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विश्वस्तरीय है भेल की उत्पादन क्षमता और गुणवता
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झांसी। शुक्रवार को भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की झांसी इकाई में कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस ‘डब्लूएजी - 7’ इंजन रेलवे को समर्पित किया गया। इस अवसर पर भेल की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बताया गया।
इस अवसर पर भेल के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक अतुल सोबती ने कहा कि आज कंपनी की निर्माण क्षमता और उत्पाद गुणवत्ता विश्वस्तरीय है। प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया अभियान के तहत भेल ने ऊर्जा उपकरणों के साथ परिवहन, रक्षा आदि समेत अन्य क्षेत्रों में कदम बढ़ाने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया है। भेल ने रेल विद्युतीकरण की दिशा में भी काम शुरू किया है। आज कंपनी की आर्डर बुक 1,17,000 करोड़ रुपये की है।
समारोह में मौजूद रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रक्शन) घनश्याम सिंह ने कहा कि भेल और रेलवे के बीच तकनीकी व व्यावसायिक सहयोग से देश में औद्योगिक क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। भारत तकनीकी में किसी से पीछे नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं उद्योग क्षेत्र में दुनिया का मार्गदर्शन करने में समर्थ है। भेल द्वारा विकसित रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली रेलवे के लिए विशेष लाभकारी साबित होगी।
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इस अवसर पर नई तकनीकी से लैस इंजन को विधिवत पूजन अर्चन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस मौके पर भेल के निदेशक एस बालाकृष्णनन, मंडल रेल प्रबंधक ए के मिश्रा, प्रिंसिपल ईडी ओ पी केसरी, एडीआरएम संजय नेगी आदि समेत भेल और रेल के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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इस अवसर पर भेल के अध्यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक अतुल सोबती ने कहा कि आज कंपनी की निर्माण क्षमता और उत्पाद गुणवत्ता विश्वस्तरीय है। प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया अभियान के तहत भेल ने ऊर्जा उपकरणों के साथ परिवहन, रक्षा आदि समेत अन्य क्षेत्रों में कदम बढ़ाने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया है। भेल ने रेल विद्युतीकरण की दिशा में भी काम शुरू किया है। आज कंपनी की आर्डर बुक 1,17,000 करोड़ रुपये की है।
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समारोह में मौजूद रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रक्शन) घनश्याम सिंह ने कहा कि भेल और रेलवे के बीच तकनीकी व व्यावसायिक सहयोग से देश में औद्योगिक क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है। भारत तकनीकी में किसी से पीछे नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं उद्योग क्षेत्र में दुनिया का मार्गदर्शन करने में समर्थ है। भेल द्वारा विकसित रीजेनरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली रेलवे के लिए विशेष लाभकारी साबित होगी।
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इस अवसर पर नई तकनीकी से लैस इंजन को विधिवत पूजन अर्चन कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस मौके पर भेल के निदेशक एस बालाकृष्णनन, मंडल रेल प्रबंधक ए के मिश्रा, प्रिंसिपल ईडी ओ पी केसरी, एडीआरएम संजय नेगी आदि समेत भेल और रेल के कई अधिकारी मौजूद रहे।