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आश्रम पद्धति विद्यालय

Fri, 10 Aug 2018 01:37 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 01:37 AM IST
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आश्रम पद्धति विद्यालय
एसडीएम को विद्यालय में मिली भारी कमियां
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छात्रों को दिए अनुशासन में रहने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तरगुवा के छात्रों द्वारा मंगलवार को की गई शिकायत के बाद गुरुवार को एसडीएम आजाद भगत सिंह ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों द्वारा बताई गई कमियों को देखा। मौके पर मौजूद स्टॉफ से कमियों को दूर करने और छात्रों को अनुशासन में रहते हुए शिक्षण कार्य करने के निर्देेश दिए।
बताते चले कि ग्राम तरगुवा में स्थित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में शिक्षकों के न होने से छात्रों का शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप था। इसके संबंध में छात्रों ने मंगलवार को सुबह नौ बजे के लगभग तहसील परिसर में आकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार अभिषेक कुमार सिंह को मौके पर भेजा था। गुरुवार को उन्होंने स्वयं विद्यालय का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्हें अधीक्षक सत्य नारायण पटेल नहीं मिलें। पता करने पर मौजूद स्टॉफ ने बताया कि सरकारी कार्य से जिला मुख्यालय गए है। इसके बाद एसडीएम ने सबसे पहले बच्चों के खाने की व्यवस्था को देखा। उन्हें थाली साफ नहीं मिली। इसके बाद बच्चों के आवास और शौचालयों को देखा। जिसमें पंखे खराब और बिजली के तार खुले मिलें। विद्यालय में साफ सफाई ठीक न मिलने के साथ-साथ पानी की समस्या भी मिली।
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इस मौके पर छात्रों ने बताया कि एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद आज तक उन्हें पुस्तकें नहीं दी गई। इससे उनका शिक्षण कार्य बुरी तरह से प्रभावित है। जिस पर उन्होंने उन्हें अध्यापकों की व्यवस्था का भरोसा देते हुए अनुशासन में रहते हुए स्वयं साफ-सफाई से रहते हुए आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखने के लिए कहा। इस मौके पर गृह माता सीमा सिंह, फार्मास्टिट संगीता लहरी उपस्थित मिली।
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पांच छात्रों को भेजेंगे नवोदय विघालय
तालबेहट। एसडीएम ने विद्यालय के बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि आप लोग प्रतिदिन सुबह साढ़े पांच बजे से साढे़ सात बजे तक प्रतिदिन अध्ययन करें। कुछ दिनों बाद विद्यालय के पांच छात्रों को जवाहर नवोदय विद्यालय भेज कर वहां की व्यवस्था और अनुशासन देखने को भेजा जाएगा। इसमें वही पांच बच्चों को चयनित किया जाएगा, जो साफ-सफाई एवं अनुशासन में सबसे उत्तम मिलेगें।
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