फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   मानसून एक्सप्रेस ने तय किया आधा सफर-City

मानसून एक्सप्रेस ने तय किया आधा सफर-City

Thu, 23 Aug 2018 07:36 AM IST
Updated Thu, 23 Aug 2018 07:36 AM IST
विज्ञापन
मानसून एक्सप्रेस ने तय किया आधा सफर-City
मानसून एक्सप्रेस’ ने तय किया आधा सफर
विज्ञापन

झांसी। अगस्त माह अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन जिले में बारिश अभी सामान्य से आधी ही हुई है। जनपद में सामान्य बारिश का आंकड़ा 797 मिमी है, इसके सापेक्ष अब तक 399 मिमी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर तक बारिश का अनुमान है। बारिश सामान्य आंकड़े को तो नहीं छू पाएगी, लेकिन उसके करीब जरूर पहुंच जाएगी।
मौसम विभाग द्वारा इस बार अच्छी बारिश का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन, मानसून का रुख शुरुआत से ही उखड़ा नजर आया। जून में मामूली बरसात ही हुई और जुलाई का पहला पखवाड़ा भी सूखा निकल गया। दूसरे पखवाड़े में बादल झमाझम बरसे, जिससे धरती की सूखी कोख पर हरियाली छा गई। जुलाई तक 331 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। उम्मीद अगस्त से थी। लेकिन, दो बार हुई बारिश को छोड़ दिया जाए तो अगस्त के पहले पखवाड़े ने निराश ही किया। लेकिन, पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से स्थिति में कुछ सुधार आया है। बारिश का आंकड़ा 399.2 मिलीमीटर पर पहुंच गया है।
विज्ञापन

कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि अगस्त में अभी लगातार बारिश के आसार हैं। उम्मीद है कि इस महीने के अंतिम दिनों में पूरे महीने का कोटा पूरा हो जाएगा। इसके अलावा सितंबर में भी बारिश होगी। इससे पानी पर्याप्त हो जाएगा। हालांकि, बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर पर पहुंचने की अभी संभावना नहीं है। लेकिन, सामान्य के करीब जरूर पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीफ के लिए उपयुक्त है मौसम
खरीफ की फसल के लिए मौसम एकदम उपयुक्त है। तिल, मूंगफली, उरद, मूंग और अरहर की फसल के लिए मौसम अच्छा है। बीच-बीच में धूप निकलना फसलों के लिए लाभप्रद साबित हो रहा है। इससे फसलों में कीड़े और बीमारियों का प्रकोप नहीं रहता है। कृषि मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि किसान खेतों में जलभराव न होने दें। पानी की निकासी का इंतजाम करें।


सात साल में दो बार ही सामान्य मानसून
पिछले सात सालों में सिर्फ दो बार ही सामान्य से अधिक बारिश हुई है। 2011 में 870 और 2013 में 1028 मिमी बारिश हुई थी। जबकि, 2012 में 678, 2014 में 402, 2015 में 384, 2016 में 540 और पिछले साल 2017 में 381 मिमी ही बारिश हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed