वारा होता है। वह स्वतंत्र संस्था है। आयोजन के बारे में वो ही सही बता सकते हैं। - मनोज कुमार सिंह, रेलवे पीआरओ।
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रेलवे प्रशासन ने इस बार खेल पखवाडे़ आयोजन की अनुमति नहीं दी है। अनुमति क्यों नहीं दी है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। - मुकेश श्रीवास्तव, सचिव सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट।
खेलों के उत्थान में रेलवे का विशेष योगदान है। खेल पखवाड़ा का बंद होना गलत है। रेलवे अधिकारियों व इंस्टीट्यूट पदाधिकारियों से मिलेंगे। - अशोक ध्यानचंद, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी।
खेल पखवाड़ा निरंतर चलना चाहिए। यह झांसी की विरासत है। खेल पखवाड़ा जारी रहे, इसके लिए रेलवे प्रशासन कदम उठाए। - अशोक सेन पाली, पूर्व सचिव सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट।

अभी पूरे मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि, खेल पखवाड़ा इंस्टीट्यूट समिति कराता है और खेल पखवाडे़ के लिए विशेष रूप से अवकाश नहीं दिया जा सकता है। अगर समिति चाहे तो इसे वह अवकाश दिवसों में आयोजित करा सकती है। - संदीप माथुर, डीआरएम।
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