{"_id":"5b942197867a557f6b0b7b99","slug":"191536434583-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गणेश प्रतिमाओं-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणेश प्रतिमाओं-City
Updated Sun, 09 Sep 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरसात ने मूर्तिकारों के दिल की धड़कन बढ़ाई
सब हेड: गणेश उत्सव को रह गए चंद दिन शेष, मूर्तियों के सूखने की बनी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
13 सितंबर से शुरू हो रहे गणेश उत्सव को लेकर इन दिनों मूर्तिकारों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से मूर्तियां सूख नहीं पा रही हैं, इससे रंग-रोगन भी नहीं हो पा रहा है। मूर्तियां सुखाने के लिए उन्हें 15 से 18 घंटे तक काम करना पड़ रहा है।
गणेश उत्सव पर महानगर के 700 से ज्यादा छोटे-बडे़ पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित होती हैं, जो प्रेमनगर, नंदनपुरा, तालपुरा, गल्ला मंडी रोड, उन्नाव गेट सहित कई इलाकों में पिछले तीन से चार माह के दौरान तैयार होती हैं। वर्तमान में हो रही तेज बरसात ने कई मूर्तिकारों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है। तालपुरा के रविदास आश्रम में गणेश प्रतिमाएं बना रहे कलकत्ता के नेपाल पाल ने बताया कि मूर्तियों को सुखाने के लिए उन्हें एलपीजी गैस का उपयोग करना पड़ रहा है। बरसात से उत्पन्न समस्या पहली बार आई है। झांसी में वह पिछले 28 सालों से प्रतिमाएं बना रहे हैं। गल्ला मंडी रोड स्थित मूर्तिकार रोहित प्रजापति ने बताया कि मूर्ति बन रहे बाड़ों में जलभराव हो रहा है। 16-17 घंटे सभी को मेहनत करनी पड़ रही है। वहीं, बाजार में गड़बड़ा गया है।
500 से 15 हजार है कीमत
गणेश उत्सव के पंडालों में इस बार भी कई आकर्षक गणेश प्रतिमाएं लोगों को देखने के लिए मिलेंगी। मूर्तिकारों ने पंडाल समिति की मांग पर बाहुबली के अलावा घोड़ा दौड़ाते, चूहा वाले रथ पर सवार, आग उगलते ड्रेगन, मोर पंख पर बैठे गणेश की प्रतिमाएं बनाई हैं। इसके अलावा नृत्य करता चूहा और पंचमुखी हनुमान जी के साथ भी गणेश जी की प्रतिमा है। मूर्तिकारों के अनुसार एक फीट से लेकर 10 फीट तक की प्रतिमाएं बनाई गई हैं। जो 500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये की कीमत की हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सब हेड: गणेश उत्सव को रह गए चंद दिन शेष, मूर्तियों के सूखने की बनी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
13 सितंबर से शुरू हो रहे गणेश उत्सव को लेकर इन दिनों मूर्तिकारों के माथे पर चिंता की लकीरें बनी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से मूर्तियां सूख नहीं पा रही हैं, इससे रंग-रोगन भी नहीं हो पा रहा है। मूर्तियां सुखाने के लिए उन्हें 15 से 18 घंटे तक काम करना पड़ रहा है।
गणेश उत्सव पर महानगर के 700 से ज्यादा छोटे-बडे़ पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित होती हैं, जो प्रेमनगर, नंदनपुरा, तालपुरा, गल्ला मंडी रोड, उन्नाव गेट सहित कई इलाकों में पिछले तीन से चार माह के दौरान तैयार होती हैं। वर्तमान में हो रही तेज बरसात ने कई मूर्तिकारों के दिल की धड़कन बढ़ा दी है। तालपुरा के रविदास आश्रम में गणेश प्रतिमाएं बना रहे कलकत्ता के नेपाल पाल ने बताया कि मूर्तियों को सुखाने के लिए उन्हें एलपीजी गैस का उपयोग करना पड़ रहा है। बरसात से उत्पन्न समस्या पहली बार आई है। झांसी में वह पिछले 28 सालों से प्रतिमाएं बना रहे हैं। गल्ला मंडी रोड स्थित मूर्तिकार रोहित प्रजापति ने बताया कि मूर्ति बन रहे बाड़ों में जलभराव हो रहा है। 16-17 घंटे सभी को मेहनत करनी पड़ रही है। वहीं, बाजार में गड़बड़ा गया है।
विज्ञापन
500 से 15 हजार है कीमत
गणेश उत्सव के पंडालों में इस बार भी कई आकर्षक गणेश प्रतिमाएं लोगों को देखने के लिए मिलेंगी। मूर्तिकारों ने पंडाल समिति की मांग पर बाहुबली के अलावा घोड़ा दौड़ाते, चूहा वाले रथ पर सवार, आग उगलते ड्रेगन, मोर पंख पर बैठे गणेश की प्रतिमाएं बनाई हैं। इसके अलावा नृत्य करता चूहा और पंचमुखी हनुमान जी के साथ भी गणेश जी की प्रतिमा है। मूर्तिकारों के अनुसार एक फीट से लेकर 10 फीट तक की प्रतिमाएं बनाई गई हैं। जो 500 रुपये से लेकर 15 हजार रुपये की कीमत की हैं।
विज्ञापन