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नौ तपा होंगे 25 मई से शुरू
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नौ तपा होंगे 25 मई से शुरू
झांसी। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नौ तपा शुरू हो जाएंगे। इस बार सूर्य 25 मई शनिवार को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो 2 जून तक रहेंगे। नौ तपा साल के वह नौ दिन होते हैं, जब सूर्य धरती के सबसे अधिक निकट आ जाता है। इससे भीषण गर्मी पड़ती है। मान्यता है कि नौ तपा में बरसात हो जाए, तो वर्षा ऋतु में कम बरसात होती है।
ज्योतिष ग्रंथों में नौ तपा को लेकर बड़ा महत्व है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार नौ तपा में जितनी भीषण गर्मी पड़ती है, लोक मान्यता और ज्योतिष के अनुसार उस साल अच्छी से अच्छी बरसात होती है। इस बार सूर्य 25 मई की रात 8:26 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं नौ तपा में चंद्रमा भी नौ नक्षत्रों में भ्रमण करता है। यही कारण है कि इसे नौ तपा कहा जाता है।
इस नौ दिन की अवधि में अगर बूंदाबांदी अथवा बरसात हो जाए, तो इसे लोक मान्यता के अनुसार नौ तपा खंडित होना कहते हैं। नौ तपा को मानसून का गर्भकाल भी माना जाता है। उनके अनुसार नौ तपा में दान पुण्य, प्याऊ खुलवाने और पशु पक्षी को दाना पानी देने का भी बड़ा महत्व है।
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झांसी। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के साथ ही नौ तपा शुरू हो जाएंगे। इस बार सूर्य 25 मई शनिवार को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो 2 जून तक रहेंगे। नौ तपा साल के वह नौ दिन होते हैं, जब सूर्य धरती के सबसे अधिक निकट आ जाता है। इससे भीषण गर्मी पड़ती है। मान्यता है कि नौ तपा में बरसात हो जाए, तो वर्षा ऋतु में कम बरसात होती है।
ज्योतिष ग्रंथों में नौ तपा को लेकर बड़ा महत्व है। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार नौ तपा में जितनी भीषण गर्मी पड़ती है, लोक मान्यता और ज्योतिष के अनुसार उस साल अच्छी से अच्छी बरसात होती है। इस बार सूर्य 25 मई की रात 8:26 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। वहीं नौ तपा में चंद्रमा भी नौ नक्षत्रों में भ्रमण करता है। यही कारण है कि इसे नौ तपा कहा जाता है।
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इस नौ दिन की अवधि में अगर बूंदाबांदी अथवा बरसात हो जाए, तो इसे लोक मान्यता के अनुसार नौ तपा खंडित होना कहते हैं। नौ तपा को मानसून का गर्भकाल भी माना जाता है। उनके अनुसार नौ तपा में दान पुण्य, प्याऊ खुलवाने और पशु पक्षी को दाना पानी देने का भी बड़ा महत्व है।
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