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65 रुपये का रेल टिकट 240 में
Updated Wed, 21 Jun 2017 01:00 AM IST
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65 रुपये का रेल टिकट 240 में
ललितपुर।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जेब हल्की की जा रही है। यहां 65 रुपये का टिकट 240 रुपये में बेचा गया है। यात्रियों को जानकारी न होने के कारण वे शिकार बन रहे हैं।
कटरा बाजार निवासी एक युवक ने अपने दो परिचितों का बरेली से ललितपुर तक का बरेली-इंदौर एक्सप्रेस से 14 जून को 21 जून की यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में रिजर्वेशन करवाया। इसके एवज में उससे एक हजार रुपये लिए गए, जबकि इस टिकट की कीमत मात्र 650 रुपये ही है। रेलवे अधिकारी इस गलती को मानवीय भूल कहकर टालने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बरेली-इंदौर एक्सप्रेस ललितपुर नहीं आती है। इस कारण ललितपुर तक के लिए ब्लैंक पेपर टिकट बनाया गया। इस ट्रेन का झांसी तक 490 किलोमीटर का स्लीपर क्लास का प्रति व्यक्ति किराया 260 रुपये है। दो लोगों के हिसाब से यह किराया 520 होता है। इसके अलावा झांसी से ललितपुर की दूरी 90 किलोमीटर के हिसाब से 65 रुपये स्लीपर का किराया लिया जाना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों द्वारा यह किराया 240 लिया गया। दो लोगों के हिसाब से यह किराया 130 रुपये होना चाहिए जो बढ़ाकर 480 रुपये वसूला गया।
कैसे हुई गलती
रेलवे अधिकारियों की मानें तो यह मानवीय भूल है। उनका कहना है कि कई स्टेशनों की दूरी का डाटा फीड न होने के कारण पास के स्टेशनों की दूरी का पता करके किलोमीटर डाल दिया जाता है। इससे किलोमीटर के हिसाब से किराया प्रिंट हो जाता है। इस टिकट में किलोमीटर अधिक लिखे जाने के कारण किराया अधिक प्रिंट हो गया है। रेलवे के अनुसार बरेली से ललितपुर की दूरी 580 किलोमीटर है, जबकि टिकट में यह दूरी 1134 किलोमीटर प्रिंट हो गई है। रेलवे की दूरी के अनुसार 580 किलोमीटर का किराया 650 रुपये है जबकि 1134 किलोमीटर की दूरी का किराया एक हजार रुपये हो गया।
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ब्लैंक पेपर टिकट में किलोमीटर मैनुअली फीड करना पड़ता है, इस कारण अधिक किराया प्रिंट हो गया है। यात्रियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने टिकट पर किलोमीटर और टिकट की कीमत जांच लें। इससे गलती की संभावना न हो, फिर भी गलती की जांच की जाएगी।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे
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ललितपुर।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जेब हल्की की जा रही है। यहां 65 रुपये का टिकट 240 रुपये में बेचा गया है। यात्रियों को जानकारी न होने के कारण वे शिकार बन रहे हैं।
कटरा बाजार निवासी एक युवक ने अपने दो परिचितों का बरेली से ललितपुर तक का बरेली-इंदौर एक्सप्रेस से 14 जून को 21 जून की यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में रिजर्वेशन करवाया। इसके एवज में उससे एक हजार रुपये लिए गए, जबकि इस टिकट की कीमत मात्र 650 रुपये ही है। रेलवे अधिकारी इस गलती को मानवीय भूल कहकर टालने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बरेली-इंदौर एक्सप्रेस ललितपुर नहीं आती है। इस कारण ललितपुर तक के लिए ब्लैंक पेपर टिकट बनाया गया। इस ट्रेन का झांसी तक 490 किलोमीटर का स्लीपर क्लास का प्रति व्यक्ति किराया 260 रुपये है। दो लोगों के हिसाब से यह किराया 520 होता है। इसके अलावा झांसी से ललितपुर की दूरी 90 किलोमीटर के हिसाब से 65 रुपये स्लीपर का किराया लिया जाना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों द्वारा यह किराया 240 लिया गया। दो लोगों के हिसाब से यह किराया 130 रुपये होना चाहिए जो बढ़ाकर 480 रुपये वसूला गया।
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कैसे हुई गलती
रेलवे अधिकारियों की मानें तो यह मानवीय भूल है। उनका कहना है कि कई स्टेशनों की दूरी का डाटा फीड न होने के कारण पास के स्टेशनों की दूरी का पता करके किलोमीटर डाल दिया जाता है। इससे किलोमीटर के हिसाब से किराया प्रिंट हो जाता है। इस टिकट में किलोमीटर अधिक लिखे जाने के कारण किराया अधिक प्रिंट हो गया है। रेलवे के अनुसार बरेली से ललितपुर की दूरी 580 किलोमीटर है, जबकि टिकट में यह दूरी 1134 किलोमीटर प्रिंट हो गई है। रेलवे की दूरी के अनुसार 580 किलोमीटर का किराया 650 रुपये है जबकि 1134 किलोमीटर की दूरी का किराया एक हजार रुपये हो गया।
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ब्लैंक पेपर टिकट में किलोमीटर मैनुअली फीड करना पड़ता है, इस कारण अधिक किराया प्रिंट हो गया है। यात्रियों को भी ध्यान रखना चाहिए कि वह अपने टिकट पर किलोमीटर और टिकट की कीमत जांच लें। इससे गलती की संभावना न हो, फिर भी गलती की जांच की जाएगी।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ रेलवे