{"_id":"5c72b559bdec2259c006ac64","slug":"21551021401-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सालाना परीक्षा से पहले होगी लर्निंग आउट कम परीक्षा -CTY","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सालाना परीक्षा से पहले होगी लर्निंग आउट कम परीक्षा -CTY
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सालाना परीक्षा से पहले होगी लर्निंग आउट कम परीक्षा
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग की सालाना परीक्षा से पहले जिले के एक लाख 40 हजार विद्यार्थियों की लर्निंग आउट कम परीक्षा होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इसके माध्यम से उनकी शैक्षिक गुणवत्ता को जांचा जाएगा। इसके बाद ही बेसिक शिक्षा में बजट व योजनाएं निर्धारित की जाएंगी। यह भी जांचा जाएगा कि किस जिले में विभाग की योजनाएं सफल हुई हैं।
लर्निंग आउट कम परीक्षा सात मार्च को होगी, जो प्रदेश के सभी जिलों में कराई जाएगी। वर्तमान सत्र में शासन द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं तथा प्रशिक्षण कार्यशालाएं चलाई गई हैं। ऐसे में इनका बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ा। इसे जांचने के लिए शासन वार्षिक परीक्षा से पहले यह करा रहा है। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र तैयार किए जा रहे हैं। अति आवश्यकता पर स्कूल ब्लैक बोर्ड पर भी प्रश्न लिखा जा सकता है। उनके अनुसार इस परीक्षा के लिए दो लाख रुपये का बजट आया है। इसके अलावा पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे। इस परीक्षा के बाद मूल्यांकन होगा, जिसके बाद बजट, योजना निर्धारण और पाठ्यक्रम तैयार होगा। उनके अनुसार प्रत्येक विद्यालय में एनसीआरटी की पुस्तकें रखी जा रही हैं। इसके लिए उन्होंने नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग की सालाना परीक्षा से पहले जिले के एक लाख 40 हजार विद्यार्थियों की लर्निंग आउट कम परीक्षा होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को दिए जाएंगे। इसके माध्यम से उनकी शैक्षिक गुणवत्ता को जांचा जाएगा। इसके बाद ही बेसिक शिक्षा में बजट व योजनाएं निर्धारित की जाएंगी। यह भी जांचा जाएगा कि किस जिले में विभाग की योजनाएं सफल हुई हैं।
लर्निंग आउट कम परीक्षा सात मार्च को होगी, जो प्रदेश के सभी जिलों में कराई जाएगी। वर्तमान सत्र में शासन द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं तथा प्रशिक्षण कार्यशालाएं चलाई गई हैं। ऐसे में इनका बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ा। इसे जांचने के लिए शासन वार्षिक परीक्षा से पहले यह करा रहा है। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र तैयार किए जा रहे हैं। अति आवश्यकता पर स्कूल ब्लैक बोर्ड पर भी प्रश्न लिखा जा सकता है। उनके अनुसार इस परीक्षा के लिए दो लाख रुपये का बजट आया है। इसके अलावा पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे। इस परीक्षा के बाद मूल्यांकन होगा, जिसके बाद बजट, योजना निर्धारण और पाठ्यक्रम तैयार होगा। उनके अनुसार प्रत्येक विद्यालय में एनसीआरटी की पुस्तकें रखी जा रही हैं। इसके लिए उन्होंने नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली को पत्र लिखा है।
विज्ञापन