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कमिश्नर ने स्टेनो को किया निलंबित
Updated Tue, 08 Aug 2017 02:36 AM IST
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कमिश्नर ने स्टेनो को किया निलंबित
झांसी। सेना की गोपनीय सूचना लीक करने की जांच में फंसे अपर जिलाधिकारी के स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद मंडलायुक्त ने यह कार्रवाई की है। सोमवार को भी एटीएस की टीम इस मामले की जांच के लिए यहां डेरा डाले रही।
उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय से सेना की गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले सप्ताह के बृहस्पतिवार से एटीएस राघवेंद्र से कई बार इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया कि उप जिलाधिकारी कार्यालय में आने वालीं सेना से जुड़ीं गोपनीय सूचनाएं स्टेनो राघवेंद्र फोन पर लीक करता था। वह नौ डिजिट के मोबाइल नंबर पर पिछले सात-आठ सालों से यह सूचना लीक करता आ रहा था। इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने मंडलायुक्त को उपलब्ध कराई। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने रिपोर्ट के आधार पर स्टेनो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एक सूचना के मिलते थे नब्बे हजार
एटीएस की जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ मामले से जुड़े नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक सूचना लीक करने के एवज में नब्बे हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। साल 2009 से सूचनाएं लीक की जा रहीं थीं। इस साल अब तक सोलह बार सूचनाएं लीक की गईं। यह रकम किस तरह पहुंचाई जाती थी, इसकी पड़ताल जारी है। इसके लिए एटीएस ने स्टेनो और उसकी पत्नी की बैंक पासबुक कब्जे में ले रखीं हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा रकम भेजने के और तरीकों पर भी एटीएस का ध्यान है।
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झांसी। सेना की गोपनीय सूचना लीक करने की जांच में फंसे अपर जिलाधिकारी के स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद मंडलायुक्त ने यह कार्रवाई की है। सोमवार को भी एटीएस की टीम इस मामले की जांच के लिए यहां डेरा डाले रही।
उप जिलाधिकारी सदर कार्यालय से सेना की गोपनीय सूचना लीक करने के मामले में स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले सप्ताह के बृहस्पतिवार से एटीएस राघवेंद्र से कई बार इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया कि उप जिलाधिकारी कार्यालय में आने वालीं सेना से जुड़ीं गोपनीय सूचनाएं स्टेनो राघवेंद्र फोन पर लीक करता था। वह नौ डिजिट के मोबाइल नंबर पर पिछले सात-आठ सालों से यह सूचना लीक करता आ रहा था। इस पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने मंडलायुक्त को उपलब्ध कराई। मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने रिपोर्ट के आधार पर स्टेनो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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एक सूचना के मिलते थे नब्बे हजार
एटीएस की जांच आगे बढ़ने के साथ-साथ मामले से जुड़े नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक सूचना लीक करने के एवज में नब्बे हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। साल 2009 से सूचनाएं लीक की जा रहीं थीं। इस साल अब तक सोलह बार सूचनाएं लीक की गईं। यह रकम किस तरह पहुंचाई जाती थी, इसकी पड़ताल जारी है। इसके लिए एटीएस ने स्टेनो और उसकी पत्नी की बैंक पासबुक कब्जे में ले रखीं हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा रकम भेजने के और तरीकों पर भी एटीएस का ध्यान है।
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