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एजूकेशन- मदरसों की जांच-City

Sat, 07 Oct 2017 08:55 PM IST
Updated Sat, 07 Oct 2017 08:55 PM IST
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एजूकेशन- मदरसों की जांच-City
एजूकेशन
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निरीक्षण में पांच मदरसे बंद मिले, एक में सन्नाटा
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग जारी करेगा नोटिस
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता रद होगी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शासन के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह ने शनिवार को 35 मदरसों का निरीक्षण किया, जिसमें पांच मदरसे बंद मिले। एक मदरसे में बच्चे कम मिले और एक में न तो बच्चे मिले और न ही शिक्षक। इन सभी मदरसों को नोटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।
जिले में 393 मदरसे हैं। इसमें 35 मदरसों की जांच की गई। इसमें ज्यादातर खुले मिले तथा बच्चे पढ़ रहे थे। लेकिन, पांच मदरसे ऐसे मिले, जो देखने से लग रहे थे कि कई दिनों से नहीं खुले हैं। जब आसपास वालों से पूछा तो उन्होंने भी बताया कि मदरसा खुलता नहीं है। जो मदरसे बंद मिले, उनमें मदरसा अर्सील चिड्रन इस्लामिक स्कूल सुपर कालोनी दतिया गेट, मदरसा गौशिया इस्लामिक स्कूल चारखंभा, मदरसा औबेश पब्लिक इस्लामी स्कूल मेवातीपुरा, मदरसा एम. साहिल इस्लामिक स्कूल नई बस्ती व मदरसा आरबी मेमोरियल अरेबिक क्लासेस सलीमबाग हैं। गुलाम मुहम्मद बुंदेलखंड इस्लामिक कालेज दतिया गेट में 18 बच्चे और एक शिक्षक मिले। शिक्षक तीन होने चाहिए थे। बच्चों की संख्या भी बहुत कम मिली। इसी तरह मदरसा सिद्दीकिया कासिम उलूम निस्बा सलीम बाग में न तो बच्चे मिले और न ही शिक्षक मिले।
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अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि मदरसों के आसपास रहने वालों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि मदरसा खुलता नहीं है। कुछ लोगों ने रमजान के बाद छुट्टी बढ़ा दिए जाने का तर्क दिया, जबकि नियम है कि अप्रैल में छुट्टी की सूचना देनी चाहिए थी, जो नहीं दी गई। जो मदरसे बंद मिले हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा। यदि एक सप्ताह में उन्होंने जवाब नहीं दिया तो मान्यता रद की जाएगी। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया जो मदरसे कागजों में चल रहे हैं, उनके संचालकों से रिकवरी की जाएगी।
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जियो टैगिंग होगी
सभी मदरसों की जियो टैगिंग की जाएगी। इसमें मदरसा कहां संचालित हो रहा है, बिल्डिंग में कितने कमरे हैं, कमरे का साइज क्या है, बिल्डिंग का क्षेत्रफल कितना है, कितने बच्चे पढ़ रहे हैं और कितने अध्यापक पढ़ा रहे हैं। इन सभी का ब्योरा गूगल पर दर्ज किया जाएगा। शिक्षकों की डिटेल, फोटो और आधार कार्ड का नंबर दर्ज किया जा रहा है। इससे एक तो फायदा यह होगा कि एक मदरसे में एक ही शिक्षक पढ़ा सकेंगे। ऐसे कई शिक्षक हैं, जो एक से ज्यादा मदरसों में अपना नाम दर्ज करवा कर पगार पा रहे हैं।

कोर्स में बदलाव होगा
मदरसों का कोर्स भी अगले सत्र से बदलने की तैयारी है। कंप्यूटर शिक्षा को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि बच्चे मदरसे से तालीम हासिल करके नाम रोशन कर सकें।
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