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खौफ के साए से निकलते सैयर गेट से-City
Updated Sun, 26 Aug 2018 02:56 AM IST
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खौफ में डरकर निकलते हैं सैंयर गेट से
झांसी। महानगर में खस्ताहाल सैंयर गेट भी है। इसके नीचे से आने- जाने वाले निकलते समय दहशत में नजर आते हैं। बरसात के कारण इसकी दीवारें और भी ज्यादा खस्ताहाल हो गई हैं। कई जगह पानी जमा होने के कारण हादसे का डर बना रहता है। गेट दीवार के सहारे टिका है, जो कभी भी गिर सकता है। अफसरों की अनदेखी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
महानगर के इतिहास का साक्षी रहा सैंयर गेट अब बदहाली का शिकार है। शुरूआती दौर में आसपास का क्षेत्र सैंयर गांव के नाम से जाना जाता है। इसलिए इस दरवाजे को को सैंयर दरवाजा नाम दिया गया। महारानी लक्ष्मीबाई के वैभव के जाने के बाद यह बदहाल हो गया। हर साल बरसात होती है, यह दरवाजा सैकड़ों सालों से बरसातें झेल रहा है, लेकिन दरवाजों की ओर किसी का ध्यान नहीं हे। अब यह दरवाजा देखरेख नहीं होने के कारण बुरे दौर से गुजर रहा है। यहां से निकलने वाले लोगों के खतरा बनने लगा है। जबकि, पर्यटन की दृष्टि से विदेशी व अन्य पर्यटकों का यहां से आना- जाना लगा रहता है।
सैंयर गेट के रास्ते होते हुए शहर के कई स्थानों पर आना- जाना है। प्रतिदिन सैकड़ाें की संख्या में लोगों का यहां से निकलना बना रहता है। लेकिन, सैंयर गेट की दीवार खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गई। साथ ही दरवाजा भी क्षतिग्रस्त होकर दीवार के सहारे टिका हुआ है, जिसकी सुध अब तक किसी ने नहीं ली। अब हालत यह है कि लोग निकलने में भी भय खाते हैं। ऊपरी हिस्से की दीवार देखने में ऐसी प्रतीत होती है कि यह कभी भी दरक कर गिर सकती है।
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लोगों ने चलाया था अभियान
दो साल पहले भारी बारिश के चलते दरवाजा और भी खस्ताहाल हालत में पहुंच चुका था। इस कारण दरवाजे के नीचे ठेले लगाने वाले लोगों ने खड़ा होना बंद कर दिया था। लोगों ने करीब एक सप्ताह तक अफसरों को ज्ञापन देकर ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था, लेकिन इसके बाद भी दरवाजे की हालत पर किसी कोई तरस नहीं आया।
कोई नहीं सुनता
इस गेट की हालत दिन- प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। दिन भर लोगों का निकलना लगा रहता है, लेकिन कोई नहीं सुनता।
- मोहम्मद प्यारे
स्थानीय निवासी
मन में रहता डर
पास में ही स्कूल बना हुआ है। बच्चों के आने-जाने के कारण यहां हमेशा हम लोगों के मन में डर की स्थिति बनी रहती है।
- हुस्ना बानो
शिक्षिका
कर चुके शिकायत
इस समस्या को हम लोग अफसरों तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वजह भी अंजान है।
- महेंद्र सिंह यादव
स्थानीय निवासी
मंदिर आने में भी डर
गेट के पास ही संतोषी माता का मंदिर बना हुआ है। ऐसे में कभी तो मंदिर आने में भी डर लगता है, लेकिन भगवान सबकी रक्षा करते हैं।
- अभितेंद्र ब्रह्मचारी
साधक
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झांसी। महानगर में खस्ताहाल सैंयर गेट भी है। इसके नीचे से आने- जाने वाले निकलते समय दहशत में नजर आते हैं। बरसात के कारण इसकी दीवारें और भी ज्यादा खस्ताहाल हो गई हैं। कई जगह पानी जमा होने के कारण हादसे का डर बना रहता है। गेट दीवार के सहारे टिका है, जो कभी भी गिर सकता है। अफसरों की अनदेखी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
महानगर के इतिहास का साक्षी रहा सैंयर गेट अब बदहाली का शिकार है। शुरूआती दौर में आसपास का क्षेत्र सैंयर गांव के नाम से जाना जाता है। इसलिए इस दरवाजे को को सैंयर दरवाजा नाम दिया गया। महारानी लक्ष्मीबाई के वैभव के जाने के बाद यह बदहाल हो गया। हर साल बरसात होती है, यह दरवाजा सैकड़ों सालों से बरसातें झेल रहा है, लेकिन दरवाजों की ओर किसी का ध्यान नहीं हे। अब यह दरवाजा देखरेख नहीं होने के कारण बुरे दौर से गुजर रहा है। यहां से निकलने वाले लोगों के खतरा बनने लगा है। जबकि, पर्यटन की दृष्टि से विदेशी व अन्य पर्यटकों का यहां से आना- जाना लगा रहता है।
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सैंयर गेट के रास्ते होते हुए शहर के कई स्थानों पर आना- जाना है। प्रतिदिन सैकड़ाें की संख्या में लोगों का यहां से निकलना बना रहता है। लेकिन, सैंयर गेट की दीवार खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गई। साथ ही दरवाजा भी क्षतिग्रस्त होकर दीवार के सहारे टिका हुआ है, जिसकी सुध अब तक किसी ने नहीं ली। अब हालत यह है कि लोग निकलने में भी भय खाते हैं। ऊपरी हिस्से की दीवार देखने में ऐसी प्रतीत होती है कि यह कभी भी दरक कर गिर सकती है।
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लोगों ने चलाया था अभियान
दो साल पहले भारी बारिश के चलते दरवाजा और भी खस्ताहाल हालत में पहुंच चुका था। इस कारण दरवाजे के नीचे ठेले लगाने वाले लोगों ने खड़ा होना बंद कर दिया था। लोगों ने करीब एक सप्ताह तक अफसरों को ज्ञापन देकर ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था, लेकिन इसके बाद भी दरवाजे की हालत पर किसी कोई तरस नहीं आया।
कोई नहीं सुनता
इस गेट की हालत दिन- प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। दिन भर लोगों का निकलना लगा रहता है, लेकिन कोई नहीं सुनता।
- मोहम्मद प्यारे
स्थानीय निवासी
मन में रहता डर
पास में ही स्कूल बना हुआ है। बच्चों के आने-जाने के कारण यहां हमेशा हम लोगों के मन में डर की स्थिति बनी रहती है।
- हुस्ना बानो
शिक्षिका
कर चुके शिकायत
इस समस्या को हम लोग अफसरों तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वजह भी अंजान है।
- महेंद्र सिंह यादव
स्थानीय निवासी
मंदिर आने में भी डर
गेट के पास ही संतोषी माता का मंदिर बना हुआ है। ऐसे में कभी तो मंदिर आने में भी डर लगता है, लेकिन भगवान सबकी रक्षा करते हैं।
- अभितेंद्र ब्रह्मचारी
साधक