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दुष्कर्म में दस साल की सजा
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दुष्कर्म में दस साल की सजा
झांसी। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर एक लड़की के रिश्तेदार को दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि एक महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उसके पति का देहांत होने के बाद से वह घरों में कामकाज कर जीवन यापन करती है। इसी कारण अपनी 17 वर्षीय पुत्री को अपने रिश्तेदार मुख्तार के यहां छोड़ जाती थी। इसी दौरान मुख्तार ने उसकी पुत्री के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना लिए। पीड़िता ने डर के कारण यह बात किसी को नहीं बताई। इसी दौैरान रिश्तेदार के एक सदस्य की अस्पताल में मौत हो गई थी। अस्पताल में पुत्री ने यह बात मां को बताई। कहा कि मुख्तार ने किसी को बताने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। डर के मारे लड़की चुप रही।
पीड़िता की मां की शिकायत पर थाना प्रेमनगर में पुलिया नंबर नौ निवासी मुख्तार के विरुद्ध धारा 376, 506 आईपीसी एवं 04 पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अभियुक्त मुख्तार को धारा 04 पाक्सो अधिनियम में दस वर्ष के कठोर कारावास, एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। धारा 506 के अपराध में दो वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर उसे क्रमश: एक वर्ष व 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जमा अर्थदंड राशि में से आधी पीड़िता को बतौर प्रतिकर प्रदान की जाएगी।
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झांसी। विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर एक लड़की के रिश्तेदार को दस वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने बताया कि एक महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया था कि उसके पति का देहांत होने के बाद से वह घरों में कामकाज कर जीवन यापन करती है। इसी कारण अपनी 17 वर्षीय पुत्री को अपने रिश्तेदार मुख्तार के यहां छोड़ जाती थी। इसी दौरान मुख्तार ने उसकी पुत्री के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना लिए। पीड़िता ने डर के कारण यह बात किसी को नहीं बताई। इसी दौैरान रिश्तेदार के एक सदस्य की अस्पताल में मौत हो गई थी। अस्पताल में पुत्री ने यह बात मां को बताई। कहा कि मुख्तार ने किसी को बताने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। डर के मारे लड़की चुप रही।
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पीड़िता की मां की शिकायत पर थाना प्रेमनगर में पुलिया नंबर नौ निवासी मुख्तार के विरुद्ध धारा 376, 506 आईपीसी एवं 04 पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अभियुक्त मुख्तार को धारा 04 पाक्सो अधिनियम में दस वर्ष के कठोर कारावास, एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। धारा 506 के अपराध में दो वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर उसे क्रमश: एक वर्ष व 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जमा अर्थदंड राशि में से आधी पीड़िता को बतौर प्रतिकर प्रदान की जाएगी।
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