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क्राइम: मूर्ति तस्करी मामला -City
Updated Sat, 07 Oct 2017 09:55 PM IST
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श्रेणी - अपराध
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मूर्ति तस्करी के दोनों आरोपी गए जेल
- रिमांड अवधि खत्म होने पर एसटीएफ ने कोर्ट में किया पेश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्राचीन बेशकीमती मूर्तियों की तस्करी के मामले में भोपाल एसटीएफ द्वारा पकड़े गए झांसी के राजेंद्र राजपूत और प्रवीण को शनिवार को जेल भेज दिया गया। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें एमपी एसटीएफ ने न्यायालय में पेश किया था।
भोपाल एसटीएफ ने बुधवार को बहुमूल्य मूर्तियों की तस्करी के मामले में सीपरी बाजार निवासी राजेंद्र राजपूत और कचहरी चौराहा निवासी प्रवीण को गिरफ्तार किया था। अगले दिन दोनों को भोपाल में न्यायालय में पेश किया गया था। कोर्ट ने दोनों को सात अक्तूबर तक की रिमांड पर एसटीएफ को सौंप दिया था। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी हो गई। इस पर एसटीएफ ने दोनों को न्यायालय लेकर आई। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में एसटीएफ के हाथ अहमद सुराग लगे हैं। मूर्ति तस्करी में खजुराहो क्षेत्र के एक व्यक्ति का भी नाम आया है, एसटीएफ जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर सकती है। इसके लिए सुरागकशी की जा रही है।
मूर्ति की फोटो (कल के ट्रैक पर है)
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तीन सौ साल से ज्यादा पुरानी हैं मूर्तियां
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा. एस के दुबे ने बताया कि एसटीएफ द्वारा बरामद की गईं मूर्तियों का उन्होंने चित्र देखा है। यह दोनों मूर्तियां तीन सौ साल से अधिक पुरानी हैं। इनमें से खड़ी मुद्रा में चार हाथ वाली मूर्ति भगवान विष्णु की है। यह दक्षिण भारतीय शैली की है। मूर्ति का श्रृंगार भी दक्षिण भारतीय है। जबकि, काले रंग की भगवान पार्श्वनाथ की पद्मासन में बैठी प्रतिमा बुंदेलखंड क्षेत्र की हो सकती है। यहां इस तरह की प्रतिमाएं पाई जाती हैं।
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मूर्ति तस्करी के दोनों आरोपी गए जेल
- रिमांड अवधि खत्म होने पर एसटीएफ ने कोर्ट में किया पेश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्राचीन बेशकीमती मूर्तियों की तस्करी के मामले में भोपाल एसटीएफ द्वारा पकड़े गए झांसी के राजेंद्र राजपूत और प्रवीण को शनिवार को जेल भेज दिया गया। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें एमपी एसटीएफ ने न्यायालय में पेश किया था।
भोपाल एसटीएफ ने बुधवार को बहुमूल्य मूर्तियों की तस्करी के मामले में सीपरी बाजार निवासी राजेंद्र राजपूत और कचहरी चौराहा निवासी प्रवीण को गिरफ्तार किया था। अगले दिन दोनों को भोपाल में न्यायालय में पेश किया गया था। कोर्ट ने दोनों को सात अक्तूबर तक की रिमांड पर एसटीएफ को सौंप दिया था। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी हो गई। इस पर एसटीएफ ने दोनों को न्यायालय लेकर आई। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में एसटीएफ के हाथ अहमद सुराग लगे हैं। मूर्ति तस्करी में खजुराहो क्षेत्र के एक व्यक्ति का भी नाम आया है, एसटीएफ जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर सकती है। इसके लिए सुरागकशी की जा रही है।
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मूर्ति की फोटो (कल के ट्रैक पर है)
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तीन सौ साल से ज्यादा पुरानी हैं मूर्तियां
क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा. एस के दुबे ने बताया कि एसटीएफ द्वारा बरामद की गईं मूर्तियों का उन्होंने चित्र देखा है। यह दोनों मूर्तियां तीन सौ साल से अधिक पुरानी हैं। इनमें से खड़ी मुद्रा में चार हाथ वाली मूर्ति भगवान विष्णु की है। यह दक्षिण भारतीय शैली की है। मूर्ति का श्रृंगार भी दक्षिण भारतीय है। जबकि, काले रंग की भगवान पार्श्वनाथ की पद्मासन में बैठी प्रतिमा बुंदेलखंड क्षेत्र की हो सकती है। यहां इस तरह की प्रतिमाएं पाई जाती हैं।
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