फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   कृषि- खेत का पानी बाहर न बहने दें-City

कृषि- खेत का पानी बाहर न बहने दें-City

Sun, 03 Sep 2017 07:55 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 07:55 PM IST
विज्ञापन
कृषि- खेत का पानी बाहर न बहने दें-City
कृषि
विज्ञापन

-------
मेढ़ बांधें, पानी बचाएं, वरना होगी परेशानी
सब हेड: कम वर्षा के कारण जलसंकट से बचाव के लिए किसानों को सलाह
क्रासर
अभी से व्यवस्था नहीं की तो रबी की फसल में होगी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सूखे की त्रासदी की राह पर खड़े बुंदेलखंड के किसानों की खरीफ की फसल काफी हद तक खराब हो गई है। अब उनके सामने रबी की फसल बचाने का संकट है। पानी की कमी से बचने के लिए किसानों को चाहिए कि वह खेत की मेढ़बंदी कर पानी बचाएं। अभी से व्यवस्था नहीं की तो आगे परेशानी होगी।
बुंदेलखंड में बरसात अक्सर असामान्य रहती है। इस बार भी जहां प्रदेश के कई जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं, वहीं बुंदेलखंड में पानी नहीं बरस रहा है। यहां औसत वर्षा आठ सौ मिलीलीटर से अधिक होती है, इसके बाद भी अबकी बार तीन सौ मिलीमीटर ही पानी बरसा है, जबकि मानसून समाप्त होने को है। खेतों में नमी बहुत कम है। एकाध दिन में पानी बरस रहा है, जो खेतों से होकर बह जाता है। इससे अबकी बार किसानों को रबी सीजन में पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। पानी कम बरसने के कारण भूजल स्तर भी कम हो रहा है। ऐसे हालातों से निपटने के लिए पानी की एक-एक बूंद को बचाना बहुत जरूरी है, ताकि रबी सीजन में किसान गेहूं, चना अथवा मटर की पैदावार कर सकें।
विज्ञापन

थोड़ी-बहुत जो बरसात हो रही है, यदि उस पानी को किसान खेत में ही रोक लें तो नमी बरकरार रह सकती है। पानी बरसने के कारण खेतों की मिट्टी मुलायम है। इसलिए किसानाें को चाहिए कि खेत के चारों ओर 40 से 50 सेंटीमीटर की मेढ़ बना दें। इसमें ध्यान देने की बात यह है कि जिस खेत के चारों ओर मेढ़ बनाएं, वह समतल होना चाहिए। यदि एक खेत आधा समतल और आधा ऊपर-नीचे है तो खेत के समतल भाग में मेढ़बंदी कर सकते हैं। इससे किसान को यह फायदा होगा कि पानी बेकार बहकर खेत से बाहर नहीं जाएगा और पानी एकत्रित होने से खेत में नमी बनी रहेगी तथा भूजल रीचार्ज हो जाएगा। यदि किसान पर्यावरण संतुलन बनाए रखना चाहते हैं तो खेत की मेढ़ पर पौधरोपण कर सकते हैं। इससे न केवल मिट्टी का कटान रुकेगा, बल्कि पौधरोपण से पर्यावरण संतुलित रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी करें
- खाली खेतों की हैरो से जुताई करते रहें, ताकि खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ नमी का संरक्षण हो सके।
- तिल व मूंगफली में पुष्पावस्था व तंतु निकलने पर कीट और बीमारियों से रोकथाम के लिए कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क करें।

कम पानी का फायदा उठाएं
बरसात बहुत कम हुई है, इसलिए किसानों को सलाह है कि खेत की मेढ़बंदी कर दें, ताकि उसमें पानी रुके और खेत को पर्याप्त नमी मिले। इससे रबी की फसल में पानी की कमी नहीं रहेगी। खेत की मेढ़बंदी करके किसान कम पानी से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
- आरके गौतम
उप कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed