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तरणताल में मानक से ज्यादा खिलाड़ी, बढ़ीं मुसीबतें
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तरणताल में मानक से ज्यादा खिलाड़ी, बढ़ी मुसीबत
झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में गर्मियां शुरू होते ही खिलाड़ियों के लिए तरणताल शुरू कर दिया गया है। इसमें प्रदेश में चल रहे तरणतालों की तुलना में अधिक संख्या तैराकों की है। यह मानक से कहीं अधिक हैं। बावजूद, अभिभावक पंजीकरण के लिए दबाव बना रहे हैं। इसे देखते हुए प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि 10 मई से तरणताल का शुभारंभ हुआ था। सुबह-शाम तीन-तीन पालियों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मई माह में ही तरणताल में 18 वर्ष से कम 345 तैराक और 18 वर्ष से अधिक 99 तैराक प्रशिक्षण ले रहे हैं। जबकि, जून माह में 18 वर्ष से कम के लिए 209 और उससे अधिक के लिए 77 पंजीकरण फार्म बिक चुके हैं। कुल 731 खिलाड़ी अब तक पंजीकरण करा चुके हैं। निर्धारित से संख्या कहीं अधिक होने के कारण पंजीकरण फार्म प्रदान नहीं किए जा रहे। इस पर अभिभावक रोजाना अनावश्यक रूप से राजनीतिक दबाव बनाकर सीएम पोर्टल पर शिकायत करने की धमकी देते हैं। कई तो अभद्र व्यवहार करने पर उतारू हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य तरणतालों के मुकाबले झांसी में सबसे ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। वाराणसी में 421, बरेली-लखनऊ में 350, सहारनपुर में 340 तथा अन्य जिलों में 200-250 तैराकों की संख्या है। संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महिला व एक पुरुष अधिकारी को अतिरिक्त तैनात कर रखा है। आलम ये है कि महिला अधिकारी से भी अभद्रता करने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं।
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झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में गर्मियां शुरू होते ही खिलाड़ियों के लिए तरणताल शुरू कर दिया गया है। इसमें प्रदेश में चल रहे तरणतालों की तुलना में अधिक संख्या तैराकों की है। यह मानक से कहीं अधिक हैं। बावजूद, अभिभावक पंजीकरण के लिए दबाव बना रहे हैं। इसे देखते हुए प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि 10 मई से तरणताल का शुभारंभ हुआ था। सुबह-शाम तीन-तीन पालियों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मई माह में ही तरणताल में 18 वर्ष से कम 345 तैराक और 18 वर्ष से अधिक 99 तैराक प्रशिक्षण ले रहे हैं। जबकि, जून माह में 18 वर्ष से कम के लिए 209 और उससे अधिक के लिए 77 पंजीकरण फार्म बिक चुके हैं। कुल 731 खिलाड़ी अब तक पंजीकरण करा चुके हैं। निर्धारित से संख्या कहीं अधिक होने के कारण पंजीकरण फार्म प्रदान नहीं किए जा रहे। इस पर अभिभावक रोजाना अनावश्यक रूप से राजनीतिक दबाव बनाकर सीएम पोर्टल पर शिकायत करने की धमकी देते हैं। कई तो अभद्र व्यवहार करने पर उतारू हो रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य तरणतालों के मुकाबले झांसी में सबसे ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। वाराणसी में 421, बरेली-लखनऊ में 350, सहारनपुर में 340 तथा अन्य जिलों में 200-250 तैराकों की संख्या है। संख्या अधिक होने के कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महिला व एक पुरुष अधिकारी को अतिरिक्त तैनात कर रखा है। आलम ये है कि महिला अधिकारी से भी अभद्रता करने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं।
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