{"_id":"594687c24f1c1b85788b461a","slug":"201497794498-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखा और गीला कचरा अलग किया जाएगा-Dehat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखा और गीला कचरा अलग किया जाएगा-Dehat
Updated Sun, 18 Jun 2017 07:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अब सूखा और गीला कचरा अलग-अलग
- डोर-टू-डोर कलेक्शन में नई व्यवस्था, कूड़ा गाड़ियों का रंग भी नीला और हरा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शहर से निकलने वाले कचरे को अब अलग- अलग स्टोर किया जाने लगा है। हरे रंग की डस्टबिन में गीला और नीले रंग की डस्टबिन में सूखा कचरा एकत्र किया जा रहा है। इसी तरह कूड़ा गाड़ियां भी हरे और नीले रंग की हैं।
कचरे से अब कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसके लिए मुर्गा मछली- मार्केट स्थित नगर निगम की जमीन पर लगे प्लांट में गीला और सूखा कचरा इकट्ठा किया जा रहा है। अब सभी साठ वार्डों में कचरा कलेक्शन का काम शुरू हो गया है। गाड़ियों में बोर्ड लगाकर दो पार्ट में कचरा एकत्र किया जा रहा है। शहर से रोज 10 से 12 टन कचरा निकलता है। नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि नई सिस्टम पर काम शुरू हो गया है और इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
कूड़ा गाड़ियों को तिरपाल से ढका जाएगा
कचरा कलेक्शन में लगी गाड़ियों में कचरा के ऊपर तिरपाल ढंककर चलाया जाएगा, ताकि गाड़ी चलते समय कचरा सड़क पर न फैले और सड़क साफ- सुथरी रहे।
कंपोस्ट खाद बनेगी
अभी फल, सब्जियां, खाने का सामान सड़ जाने पर उसे यूं ही कचरे में फेंक दिया जाता है। यदि इस कचरे को सहेजकर हरी डस्टबिन में रखा जाए और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने आने वालों को यह कचरा अलग से दिया जाए तो वह इसका उपयोग कंपोस्ट खाद बनाने में होगा। इसका असर स्वच्छता पर भी पड़ेगा। क्योंकि, जब लोगों को पता चलेगा कि उनके कचरा से खाद बन रही है तो वह सहेजकर रखेंगे।
विज्ञापन