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कम रीडिंग का बिजली बिल बनाने का खेल पकड़ा
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कम रीडिंग का बिजली बिल बनाने का खेल पकड़ा
ललितपुर। विद्युत विभाग की टीम ने छापामारी कर एक कंपनी के कर्मचारी और मीटर रीडर द्वारा रीडिंग स्टोर करके कम रीडिंग का बिल बनाने का मामला उजागर किया है। इसमें विभाग को लगभग 41 हजार 801 रुपये की चपत लगाई गई है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने ऐसे मीटर रीडरों व कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, ताकि हकीकत सामने आ सके।
नझाई बाजार स्थित 33 / 11केवी विद्युत उपकेंद्र पर तैनात उपखंड अधिकारी राजेश पटेल एवं अवर अभियंता मोहित सोनी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर बताया कि 10 जून की शाम करीब 6.20 बजे मोहल्ला करीमनगर निवासी एक व्यक्ति के परिसर में अंडरग्राउंड केबल क्षेत्र में एक विद्युत संयोजन पर स्थापित मीटर को उदयपुर की कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बदलकर नया मीटर लगाया जा रहा था।
जानकारी मिलने पर निरीक्षण किया गया। इसमें सामने आया कि वर्तमान रीडिंग 5864 केडब्ल्यूएच एवं अधिकतम मांग 5.84 केवडब्ल्यू है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता मीटर विद्युत परीक्षणशाला अखिलेश कुमार वर्मा, सुदीश सिंह उपस्थित रहे।
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उन्होंने आगे बताया कि उपभोक्ता के माह मई के बिजली के बिल में संबंधित मीटर रीडर द्वारा 1380 केडब्ल्यूएच रीडिंग अंकित कर कम रीडिंग का बिल बनाया गया था। यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में कंपनी के सुपरवाइजर विशाल व्यास द्वारा अवगत कराया कि इस क्षेत्र में तैनात मीटर रीडर द्वारा मीटर रीडिंग का कार्य किया जाता है।
उपभोक्ता से सांठगांठ करके उसके परिसर पर मीटर में रीडिंग स्टोर करके उपभोक्ता एवं व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के प्रयास किया गया है। इस प्रकार उपभोक्ता के परिसर में मीटर रीडर और मीटर बदलने वाली कंपनी कर्मचारी द्वारा सरकारी संपत्ति को खुर्दबुर्द करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और मीटर में रीडिंग स्टोर करते हुए मीटर को बदलकर वर्तमान रीडिंग गायब कर निगम को लगभाग 41 हजार 801 रुपये की राजस्व की क्षति पहुंचाते हुए गबन करने का प्रयास किया गया। अवर अभियंता एवं उपखंड अधिकारी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर मीटर रीडर, कंपनी कर्मचारी और उपभोक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
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ललितपुर। विद्युत विभाग की टीम ने छापामारी कर एक कंपनी के कर्मचारी और मीटर रीडर द्वारा रीडिंग स्टोर करके कम रीडिंग का बिल बनाने का मामला उजागर किया है। इसमें विभाग को लगभग 41 हजार 801 रुपये की चपत लगाई गई है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने ऐसे मीटर रीडरों व कंपनी कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, ताकि हकीकत सामने आ सके।
नझाई बाजार स्थित 33 / 11केवी विद्युत उपकेंद्र पर तैनात उपखंड अधिकारी राजेश पटेल एवं अवर अभियंता मोहित सोनी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर बताया कि 10 जून की शाम करीब 6.20 बजे मोहल्ला करीमनगर निवासी एक व्यक्ति के परिसर में अंडरग्राउंड केबल क्षेत्र में एक विद्युत संयोजन पर स्थापित मीटर को उदयपुर की कंपनी के कर्मचारियों द्वारा बदलकर नया मीटर लगाया जा रहा था।
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जानकारी मिलने पर निरीक्षण किया गया। इसमें सामने आया कि वर्तमान रीडिंग 5864 केडब्ल्यूएच एवं अधिकतम मांग 5.84 केवडब्ल्यू है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता मीटर विद्युत परीक्षणशाला अखिलेश कुमार वर्मा, सुदीश सिंह उपस्थित रहे।
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उन्होंने आगे बताया कि उपभोक्ता के माह मई के बिजली के बिल में संबंधित मीटर रीडर द्वारा 1380 केडब्ल्यूएच रीडिंग अंकित कर कम रीडिंग का बिल बनाया गया था। यह भी बताया कि उक्त क्षेत्र में कंपनी के सुपरवाइजर विशाल व्यास द्वारा अवगत कराया कि इस क्षेत्र में तैनात मीटर रीडर द्वारा मीटर रीडिंग का कार्य किया जाता है।
उपभोक्ता से सांठगांठ करके उसके परिसर पर मीटर में रीडिंग स्टोर करके उपभोक्ता एवं व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के प्रयास किया गया है। इस प्रकार उपभोक्ता के परिसर में मीटर रीडर और मीटर बदलने वाली कंपनी कर्मचारी द्वारा सरकारी संपत्ति को खुर्दबुर्द करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और मीटर में रीडिंग स्टोर करते हुए मीटर को बदलकर वर्तमान रीडिंग गायब कर निगम को लगभाग 41 हजार 801 रुपये की राजस्व की क्षति पहुंचाते हुए गबन करने का प्रयास किया गया। अवर अभियंता एवं उपखंड अधिकारी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर मीटर रीडर, कंपनी कर्मचारी और उपभोक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।