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ट्रैक्टर से चलने वाली आटा चक्की फटी, दुकानदार की मौत

Fri, 08 Feb 2019 09:26 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 09:26 PM IST
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ट्रैक्टर से चलने वाली आटा चक्की फटी, दुकानदार की मौत
ट्रैक्टर से चलने वाली आटा चक्की फटी, दुकानदार की मौत
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डोंगराखुर्द/ललितपुर। शुक्रवार को थाना नाराहट के पारौल गांव में ट्रैक्टर से चलने वाली आटा चक्की फटने से गांव के निवासी संचालक धर्मेंद्र (25 वर्ष) की मौत हो गई तथा गेहूं पिसवा रही एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, इन्हें ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि संचालक घर-घर जाकर पिसाई का काम करता था।
परिजनों ने बताया कि गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र मर्दन सिंह अपने परिवार भरण पोषण करने के लिए ट्रैक्टर से चलित आटा चक्की का संचालन करता था। वह आटा चक्की को ट्रैक्टर से गांव के मुहल्लों में ले जाकर ही गेहूं की पिसाई करता था। शुक्रवार की सुबह वह गांव में ही ट्रैक्टर चलित चक्की से पिसाई कर रहा था तभी सुबह नौ बजे अचानक चक्की में तेज धमाके की आवाज के साथ चक्की में लगे पाट के कई टुकड़े हो गए। इस दौरान चक्की चला रहे धर्मेंद्र करीब पांच फीट दूर जा गिरा। चक्की फटने के कारण उसके पाट के टुकड़े चक्की संचालक धर्मेंद्र व वहां आसपास पिसाई के लिए खड़े लोगों में जा लगे। जिससे धर्मेंद्र बुरी तरह घायल हो गया और तड़पते हुए मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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जबकि गांव की महिला पेरा (35 वर्ष) पत्नी भजन कुशवाहा, लक्ष्मण (18 वर्ष) पुत्र भजन कुशवाहा, वंदना (12वर्ष) पिता कूरे गंभीर रूप से घायल हो गए। चक्की में तेज धमाका होने से आसपास के लोगों की भीड़ जमा गई। ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल साधनों से जिला अस्पताल भेजा और इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और घटना में मृत युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि मृतक धर्मेंद्र परिवार के साथ रहता था। उसके पिता मर्दन सिंह ने करीब चार लाख रुपये का सेंट्रल बैंक आफ इंडिया का कर्ज लिया था। मृतक तीन भाईयों में सबसे छोटा था। अन्य दो भाई बाहर जाकर अन्य शहरों में मजदूरी करते हैं।
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जिससे माता पिता एवं बच्चों का पूरा भार उसके ऊपर ही था। परिवार के भरण पोषण के लिए एक सप्ताह पहले ही उसने ट्रॉली बेचकर ट्रैक्टर से चलाने वाली पुरानी आटा चक्की करीब चालीस हजार रुपये में लेकर आया था। तीन दिन पूर्व आटा चक्की चलाना शुरू किया था। वह ट्रैक्टर चलित चक्की को गांव मुहल्ले जाकर ज्यादा पिसाई करता था, ताकि उसे कुछ आमदनी हो सके। उसकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।

मृतक धर्मेंद्र के गरीब व भूमिहीन होने के कारण फार्म भरवाया जाएगा, इससे परिजनों को राहत राशि मिल सके।
नरेंद्र सिंह, एसडीएम, पाली
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