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कृषि: उद्यान लगाने पर किसानों को मिलेगा अनुदान -City
Updated Sun, 03 Jun 2018 03:28 AM IST
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उद्यान लगाए, फल आने से पहले पैसे पाएं
झांसी। परंपरागत खेती की जगह बुंदेलखंड के किसान उद्यानिक खेती को अपनाएं, इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनुदान की व्यवस्था की है। एक हेक्टेअर जमीन पर उद्यानिक पौधे लगाने पर किसानों को तीन साल तक प्रतिमाह तीन हजार रुपये अनुदान उद्यान विभाग द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन लिए जाने लगे हैं।
सूखे की मार से बेजार बुंदेलखंड में खेती का बुरा हाल है। दैवी आपदा के चलते किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यहां उद्यानिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कम पानी और कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली यह खेती यहां के किसानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो सकती है।
किसान अधिकतम एक हेक्टेअर और न्यूनतम आधा एकड़ जमीन में उद्यान लगा सकते हैं। इसके लिए किसान को खेत की फेंसिंग करानी होगी, ताकि छुट्टा जानवर पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकें। इसके अलावा खेत पर पानी की व्यवस्था भी किसान को करनी होगी। एक हेक्टेअर जमीन में लगभग 280 पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधे किसान को उद्यान विभाग या विभाग से पंजीकृत नर्सरी से खरीदने होंगे और इसका बिल विभाग को उपलब्ध कराना होगा। विभाग की टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा, इसमें सबकुछ ठीक पाए जाने पर किसान के खाते में प्रति तिमाही नौ हजार रुपये भेजे जाने लगेंगे। किसान को तीन साल तक यह राशि मिलेगी। इसके बाद पौधों से उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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ऐसे करें आवेदन
उद्यानी खेती करने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण साइट www.upagriculture.com पर होगा। इसे खोलने पर तीन विकल्प कृषि, मत्स्य और उद्यान के आएंगे। किसान को उद्यान पर क्लिक कर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। किसान उद्यान विभाग के राजकीय उद्यान नारायण बाग में पहुंचकर भी पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी दो फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खसरा-खतौनी की फोटोकॉपी भी साथ लानी होगी।
ये पौधे रोपे जा सकेंगे
योजना के तहत नींबू, अमरूद, बेर, आंवला, अनार, संतरा, मुसम्मी आदि के पौधे रोपे जा सकेंगे। इसके अलावा कई अन्य किस्में भी हैं। यह पौधे छह-छह फीट की दूरी पर रोपे जाएंगे। बीच की खाली जमीन पर अन्य फसल भी बोई जा सकती है। खासतौर पर सब्जियां उगाना सबसे बेहतर माना जाता है।
मिलेगी पूरी मदद
पौधे रोपने में उद्यान विभाग किसानों की पूरी मदद करेगा। उन्हें अच्छी किस्म के पौधों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभाग की टीम खेत पर जाकर तकनीकी रूप से किसान की सहायता करेगी, जैसे पौधे किस प्रकार रोपे जाएं और उनकी देखभाल किस तरह से की जाए।
लागत कम और मुनाफा अधिक
उद्यानिक खेती करने के लिए किसान को केवल एक बार लागत लगानी होगी। इसके बाद वह कई सालों तक फसल ले सकेगा। जैसे नींबू की आयु चालीस साल तक की होती है। बस, जरूरत नियमित देखरेख की होती है। इसमें पानी भी कम लगता है। परंपरागत खेती के मुकाबले उद्यानिक खेती में किसान तीन गुना से भी अधिक मुनाफा अर्जित कर सकता है। इसमें नुकसान की गुंजाइश कम होती है। बुंदेलखंड का वातावरण उद्यानिक खेती के अनुकूल है।
- नरेंद्र कुमार जैन, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक
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झांसी। परंपरागत खेती की जगह बुंदेलखंड के किसान उद्यानिक खेती को अपनाएं, इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनुदान की व्यवस्था की है। एक हेक्टेअर जमीन पर उद्यानिक पौधे लगाने पर किसानों को तीन साल तक प्रतिमाह तीन हजार रुपये अनुदान उद्यान विभाग द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन लिए जाने लगे हैं।
सूखे की मार से बेजार बुंदेलखंड में खेती का बुरा हाल है। दैवी आपदा के चलते किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यहां उद्यानिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कम पानी और कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली यह खेती यहां के किसानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो सकती है।
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किसान अधिकतम एक हेक्टेअर और न्यूनतम आधा एकड़ जमीन में उद्यान लगा सकते हैं। इसके लिए किसान को खेत की फेंसिंग करानी होगी, ताकि छुट्टा जानवर पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकें। इसके अलावा खेत पर पानी की व्यवस्था भी किसान को करनी होगी। एक हेक्टेअर जमीन में लगभग 280 पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधे किसान को उद्यान विभाग या विभाग से पंजीकृत नर्सरी से खरीदने होंगे और इसका बिल विभाग को उपलब्ध कराना होगा। विभाग की टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा, इसमें सबकुछ ठीक पाए जाने पर किसान के खाते में प्रति तिमाही नौ हजार रुपये भेजे जाने लगेंगे। किसान को तीन साल तक यह राशि मिलेगी। इसके बाद पौधों से उत्पादन शुरू हो जाएगा।
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ऐसे करें आवेदन
उद्यानी खेती करने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण साइट www.upagriculture.com पर होगा। इसे खोलने पर तीन विकल्प कृषि, मत्स्य और उद्यान के आएंगे। किसान को उद्यान पर क्लिक कर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। किसान उद्यान विभाग के राजकीय उद्यान नारायण बाग में पहुंचकर भी पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी दो फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खसरा-खतौनी की फोटोकॉपी भी साथ लानी होगी।
ये पौधे रोपे जा सकेंगे
योजना के तहत नींबू, अमरूद, बेर, आंवला, अनार, संतरा, मुसम्मी आदि के पौधे रोपे जा सकेंगे। इसके अलावा कई अन्य किस्में भी हैं। यह पौधे छह-छह फीट की दूरी पर रोपे जाएंगे। बीच की खाली जमीन पर अन्य फसल भी बोई जा सकती है। खासतौर पर सब्जियां उगाना सबसे बेहतर माना जाता है।
मिलेगी पूरी मदद
पौधे रोपने में उद्यान विभाग किसानों की पूरी मदद करेगा। उन्हें अच्छी किस्म के पौधों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभाग की टीम खेत पर जाकर तकनीकी रूप से किसान की सहायता करेगी, जैसे पौधे किस प्रकार रोपे जाएं और उनकी देखभाल किस तरह से की जाए।
लागत कम और मुनाफा अधिक
उद्यानिक खेती करने के लिए किसान को केवल एक बार लागत लगानी होगी। इसके बाद वह कई सालों तक फसल ले सकेगा। जैसे नींबू की आयु चालीस साल तक की होती है। बस, जरूरत नियमित देखरेख की होती है। इसमें पानी भी कम लगता है। परंपरागत खेती के मुकाबले उद्यानिक खेती में किसान तीन गुना से भी अधिक मुनाफा अर्जित कर सकता है। इसमें नुकसान की गुंजाइश कम होती है। बुंदेलखंड का वातावरण उद्यानिक खेती के अनुकूल है।
- नरेंद्र कुमार जैन, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक