{"_id":"5c3ba231bdec2273a032453f","slug":"21547412017-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा-City
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गठबंधन से मुकाबले की भाजपा की तैयारी
झांसी। सपा-बसपा गठबंधन से मुकाबले के लिए भाजपा भी तैयार है। पार्टी के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गांवों में रात गुजारें। सभी पार्टियों के दलित कार्यकर्ताओं से संबंध बनाएं और उन्हें भाजपा की नीतियों से जोडे़ं। इसके लिए पार्टी मुख्यालय लखनऊ में मानीटरिंग सेल भी बनी हुई है, जो लगातार निगाह रखे हुये है।
लोकसभा चुनाव की तिथियां अभी घोषित नहीं है, लेकिन चुनावी तैयारियां सभी पार्टियों में तेज हैं। इनमें बूथ स्तर से लेकर शीर्ष कार्यकारिणी स्तर तक रणनीतियां बनाई जा रहीं है। भाजपा में भी सपा - बसपा गठबंधन के प्रभाव से निपटने के लिए रणनीति बनाई जा चुकी है। इसके लिए प्रत्येक बूथ स्तर पर 21-21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें पांच-पांच सदस्य अनुसूचित जाति के अनिवार्य रूप से शामिल किए गए हैं। इन कार्यकर्ताओं को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ प्राप्त कर चुके दलित परिवार से संपर्क करना है। खासकर बसपा सहित अन्य सभी पार्टियों के कार्यकर्ताओें से भी। इसके अलावा विधायक, सभासदों व पार्टी के पदाधिकारियों को गांवों में दलित बस्ती में ठहरने क ो कहा गया है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी के मुताबिक भाजपा के कार्यकर्ता सरकार की योजना से लाभ पाये दलित परिवारों को जागरूक कर रहें हैं। रात को गांवों में ठहर रहे हैं। इसके अलावा सभी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भाजपा की नीतियों से जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
झांसी। सपा-बसपा गठबंधन से मुकाबले के लिए भाजपा भी तैयार है। पार्टी के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गांवों में रात गुजारें। सभी पार्टियों के दलित कार्यकर्ताओं से संबंध बनाएं और उन्हें भाजपा की नीतियों से जोडे़ं। इसके लिए पार्टी मुख्यालय लखनऊ में मानीटरिंग सेल भी बनी हुई है, जो लगातार निगाह रखे हुये है।
लोकसभा चुनाव की तिथियां अभी घोषित नहीं है, लेकिन चुनावी तैयारियां सभी पार्टियों में तेज हैं। इनमें बूथ स्तर से लेकर शीर्ष कार्यकारिणी स्तर तक रणनीतियां बनाई जा रहीं है। भाजपा में भी सपा - बसपा गठबंधन के प्रभाव से निपटने के लिए रणनीति बनाई जा चुकी है। इसके लिए प्रत्येक बूथ स्तर पर 21-21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें पांच-पांच सदस्य अनुसूचित जाति के अनिवार्य रूप से शामिल किए गए हैं। इन कार्यकर्ताओं को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ प्राप्त कर चुके दलित परिवार से संपर्क करना है। खासकर बसपा सहित अन्य सभी पार्टियों के कार्यकर्ताओें से भी। इसके अलावा विधायक, सभासदों व पार्टी के पदाधिकारियों को गांवों में दलित बस्ती में ठहरने क ो कहा गया है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी के मुताबिक भाजपा के कार्यकर्ता सरकार की योजना से लाभ पाये दलित परिवारों को जागरूक कर रहें हैं। रात को गांवों में ठहर रहे हैं। इसके अलावा सभी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भाजपा की नीतियों से जोड़ रहे हैं।
विज्ञापन