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हड़ताल को लेकर जूनियर डॉक्टरों में दो फाड़ -City
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हड़ताल को लेकर जूनियर डॉक्टरों में दो फाड़
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों में हड़ताल को लेकर दो फाड़ हो गए। कुछ डॉक्टर लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर बैठे रहे, जबकि, कुछ ने इमरजेंसी, वार्ड और ओपीडी में मरीज देखे। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
बीती 17 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के वार्ड में भर्ती मरीज संस्कार के परिजनों की जूनियर चिकित्सकों से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दोनों के बीच मारपीट हुई थी। सूचना पाकर पुलिस मारपीट करने वालों को पकड़कर थाने ले आई थी। जूनियर चिकित्सकों का आरोप है कि उनको चौकी के अंदर भी पीटा गया। कार्रवाई की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। अगले दिन डीआईजी व एसएसपी के साथ सीनियर चिकित्सकों ने बैठक की, जिसमें कार्रवाई व सुरक्षा की मांग पर चर्चा हुई। इसके बाद जूडा ने हड़ताल खत्म कर दी।
बीते रविवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी सोमेश को हटाकर जालौन से आए श्रीप्रकाश दुबे को तैनाती दे दी। सोमवार सुबह निलंबन न होने की जानकारी मिलने पर जूनियर चिकित्सक काम बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। मंगलवार को भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। हालांकि, हड़ताल के दौरान जूनियर डॉक्टर दो फाड़ हो गए और सभी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। एक पक्ष जहां गेट नंबर एक के पास बने बहुउद्देशीय केंद्र पर कार्य बहिष्कार कर बैठा रहा, वहीं दूसरे पक्ष ने ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी में अपनी सेवाएं जारी रखीं। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इस संबंध में जूडा अध्यक्ष डॉ. सौरभ तिवारी का कहना है कि कॉलेज प्रशासन कुछ लोगों को तोड़कर हड़ताल खत्म कराना चाहता है। सीनियर्स कह रहे हैं कि यह व्यक्तिगत मामला है। बोले कि धैर्य के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। कोई गड़बड़ी नहीं करेंगे। हड़ताल जारी रहेगी।
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बैठक का प्रस्ताव ठुकराया
कॉलेज प्रशासन ने जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात शाम छह बजे डीएम से कराने का प्रस्ताव दिया था। इसको जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने ठुकरा दिया। जूडा अध्यक्ष डॉ. सौरभ तिवारी ने कहा कि सभी जूनियर चिकित्सक डीएम से खुलकर बात करना चाहते हैं। इससे सभी का हौसला अफजाई होगा। दो-तीन डॉक्टरों के साथ बंद कमरे में बैठक करने से क्या होगा?
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों में हड़ताल को लेकर दो फाड़ हो गए। कुछ डॉक्टर लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल पर बैठे रहे, जबकि, कुछ ने इमरजेंसी, वार्ड और ओपीडी में मरीज देखे। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
बीती 17 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के वार्ड में भर्ती मरीज संस्कार के परिजनों की जूनियर चिकित्सकों से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दोनों के बीच मारपीट हुई थी। सूचना पाकर पुलिस मारपीट करने वालों को पकड़कर थाने ले आई थी। जूनियर चिकित्सकों का आरोप है कि उनको चौकी के अंदर भी पीटा गया। कार्रवाई की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। अगले दिन डीआईजी व एसएसपी के साथ सीनियर चिकित्सकों ने बैठक की, जिसमें कार्रवाई व सुरक्षा की मांग पर चर्चा हुई। इसके बाद जूडा ने हड़ताल खत्म कर दी।
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बीते रविवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी सोमेश को हटाकर जालौन से आए श्रीप्रकाश दुबे को तैनाती दे दी। सोमवार सुबह निलंबन न होने की जानकारी मिलने पर जूनियर चिकित्सक काम बंद कर हड़ताल पर बैठ गए। मंगलवार को भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। हालांकि, हड़ताल के दौरान जूनियर डॉक्टर दो फाड़ हो गए और सभी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। एक पक्ष जहां गेट नंबर एक के पास बने बहुउद्देशीय केंद्र पर कार्य बहिष्कार कर बैठा रहा, वहीं दूसरे पक्ष ने ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी में अपनी सेवाएं जारी रखीं। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इस संबंध में जूडा अध्यक्ष डॉ. सौरभ तिवारी का कहना है कि कॉलेज प्रशासन कुछ लोगों को तोड़कर हड़ताल खत्म कराना चाहता है। सीनियर्स कह रहे हैं कि यह व्यक्तिगत मामला है। बोले कि धैर्य के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। कोई गड़बड़ी नहीं करेंगे। हड़ताल जारी रहेगी।
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बैठक का प्रस्ताव ठुकराया
कॉलेज प्रशासन ने जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात शाम छह बजे डीएम से कराने का प्रस्ताव दिया था। इसको जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने ठुकरा दिया। जूडा अध्यक्ष डॉ. सौरभ तिवारी ने कहा कि सभी जूनियर चिकित्सक डीएम से खुलकर बात करना चाहते हैं। इससे सभी का हौसला अफजाई होगा। दो-तीन डॉक्टरों के साथ बंद कमरे में बैठक करने से क्या होगा?