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देवगढ़ की खबर-City
Updated Fri, 02 Feb 2018 08:20 PM IST
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देवगढ़ महोत्सव में बिखरेंगी बुंदेली रंग
सब हेड - पहली बार 15 से 22 फरवरी तक होगा आयोजन, 15 लाख मिले
क्रासर - इसके बाद महोबा में होगा आल्हा महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पर्यटन विभाग की ओर से ललितपुर के ऐतिहासिक स्थल देवगढ़ में 15 से 22 फरवरी तक देवगढ़ महोत्सव आयोजित होगा। इसमें शिल्प मेला लगेगा और बुंदेली व ब्रज की संस्कृति से जुडे़ कार्यक्रम भी होंगे। महोत्सव के लिए शासन ने मात्र 15 लाख रुपये ही आवंटित किए हैं।
ललितपुर में प्रतिवर्ष नगर पालिका के द्वारा ललितपुर महोत्सव होता आया हैं, लेकिन यह पहला मौका होगा, जब शासन द्वारा देवगढ़ में महोत्सव कराया जा रहा हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार जिला उद्योग केंद्र महोत्सव में 200 सौ स्टाल लगवाएगा। इसमें देश व प्रदेश के कई हिस्सों से शिल्पी अपने हस्तशिल्पों को बेचने आएंगे। इसके अलावा बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राई नृत्य, ढिमरयाई नृत्य, बुंदेली लोक गीत, भजन, ब्रज की फूलों की होली कलाकार प्रस्तुत करेेंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डा. कल्याण सिंह यादव के मुताबिक यह सभी कार्यक्रम भुवन मंदिर के परिसर में होंगे। वहीं देवगढ़ महोत्सव के बाद महोबा में आल्हा महोत्सव कराया जाएगा।
बेतवा नदी के तट पर बसा है
देवगढ़ हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म क ा प्रमुख स्थल है। बेतवा नदी के तट पर बसा देवगढ़ में आठवीं शताब्दी से लेकर 17 वीं शताब्दी तक के कई मंदिर है। यहां जैन धर्म के 31 प्राचीन मंदिर हैं। इसके अलावा पांचवीं शताब्दी का विष्णु दशावतार मंदिर भी है। यहां की बौद्ध गुफा भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यह स्थान झांसी से 140 किलोमीटर और ललितपुर से 40 किलोमीटर दूर है।
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देवगढ़ महोत्सव में बिखरेंगी बुंदेली रंग
सब हेड - पहली बार 15 से 22 फरवरी तक होगा आयोजन, 15 लाख मिले
क्रासर - इसके बाद महोबा में होगा आल्हा महोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पर्यटन विभाग की ओर से ललितपुर के ऐतिहासिक स्थल देवगढ़ में 15 से 22 फरवरी तक देवगढ़ महोत्सव आयोजित होगा। इसमें शिल्प मेला लगेगा और बुंदेली व ब्रज की संस्कृति से जुडे़ कार्यक्रम भी होंगे। महोत्सव के लिए शासन ने मात्र 15 लाख रुपये ही आवंटित किए हैं।
ललितपुर में प्रतिवर्ष नगर पालिका के द्वारा ललितपुर महोत्सव होता आया हैं, लेकिन यह पहला मौका होगा, जब शासन द्वारा देवगढ़ में महोत्सव कराया जा रहा हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार जिला उद्योग केंद्र महोत्सव में 200 सौ स्टाल लगवाएगा। इसमें देश व प्रदेश के कई हिस्सों से शिल्पी अपने हस्तशिल्पों को बेचने आएंगे। इसके अलावा बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राई नृत्य, ढिमरयाई नृत्य, बुंदेली लोक गीत, भजन, ब्रज की फूलों की होली कलाकार प्रस्तुत करेेंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डा. कल्याण सिंह यादव के मुताबिक यह सभी कार्यक्रम भुवन मंदिर के परिसर में होंगे। वहीं देवगढ़ महोत्सव के बाद महोबा में आल्हा महोत्सव कराया जाएगा।
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बेतवा नदी के तट पर बसा है
देवगढ़ हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म क ा प्रमुख स्थल है। बेतवा नदी के तट पर बसा देवगढ़ में आठवीं शताब्दी से लेकर 17 वीं शताब्दी तक के कई मंदिर है। यहां जैन धर्म के 31 प्राचीन मंदिर हैं। इसके अलावा पांचवीं शताब्दी का विष्णु दशावतार मंदिर भी है। यहां की बौद्ध गुफा भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यह स्थान झांसी से 140 किलोमीटर और ललितपुर से 40 किलोमीटर दूर है।
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