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ठंड: कचरा और पन्नी के सहारे कट रही रात
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ठंड: कचरा और पन्नी के सहारे कट रही रात
ललितपुर। हाड़ कंपकंपाने वाली सर्दी में असहाय और बेघरों के लिए रात्रि बिताना मुश्किल हो रहा है। नगर पालिका ने जो रैन बसेरा खोले हैं, उनमें पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अधिकतर सामुदायिक भवनों में ताले पड़े हुए हैं। असहाय एवं बेघर व्यक्ति अलाव और कचरा पन्नी बीनकर रात गुजारने के लिए विवश हैं। महिलाओं के ठहरने के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। बताते चलें कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम 6 रहा। सर्द हवाएं भी छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हैं। आद्रता भी 32 प्रतिशत दर्ज की गई।
सर्दी आते ही जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद असहाय एवं बेघरों के लिए इंतजाम करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस समय अधिकांश सामुदायिक भवनों में ताले लटके नजर आ रहे हैं। पालिका की ओर से दो रैन बसेरा बनाए गए हैं। शहर कोतवाली के सामने बने रैन बसेरा में 20 पलंग व गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई है। वहीं, सदनशाह मस्जिद परिसर में बने रैन बसेरा में फर्श पर कंबल बिछाने की व्यवस्था है। इसमें सर्दी बच नहीं रही है। शहर के चंडीमाता मंदिर में बने सामुदायिक भवन में भी ताला लटका हुआ है। कुछ दिनों पहले स्थानीय लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर इस भवन को खुलवाने की मांग की थी। जिला अस्पताल परिसर में बने रैन बसेरा में ठहरने की व्यवस्था नहीं की गई है, साथ ही तुवन मंदिर परिसर के रैन बसेरा की भी स्थिति खराब है, जहां पर रात रुकने के लिए कपड़ों की व्यवस्था तक नहीं है। विडंबना यह है कि अध्यक्ष रजनी साहू ने महिलाओं के लिए अलग से रैन बसेरा नहीं खोला जा सका है। ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करतीं हैं। बीते चार दिनों से सर्दी पूरी जोर पर दिखाई दे रही है।
फसलों पर कीट रोगों का बढ़ा खतरा
ललितपुर। कड़ी सर्दी के कारण फसलों में कीट, रोगों का खतरा बढ़ गया है। कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने किसानों से चना, मटर, मसूर, राई/सरसों, गेहूं एवं सब्जी आदि फसलों की नियमित निगरानी करते रहने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि शीतलहर एवं पाले से बचने के लिए फसल में हल्की सिंचाई करें एवं खेत की उत्तर-पश्चिमी दिशा में हवा के विपरीत खेत में भूसा व कंडों का धुआं कर दें, इससे नमी बनी रहेगी। मिट्टियों में तुषार लगने के पूर्व ही सल्फर व सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करना चाहिए। इससे फसलों के दानों में चमक तो आती ही है साथ ही साथ पैदावार में भी वृद्धि होती है। चना, मटर, मसूर में सेमीलूपर (इल्ली), कटुआ कीट, फलीभेदक के नियत्रंण हेतु क्यूनालफास 25 प्रतिशत ईसी 1
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ललितपुर। हाड़ कंपकंपाने वाली सर्दी में असहाय और बेघरों के लिए रात्रि बिताना मुश्किल हो रहा है। नगर पालिका ने जो रैन बसेरा खोले हैं, उनमें पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अधिकतर सामुदायिक भवनों में ताले पड़े हुए हैं। असहाय एवं बेघर व्यक्ति अलाव और कचरा पन्नी बीनकर रात गुजारने के लिए विवश हैं। महिलाओं के ठहरने के लिए अलग व्यवस्था नहीं है। बताते चलें कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम 6 रहा। सर्द हवाएं भी छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हैं। आद्रता भी 32 प्रतिशत दर्ज की गई।
सर्दी आते ही जिला प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद असहाय एवं बेघरों के लिए इंतजाम करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इस समय अधिकांश सामुदायिक भवनों में ताले लटके नजर आ रहे हैं। पालिका की ओर से दो रैन बसेरा बनाए गए हैं। शहर कोतवाली के सामने बने रैन बसेरा में 20 पलंग व गर्म कपड़ों की व्यवस्था की गई है। वहीं, सदनशाह मस्जिद परिसर में बने रैन बसेरा में फर्श पर कंबल बिछाने की व्यवस्था है। इसमें सर्दी बच नहीं रही है। शहर के चंडीमाता मंदिर में बने सामुदायिक भवन में भी ताला लटका हुआ है। कुछ दिनों पहले स्थानीय लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर इस भवन को खुलवाने की मांग की थी। जिला अस्पताल परिसर में बने रैन बसेरा में ठहरने की व्यवस्था नहीं की गई है, साथ ही तुवन मंदिर परिसर के रैन बसेरा की भी स्थिति खराब है, जहां पर रात रुकने के लिए कपड़ों की व्यवस्था तक नहीं है। विडंबना यह है कि अध्यक्ष रजनी साहू ने महिलाओं के लिए अलग से रैन बसेरा नहीं खोला जा सका है। ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करतीं हैं। बीते चार दिनों से सर्दी पूरी जोर पर दिखाई दे रही है।
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फसलों पर कीट रोगों का बढ़ा खतरा
ललितपुर। कड़ी सर्दी के कारण फसलों में कीट, रोगों का खतरा बढ़ गया है। कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने किसानों से चना, मटर, मसूर, राई/सरसों, गेहूं एवं सब्जी आदि फसलों की नियमित निगरानी करते रहने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि शीतलहर एवं पाले से बचने के लिए फसल में हल्की सिंचाई करें एवं खेत की उत्तर-पश्चिमी दिशा में हवा के विपरीत खेत में भूसा व कंडों का धुआं कर दें, इससे नमी बनी रहेगी। मिट्टियों में तुषार लगने के पूर्व ही सल्फर व सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करना चाहिए। इससे फसलों के दानों में चमक तो आती ही है साथ ही साथ पैदावार में भी वृद्धि होती है। चना, मटर, मसूर में सेमीलूपर (इल्ली), कटुआ कीट, फलीभेदक के नियत्रंण हेतु क्यूनालफास 25 प्रतिशत ईसी 1
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