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सिविक एमीनिटीज: जल संस् थान की लापरवाही-City

Fri, 29 Sep 2017 09:11 PM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 09:11 PM IST
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सिविक एमीनिटीज: जल संस्
थान की लापरवाही-City
फोटो
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जल संस्थान की लापरवाही, पड़ सकती है भारी
- सीडब्लूआर के सात चैंबर हो चुके चोरी, अंदर जा रही गंदगी
- नरसिंह राव टौरिया पानी की टंकी पर रखरखाव का बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जल संस्थान की लापरवाही कभी भी लोगों पर भारी पड़ सकती है। दरअसल, जल संस्थान नरसिंह राव टौरिया क्षेत्र में बने सीडब्लूआर (स्वच्छ जलाशय या भूमिगत टैंक) के रखरखाव के प्रति उदासीन है। सीडब्लूआर में सात लोहे के चैंबर चोरी हो चुके हैं। उनको पत्थर से अधूरा ढका गया है, इससे इन चैंबरों से गंदगी भर रही है और पानी दूषित हो रहा है।
नरसिंह राव टौरिया पर अंग्रेजों के जमाने से 900 किलो लीटर क्षमता का भूमिगत टैंक बना हुआ है। पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर होकर आने वाले पानी को इस टैंक में भरा जाता है। शहर क्षेत्र की आबादी जब कम थी, तब इसी टैंक से अधिकांश घरों तक पानी पहुंचाया जाता था। बढ़ते कनेक्शनों के हिसाब से यहां पर छह सौ लीटर का एक और भूमिगत टैंक और 1500 किलो लीटर की टंकी बना दी गई। माताटीला बांध से आने वाले पानी से नई टंकी को भरने की व्यवस्था की गई है। मगर, ऊंचाई की वजह से यह व्यवस्था कारगर साबित नहीं हो सकी। इन दिनों पुराने भूमिगत टैंक से ही शहर की घनी आबादी वाले 20 से अधिक क्षेत्रों को पानी की सप्लाई दी जा रही है। इसके बाद भी इस टैंक के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। टैंक में सात लोहे के चैंबर लगे थे, जिनको खोलकर कर्मचारी साफ-सफाई के लिए अंदर जाते हैं, मगर ये चोरी हो चुके हैं। कर्मचारियों ने चैंबर पत्थर से ढक रखे हैं। पत्थर रखने के बाद भी वे आधे खुले रहते हैं। इससे हर समय उनमें गंदगी जाती रहती है। खुले चैंबर से बंदर, कुत्ता, बिल्ली, छिपकली जैसे जानवर और जंतु इसमें गिर सकते हैं। यहां तैनात कर्मचारी इस समस्या से अपने उच्च अधिकारियों का कई बार अवगत करा चुके हैं, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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‘मुझे समस्या की जानकारी नहीं है। सोमवार को जेई भेजकर रिपोर्ट लूंगा। अगर कमियां हैं तो उनको शीघ्र दूर किया जाएगा।’
- गजानन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।

तीन साल से नहीं बदली सफाई की तिथि
भूमिगत टैंक पर टैंक सफाई की पूर्व तिथि 20 जून 2013 और टैंक सफाई की वर्तमान तिथि 13 जून 2016 लिखी हुई है। तिथि देखकर तो यही लगता है कि टंकी की सफाई पिछले तीन साल से नहीं हुई है। हालांकि, कर्मचारियों की मानें, तो एक महीने पहले टंकी की सफाई की गई थी। टंकी के पुरानी होने के कारण उसमें सीमेंट की परतें गिर रही हैं। इससे गंदगी और ज्यादा हो जाती है।
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इन क्षेत्रों में होती है सप्लाई
नरसिंह राव टौरिया भूमिगत टंकी से नरसिंह राव, झारखड़िया, लक्ष्मण गंज, गंधीगर का टपरा, सांई का तकिया, पुरानी नझाई, गोला कुआं, नई बस्ती, अलीगोल, राई का ताजिया समेत आसपास क्षेत्रों को पानी की सप्लाई दी जाती है।

छह दिन से ठप थी सप्लाई
दतिया गेट फिल्टर पर स्टार्टर खराब होने के कारण पिछले छह दिन से टंकी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इससे टंकी से जुड़े क्षेत्रों की सप्लाई ठप थी। त्योहार के समय संबंधित क्षेत्र के लोग परेशान हो रहे थे। शुक्रवार से ही आपूर्ति सामान्य हो सकी है।


गोबर के ढेर से कमजोर हो रही टंकी
नरसिंह राव टौरिया पर पानी की टंकी के आधे परिसर पर एक प्रभावशाली व्यक्ति ने अतिक्रमण कर रखा है। वह परिसर के अंदर अपनी भैंसें बांधता है और उनका गोबर भी वहीं डाल रखा है। गोबर का ढेर नई टंकी के नीचे लगा रहता है, जिससे टंकी के पोल का सीमेंट धीरे-धीरे हटता जा रहा है। इससे टंकी कमजोर हो रही है। विभाग ने अतिक्रमण को कई बार हटवाने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली।
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