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ज्ञान की वृद्धि कर देश की उन्नति में लगाएं
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ज्ञान में वृद्धि कर देश की उन्नति में लगाएं
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के डायरेक्ट जनरल डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप ज्ञान की वृद्धि कर समाज और देश की उन्नति में लगाएं। हर विद्यार्थी को नौकरी नहीं मिल सकती है, ऐसे में वह युवा उद्यमी बनकर न सिर्फ स्वरोजगार पा सकता है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकता है। उद्यमी तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने इनक्यूवेशन सेंटर की स्थापना की है। समारोह में बीएससी ऑनर्स की एग्रीकल्चर की छात्रा मनीष दुहान को गोल्ड मेडल व उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. महापात्रा ने कहा कि इनक्यूवेशन सेंटर के जरिए युवा उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। यहां पर विभिन्न विषय पर न सिर्फ प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि प्रोजेक्ट तैयार करना भी सिखाया जाता है। मौजूदा समय में 25 ऐसे सेंटर खुले हैं, जल्द ही 25 और खुल जाएंगे। इसके अलावा कोर्स से संबंधित नए-नए शोध और नवीन जानकारियां देने के लिए फैकल्टी के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। कृषि पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर चुके हैं। इसी के चलते बुंदेलखंड के हर जिले में सीड हब बनाए गए हैं। इसके जरिए किसानों को उत्तम किस्म के बीज दिए जा रहे हैं। ताकि, उत्पादकता बढ़ सके। बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं है। बस जरूरत बरसात के पानी को एकत्र करने की है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में पशुपालन भी बढ़ना चाहिए। हरा चारा के लिए आईजीएफआरआई तो है ही।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने उपाधि और पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आप दीक्षांत समारोह को फेयरवेल सेरेमनी की तरह न लें। बल्कि, आज से खुद को कृषि विश्वविद्यालय का एल्यूमिनाई समझाकर गौरवान्वित हों। कृषि विश्वविद्यालय के 60 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जेआरएफ क्वालिफाई किया है, यह बहुत अच्छी बात है। उच्च शिक्षा, शोध नई तकनीकों, कृषि क्षेत्र में नए आयाम बनाने के लिए तो अब शुरूआत हो गई है। ज्ञान, बुद्धिमतता, जुनून के साथ कुछ नया करने के लिए प्रयासरत रहें। ऐसा आइडिया पर काम करें, जो कि समाज की बेहतरी में हो। कहा कि बुंदेलखंड बदलेगा तो उत्तर प्रदेश बदलेगा और जब उत्तर प्रदेश बदलेगा तो देश बदलेगा।
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वहीं, कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। कहा कि बुंदेलखंड को दलहन और तिलहन का हब बनाने के लिए नई-नई उन्नत किस्में तैयार करने पर शोध किया जा रहा है। बाहर से किस्में मंगवाकर किसानों को दी जा रही हैं। इससे अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। समय-समय पर विश्वविद्यालय के शिक्षक गांवों का भ्रमण कर किसानों को तकनीक, किस्मों आदि के संबंध में जागरूक भी करते हैं। चार-पांच सालों में विश्वविद्यालय में तेजी से निर्माण कार्य भी हुआ है। जल्द ही मुख्य इमारत शुरू हो जाएगी।
इसके बाद बीएससी ऑनर्स की एग्रीकल्चर की छात्रा मनीष दुहान को गोल्ड मेडल व उपाधि प्रदान की गई। वहीं, इसी बैच की रोशनी, सुनील कुमार, रोहित कुमार श्रीवास्तव, सावन कुमार को भी उपाधि मिलीं। कार्यक्रम में कुलसचिव मुकेश श्रीवास्तव, बीआईईटी निदेशक प्रो. वीके त्यागी, भाजपा जिलाध्यक्ष जमुना कुशवाहा, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. एसपी सिंह, डॉ. सीबी सिंह, डॉ. मीनाक्षी आर्या, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अलका जैन, डॉ. अंशुमान सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. श्रवण शुक्ला, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. पंकज लवानिया, डॉ. प्रभात तिवारी, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. ऋषि सक्सेना मौजूद रहे।
कुलपति की तारीफ की
डॉ. महापात्रा ने कुलपति डॉ. अरविंद कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय को शून्य से यहां तक पहुंचाया है। विश्वविद्यालय ने तेजी से प्रगति की है। इसकी प्रशंसा कृषि मंत्री राधामोहन सिंह भी करते हैं। इससे यहां के क्षेत्र को काफी फायदा होगा। कहा कि तीन साल के अंदर विश्वविद्यालय में काफी सुविधाएं हो जाएंगी।
दतिया में खुलेगा वेटनरी कॉलेज
मुख्य अतिथि ने बताया कि दतिया में वेटनरी कॉलेज खुल रहा है। कॉलेज खुल जाने के बाद यहां पर पशुपालन को बढ़ावा मिल सकेगा।
2014 में हुआ शुभारंभ
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का वर्ष 2014 में शुभारंभ हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने प्रयास कर झांसी में देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय शुरू कराया। चार साल बाद सोमवार को इसका पहला दीक्षांत समारोह हुआ।
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के डायरेक्ट जनरल डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप ज्ञान की वृद्धि कर समाज और देश की उन्नति में लगाएं। हर विद्यार्थी को नौकरी नहीं मिल सकती है, ऐसे में वह युवा उद्यमी बनकर न सिर्फ स्वरोजगार पा सकता है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकता है। उद्यमी तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने इनक्यूवेशन सेंटर की स्थापना की है। समारोह में बीएससी ऑनर्स की एग्रीकल्चर की छात्रा मनीष दुहान को गोल्ड मेडल व उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. महापात्रा ने कहा कि इनक्यूवेशन सेंटर के जरिए युवा उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। यहां पर विभिन्न विषय पर न सिर्फ प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि प्रोजेक्ट तैयार करना भी सिखाया जाता है। मौजूदा समय में 25 ऐसे सेंटर खुले हैं, जल्द ही 25 और खुल जाएंगे। इसके अलावा कोर्स से संबंधित नए-नए शोध और नवीन जानकारियां देने के लिए फैकल्टी के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। कृषि पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कर चुके हैं। इसी के चलते बुंदेलखंड के हर जिले में सीड हब बनाए गए हैं। इसके जरिए किसानों को उत्तम किस्म के बीज दिए जा रहे हैं। ताकि, उत्पादकता बढ़ सके। बुंदेलखंड में पानी की कमी नहीं है। बस जरूरत बरसात के पानी को एकत्र करने की है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में पशुपालन भी बढ़ना चाहिए। हरा चारा के लिए आईजीएफआरआई तो है ही।
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समारोह की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने उपाधि और पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आप दीक्षांत समारोह को फेयरवेल सेरेमनी की तरह न लें। बल्कि, आज से खुद को कृषि विश्वविद्यालय का एल्यूमिनाई समझाकर गौरवान्वित हों। कृषि विश्वविद्यालय के 60 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जेआरएफ क्वालिफाई किया है, यह बहुत अच्छी बात है। उच्च शिक्षा, शोध नई तकनीकों, कृषि क्षेत्र में नए आयाम बनाने के लिए तो अब शुरूआत हो गई है। ज्ञान, बुद्धिमतता, जुनून के साथ कुछ नया करने के लिए प्रयासरत रहें। ऐसा आइडिया पर काम करें, जो कि समाज की बेहतरी में हो। कहा कि बुंदेलखंड बदलेगा तो उत्तर प्रदेश बदलेगा और जब उत्तर प्रदेश बदलेगा तो देश बदलेगा।
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वहीं, कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। कहा कि बुंदेलखंड को दलहन और तिलहन का हब बनाने के लिए नई-नई उन्नत किस्में तैयार करने पर शोध किया जा रहा है। बाहर से किस्में मंगवाकर किसानों को दी जा रही हैं। इससे अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। समय-समय पर विश्वविद्यालय के शिक्षक गांवों का भ्रमण कर किसानों को तकनीक, किस्मों आदि के संबंध में जागरूक भी करते हैं। चार-पांच सालों में विश्वविद्यालय में तेजी से निर्माण कार्य भी हुआ है। जल्द ही मुख्य इमारत शुरू हो जाएगी।
इसके बाद बीएससी ऑनर्स की एग्रीकल्चर की छात्रा मनीष दुहान को गोल्ड मेडल व उपाधि प्रदान की गई। वहीं, इसी बैच की रोशनी, सुनील कुमार, रोहित कुमार श्रीवास्तव, सावन कुमार को भी उपाधि मिलीं। कार्यक्रम में कुलसचिव मुकेश श्रीवास्तव, बीआईईटी निदेशक प्रो. वीके त्यागी, भाजपा जिलाध्यक्ष जमुना कुशवाहा, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. एसपी सिंह, डॉ. सीबी सिंह, डॉ. मीनाक्षी आर्या, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. अलका जैन, डॉ. अंशुमान सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. श्रवण शुक्ला, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डॉ. पंकज लवानिया, डॉ. प्रभात तिवारी, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. ऋषि सक्सेना मौजूद रहे।
कुलपति की तारीफ की
डॉ. महापात्रा ने कुलपति डॉ. अरविंद कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय को शून्य से यहां तक पहुंचाया है। विश्वविद्यालय ने तेजी से प्रगति की है। इसकी प्रशंसा कृषि मंत्री राधामोहन सिंह भी करते हैं। इससे यहां के क्षेत्र को काफी फायदा होगा। कहा कि तीन साल के अंदर विश्वविद्यालय में काफी सुविधाएं हो जाएंगी।
दतिया में खुलेगा वेटनरी कॉलेज
मुख्य अतिथि ने बताया कि दतिया में वेटनरी कॉलेज खुल रहा है। कॉलेज खुल जाने के बाद यहां पर पशुपालन को बढ़ावा मिल सकेगा।
2014 में हुआ शुभारंभ
रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का वर्ष 2014 में शुभारंभ हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने प्रयास कर झांसी में देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय शुरू कराया। चार साल बाद सोमवार को इसका पहला दीक्षांत समारोह हुआ।