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13 सालों से नहीं बदले समन्वयक
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13 सालों से नहीं बदले समन्वयक
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में कुछ समन्वयक 13-13 साल से जमे हुए हैं। जबकि, हर तीन साल में समन्वयक बदलने का नियम है। वहीं, कुछ समन्वयकों के पास तो इतने पद हैं कि यह समझना मुश्किल है कि वह विद्यार्थियाें को पढ़ा भी पाते होंगे या नहीं।
विश्वविद्यालय के अध्यादेश के मुताबिक चाहे विभाग समन्वयक हों या कर्मचारी, एक जगह पर तीन साल तक नहीं रह सकते। विभाग में रोटेशन प्रणाली के तहत वरिष्ठता के आधार एक से दूसरे शिक्षक को समन्वयक नियुक्त कर दिया जाता है। जबकि, तीन साल पूरे होने पर कर्मचारी का भी पटल बदल दिया जाता है। मगर विश्वविद्यालय में खासतौर पर इंजीनियरिंग विभाग में इस नियम की अनदेखी की जा रही है। कुछ समन्वयक 13-13 सालों से अपने पद पर जमे हुए हैं।
इनमें भी कुछ समन्वयक के पास तो कई पद हैं। कभी-कभार उनको बदलने के लिए फाइल चली भी तो बाद में रुक गई। ऐसे में अन्य शिक्षकों में काफी रोष है। दूसरे शिक्षकों को आगे आकर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, हाल ही में बीयू प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन कंट्रोल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में नए समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। इससे लंबे समय से जमे दूसरे ब्रांचों के समन्वयक बदलने की उम्मीद जरूर जगी है।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में कुछ समन्वयक 13-13 साल से जमे हुए हैं। जबकि, हर तीन साल में समन्वयक बदलने का नियम है। वहीं, कुछ समन्वयकों के पास तो इतने पद हैं कि यह समझना मुश्किल है कि वह विद्यार्थियाें को पढ़ा भी पाते होंगे या नहीं।
विश्वविद्यालय के अध्यादेश के मुताबिक चाहे विभाग समन्वयक हों या कर्मचारी, एक जगह पर तीन साल तक नहीं रह सकते। विभाग में रोटेशन प्रणाली के तहत वरिष्ठता के आधार एक से दूसरे शिक्षक को समन्वयक नियुक्त कर दिया जाता है। जबकि, तीन साल पूरे होने पर कर्मचारी का भी पटल बदल दिया जाता है। मगर विश्वविद्यालय में खासतौर पर इंजीनियरिंग विभाग में इस नियम की अनदेखी की जा रही है। कुछ समन्वयक 13-13 सालों से अपने पद पर जमे हुए हैं।
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इनमें भी कुछ समन्वयक के पास तो कई पद हैं। कभी-कभार उनको बदलने के लिए फाइल चली भी तो बाद में रुक गई। ऐसे में अन्य शिक्षकों में काफी रोष है। दूसरे शिक्षकों को आगे आकर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, हाल ही में बीयू प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन कंट्रोल और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में नए समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। इससे लंबे समय से जमे दूसरे ब्रांचों के समन्वयक बदलने की उम्मीद जरूर जगी है।
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