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हर पार्टी का जिले में अलग से नामित होगा पदाधिकारी
Updated Sat, 28 Oct 2017 08:14 PM IST
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हर पार्टी का जिले में अलग से नामित होगा पदाधिकारी
सब हेड... निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए की व्यवस्था
- नामित व्यक्ति आरओ को देगा अधिकृत प्रत्याशी की जानकारी
- विवादों के स्थानीय स्तर पर समाधान के लिए उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगरीय निकाय चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों को जिले में अपने एक पदाधिकारी को अलग से नामित करना होगा, जो आयोग को अपने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की जानकारी देगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है कि प्रत्याशी को लेकर किसी तरह की विवाद की स्थिति में उसका स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके।
राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय /प्रदेश अध्यक्ष या सचिव द्वारा अपनी पार्टी के किसी व्यक्ति को जिले में नामित किया जाएगा। पार्टी की ओर से नामित व्यक्ति की सूचना निर्वाचन आयोग के प्रारूप 7 (ख) पर रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। साथ ही इसकी प्रतिलिपि जिला मजिस्ट्रेट /जिला निर्वाचन अधिकारी को भी देनी होगी। यह पदाधिकारी अपनी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देगा। पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन फार्म के साथ नामित व्यक्ति की ओर से जारी पत्र भी लगाना होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) समर सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशियों को लेकर पैदा होने वाली किसी भी तरह की शंका का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सकेगा।
प्रत्याशी का विकल्प भी बताना होगा
राजनीतिक दलों को अधिकृत प्रत्याशी के साथ-साथ उसका विकल्प भी बताना होगा, ताकि, अधिकृत प्रत्याशी का किन्हीं कारणों से नामांकन पत्र निरस्त होने की स्थिति में उसके विकल्प को प्रत्याशी घोषित किया जा सके। नामांकन पत्र के साथ इसकी जानकारी देनी होगी। विकल्प में जिस व्यक्ति का नाम होगा, उसे भी नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। प्रत्याशी का नामांकन सही पाए जाने के बाद वह अपना नामांकन पत्र वापस ले सकेगा।
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एक प्रस्तावक की होगी जरूरत
महापौर और पार्षद पद के प्रत्याशियों को सिर्फ एक प्रस्तावक की जरूरत होगी। महापौर के लिए प्रस्तावक नगर के किसी भी वार्ड का हो सकता है, जबकि पार्षद के प्रस्तावक का उस वार्ड का होना जरूरी है, जहां से चुनाव लड़ा जा रहा है। प्रत्याशी को एक फोटो नामांकन पत्र पर चस्पा करनी होगी और दूसरी नत्थी करनी होगी। जबकि, प्रस्तावक की केवल एक ही फोटो लगेगी। आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपना जाति प्रमाण पत्र भी नामांकन पत्र के साथ लगाना होगा। इसके अलावा नगर निगम, जल संस्थान, बिजली विभाग का नो ड्यूज भी देना होगा। एक व्यक्ति पार्षद का चुनाव अधिकतम दो वार्डों से लड़ सकता है।
यह भी जानें
-----------
- महापौर के लिए न्यूनतम आयु 30 और पार्षद के लिए 21 वर्ष होना जरूरी है।
- सरकारी नौकरी से भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त व्यक्ति छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते।
- अपराध में दोषी होने पर दो साल तक की सजा पाने वाले व्यक्ति जेल से छूटने के पांच साल बाद ही चुनाव लड़ सकते हैं।
सब हेड... निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए की व्यवस्था
- नामित व्यक्ति आरओ को देगा अधिकृत प्रत्याशी की जानकारी
- विवादों के स्थानीय स्तर पर समाधान के लिए उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगरीय निकाय चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों को जिले में अपने एक पदाधिकारी को अलग से नामित करना होगा, जो आयोग को अपने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की जानकारी देगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है कि प्रत्याशी को लेकर किसी तरह की विवाद की स्थिति में उसका स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके।
राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय /प्रदेश अध्यक्ष या सचिव द्वारा अपनी पार्टी के किसी व्यक्ति को जिले में नामित किया जाएगा। पार्टी की ओर से नामित व्यक्ति की सूचना निर्वाचन आयोग के प्रारूप 7 (ख) पर रिटर्निंग ऑफिसर को देनी होगी। साथ ही इसकी प्रतिलिपि जिला मजिस्ट्रेट /जिला निर्वाचन अधिकारी को भी देनी होगी। यह पदाधिकारी अपनी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर को देगा। पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन फार्म के साथ नामित व्यक्ति की ओर से जारी पत्र भी लगाना होगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) समर सिंह ने बताया कि इस व्यवस्था से पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशियों को लेकर पैदा होने वाली किसी भी तरह की शंका का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सकेगा।
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प्रत्याशी का विकल्प भी बताना होगा
राजनीतिक दलों को अधिकृत प्रत्याशी के साथ-साथ उसका विकल्प भी बताना होगा, ताकि, अधिकृत प्रत्याशी का किन्हीं कारणों से नामांकन पत्र निरस्त होने की स्थिति में उसके विकल्प को प्रत्याशी घोषित किया जा सके। नामांकन पत्र के साथ इसकी जानकारी देनी होगी। विकल्प में जिस व्यक्ति का नाम होगा, उसे भी नामांकन पत्र दाखिल करना होगा। प्रत्याशी का नामांकन सही पाए जाने के बाद वह अपना नामांकन पत्र वापस ले सकेगा।
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एक प्रस्तावक की होगी जरूरत
महापौर और पार्षद पद के प्रत्याशियों को सिर्फ एक प्रस्तावक की जरूरत होगी। महापौर के लिए प्रस्तावक नगर के किसी भी वार्ड का हो सकता है, जबकि पार्षद के प्रस्तावक का उस वार्ड का होना जरूरी है, जहां से चुनाव लड़ा जा रहा है। प्रत्याशी को एक फोटो नामांकन पत्र पर चस्पा करनी होगी और दूसरी नत्थी करनी होगी। जबकि, प्रस्तावक की केवल एक ही फोटो लगेगी। आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपना जाति प्रमाण पत्र भी नामांकन पत्र के साथ लगाना होगा। इसके अलावा नगर निगम, जल संस्थान, बिजली विभाग का नो ड्यूज भी देना होगा। एक व्यक्ति पार्षद का चुनाव अधिकतम दो वार्डों से लड़ सकता है।
यह भी जानें
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- महापौर के लिए न्यूनतम आयु 30 और पार्षद के लिए 21 वर्ष होना जरूरी है।
- सरकारी नौकरी से भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त व्यक्ति छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकते।
- अपराध में दोषी होने पर दो साल तक की सजा पाने वाले व्यक्ति जेल से छूटने के पांच साल बाद ही चुनाव लड़ सकते हैं।