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बुंदेलखंड में इत्र कारोबारी की तरह 20 धनकुबेर रडार पर, अफसर जुटा रहे जानकारी
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झांसी। बुंदेलखंड में भी इत्र कारोबारी की तरह 20 मालदार लोग भी जीएसटी इंटेलीजेंस और आयकर विभाग की रडार पर हैं। इन मालदार लोगों के खिलाफ दोनों विभागों ने सूचनाएं जुटाना शुरू कर दिया है। इन लोगों के खिलाफ टैक्स चोरी की भनक लगते ही, उनके घरों को खंगालने का काम शुरू हो जाएगा।
जीएसटी इंटेलीजेंस और आयकर विभाग ने जिस तरह से कानपुर और कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के पास से अरबों रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, उसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। सिस्टम यह विचार करने पर विवश हो गया है कि एक साधारण दिखने वाले कारोबारी के पास इतना पैसा बरामद हो सकता है, तो कई ऐसे कारोबार हैं। जिनकी हर महीने करोड़ों रुपये की बिक्री होती है। मगर उस हिसाब से टैक्स नहीं मिल रहा है। बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर में भी 20 ऐसे मालदार हैं, जिनके खर्चे दुबई के धनवानों की तरह हैं। इन सभी के बड़े- बड़े कारोबार चल रहे हैं, लेकिन उस हिसाब से टैक्स नहीं मिल रहा है। संबंधित विभागों ने इस मालदार लोगों की अब कुंडली खंगालना शुरू कर दी है। अफसरों को उम्मीद है कि अगर इत्र कारोबारी के तरह इन लोगों के खिलाफ भी जांच की गई तो करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का पता लग जाएगा। इनमें चार राजनेता भी शामिल हैं।
‘ आयकर विभाग की पहली प्राथमिकता है कि लोग अपनी स्वेच्छा व सुविधा पूर्वक रिटर्न दाखिल करें। किसी को सर्वे या सर्च (छापा) के द्वारा परेशान करने की मंशा नहीं है। अब सटीक जानकारी, पुख्ता या संदिग्ध गतिविधि पर ही कार्रवाई की जाती है।’
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शिशिर झा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मुख्यालय आगरा) पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड।
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जीएसटी इंटेलीजेंस और आयकर विभाग ने जिस तरह से कानपुर और कन्नौज में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के पास से अरबों रुपये की संपत्ति बरामद की गई है, उसने पूरे सिस्टम को हिला दिया है। सिस्टम यह विचार करने पर विवश हो गया है कि एक साधारण दिखने वाले कारोबारी के पास इतना पैसा बरामद हो सकता है, तो कई ऐसे कारोबार हैं। जिनकी हर महीने करोड़ों रुपये की बिक्री होती है। मगर उस हिसाब से टैक्स नहीं मिल रहा है। बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर में भी 20 ऐसे मालदार हैं, जिनके खर्चे दुबई के धनवानों की तरह हैं। इन सभी के बड़े- बड़े कारोबार चल रहे हैं, लेकिन उस हिसाब से टैक्स नहीं मिल रहा है। संबंधित विभागों ने इस मालदार लोगों की अब कुंडली खंगालना शुरू कर दी है। अफसरों को उम्मीद है कि अगर इत्र कारोबारी के तरह इन लोगों के खिलाफ भी जांच की गई तो करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति का पता लग जाएगा। इनमें चार राजनेता भी शामिल हैं।
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‘ आयकर विभाग की पहली प्राथमिकता है कि लोग अपनी स्वेच्छा व सुविधा पूर्वक रिटर्न दाखिल करें। किसी को सर्वे या सर्च (छापा) के द्वारा परेशान करने की मंशा नहीं है। अब सटीक जानकारी, पुख्ता या संदिग्ध गतिविधि पर ही कार्रवाई की जाती है।’
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शिशिर झा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (मुख्यालय आगरा) पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड।