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अदर्स- शिकायतों में उलझे अफसर-City
Updated Mon, 04 Sep 2017 09:31 PM IST
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अदर्स
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शिकायतकर्ताओं का पता लापता, ‘उलझे’ अफसर
- कम नहीं हो रहीं मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली शिकायतें
दिन भर होती है मॉनिटरिंग, नहीं मिल पा रहा समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत करने वाले न तो अपना पूरा पता लिख रहे हैं और न ही अपना मोबाइल नंबर डाल रहे हैं। ऐसे में उनके शिकायतों का समाधान करने में अफसर उलझे हुए हैं। अधिकारियों की स्थिति यह है कि वह कार्यालय खुलने पर शिकायतें लेकर बैठ जाते हैं और दिन भर मानीटरिंग चलती है कि कौन सी शिकायत हल हो गई और कौन सी नहीं।
शिकायतों की कैटेगिरी अलग-अलग बनाई गई है। मुख्यमंत्री लंबित संदर्भ शिकायतों में से 52 शिकायतें ऐसी पेंडिंग हैं, जिनकी समयावधि निकल गई। जिलाधिकारी संदर्भ शिकायतों में से 61 की समयावधि निकल गई, ऑनलाइन शिकायतों में से 102 की समयावधि निकल गई। इसी तरह से पीजी पोर्टल और संपूर्ण समाधान दिवस समेत अन्य सभी शिकायतों की संख्या 750 है, जिनका अभी तक समाधान नहीं हो सका है।
नगर निगम भी इसी तरह की शिकायतों में ही उलझा हुआ है। कई शिकायतें ऐसी भी हैं, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम सही नहीं लिखा है तो किसी में मोबाइल नंबर नहीं लिखा है, किसी में पता आधा-अधूरा लिखा है। इस तरह की शिकायतों के समाधान में नगर निगम चकरघिन्नी बना हुआ है। एक शिकायत में एक व्यक्ति ने केवल आरके सिंह नंदनपुरा लिख दिया और न तो उसने कोई मोबाइल नंबर लिखा है और न ही सही पता है। नगर निगम इस व्यक्ति को खोज नहीं पा रहा है कि आखिर कौन सा व्यक्ति है।
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दूसरी ओर, शिकायतें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिकायतें उनके यहां तक पहुंच रही हैं, इसका मतलब है कि स्थानीय अफसर काम नहीं कर रहे हैं। दूसरा पहलू यह है कि शिकायत क रने वाले अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं और कोई अपने पड़ोसी तो कोई अपने दुश्मन को परेशान कर रहा है।
सर्वाधिक शिकायतें डीएम व एसएसपी की
जिलाधिकारी के नाम से 176 शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम से 94, लीड बैंक मैनेजर की 42, जिला पंचायत राज अधिकारी की 31, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की 29, मुख्य विकास अधिकारी की 28 और अधिशासी अभियंता जल संस्थान की 25 शिकायतें पेंडिंग हैं। जिलाधिकारी ने पेंडिंग शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी सप्ताह शिकायतों की समीक्षा करेंगे, इसमें देखा जाएगा कि किस विभाग की कितनी शिकायतें पेंडिंग चल रही हैं। समीक्षा को देखते हुए सभी विभाग शिकायतों के समाधान में जुटे हुए हैं, ताकि मुख्यमंत्री के कोप का शिकार न बनना पड़े।
नहीं मिल रही सही लोकेशन
शिकायतकर्ता का पता आधा-अधूरा होने के कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। ऐसी शिकायतें ज्यादातर परेशान करने की मंशा से की जा रही हैं। इनका कोई समाधान नहीं है।
- रोहन सिंह्र
अपर नगर आयुक्त
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शिकायतकर्ताओं का पता लापता, ‘उलझे’ अफसर
- कम नहीं हो रहीं मुख्यमंत्री को भेजी जाने वाली शिकायतें
दिन भर होती है मॉनिटरिंग, नहीं मिल पा रहा समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत करने वाले न तो अपना पूरा पता लिख रहे हैं और न ही अपना मोबाइल नंबर डाल रहे हैं। ऐसे में उनके शिकायतों का समाधान करने में अफसर उलझे हुए हैं। अधिकारियों की स्थिति यह है कि वह कार्यालय खुलने पर शिकायतें लेकर बैठ जाते हैं और दिन भर मानीटरिंग चलती है कि कौन सी शिकायत हल हो गई और कौन सी नहीं।
शिकायतों की कैटेगिरी अलग-अलग बनाई गई है। मुख्यमंत्री लंबित संदर्भ शिकायतों में से 52 शिकायतें ऐसी पेंडिंग हैं, जिनकी समयावधि निकल गई। जिलाधिकारी संदर्भ शिकायतों में से 61 की समयावधि निकल गई, ऑनलाइन शिकायतों में से 102 की समयावधि निकल गई। इसी तरह से पीजी पोर्टल और संपूर्ण समाधान दिवस समेत अन्य सभी शिकायतों की संख्या 750 है, जिनका अभी तक समाधान नहीं हो सका है।
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नगर निगम भी इसी तरह की शिकायतों में ही उलझा हुआ है। कई शिकायतें ऐसी भी हैं, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम सही नहीं लिखा है तो किसी में मोबाइल नंबर नहीं लिखा है, किसी में पता आधा-अधूरा लिखा है। इस तरह की शिकायतों के समाधान में नगर निगम चकरघिन्नी बना हुआ है। एक शिकायत में एक व्यक्ति ने केवल आरके सिंह नंदनपुरा लिख दिया और न तो उसने कोई मोबाइल नंबर लिखा है और न ही सही पता है। नगर निगम इस व्यक्ति को खोज नहीं पा रहा है कि आखिर कौन सा व्यक्ति है।
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दूसरी ओर, शिकायतें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिकायतें उनके यहां तक पहुंच रही हैं, इसका मतलब है कि स्थानीय अफसर काम नहीं कर रहे हैं। दूसरा पहलू यह है कि शिकायत क रने वाले अपनी खुन्नस निकाल रहे हैं और कोई अपने पड़ोसी तो कोई अपने दुश्मन को परेशान कर रहा है।
सर्वाधिक शिकायतें डीएम व एसएसपी की
जिलाधिकारी के नाम से 176 शिकायतें, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम से 94, लीड बैंक मैनेजर की 42, जिला पंचायत राज अधिकारी की 31, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की 29, मुख्य विकास अधिकारी की 28 और अधिशासी अभियंता जल संस्थान की 25 शिकायतें पेंडिंग हैं। जिलाधिकारी ने पेंडिंग शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी सप्ताह शिकायतों की समीक्षा करेंगे, इसमें देखा जाएगा कि किस विभाग की कितनी शिकायतें पेंडिंग चल रही हैं। समीक्षा को देखते हुए सभी विभाग शिकायतों के समाधान में जुटे हुए हैं, ताकि मुख्यमंत्री के कोप का शिकार न बनना पड़े।
नहीं मिल रही सही लोकेशन
शिकायतकर्ता का पता आधा-अधूरा होने के कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। ऐसी शिकायतें ज्यादातर परेशान करने की मंशा से की जा रही हैं। इनका कोई समाधान नहीं है।
- रोहन सिंह्र
अपर नगर आयुक्त