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धुंध से थमी रही ट्रेनों की रफ्तार,,,-City
Updated Thu, 09 Nov 2017 07:22 PM IST
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नहीं छंटी धुंध, पटरी पर ठहरी ट्रेनें
दिल्ली की ओर से सभी रेलगाड़ियां आईं लेट, शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटा देरी से
वापसी की ट्रेनों की चाल पर भी पड़ रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दिल्ली और एनसीआर में छाया प्रदूषण का धुंध नहीं छटने से पटरियों पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी बनी रही। दिल्ली से आने वाले सभी ट्रेनें अपने तय समय से देरी से आईं। कुछ ट्रेनें 11 घंटे तक लेट रहीं। शताब्दी एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटे लेट हो गई। स्थिति यह है कि जो ट्रेनें लेट आ रही हैं, वह लौट भी देरी से रही हैं।
बृहस्पतिवार को भी दिल्ली और एनसीआर में फैले प्रदूषण की वजह से ट्रेनों के संचालन पर असर बना रहा। नई दिल्ली से हबीबगंज जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से झांसी आईं। हबीबगंज से वापसी में भी यह ट्रेन लेट हो गई। इसके अलावा दिल्ली से आने वाली झेलम एक्सप्रेस छह घंटे, मंगला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, अटारी जबलपुर एक्सप्रेस 11 घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 11 घंटे, पंजाब मेल पांच घंटे, समता एक्सप्रेस तीन घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस छह घंटे, सचखंड एक्सप्रेस छह घंटे, ताज एक्सप्रेस तीन घंटे, मंगला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से आईं। दिन में ट्रेनें लेट होने से इसका असर रात की ट्रेनों पर भी बना रहा। रात की भी सभी ट्रेनें एक से दो घंटे देरी से आईं।
वहीं, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के लेट होने से वे अपने अंतिम स्टेशन पर समय पर नहीं पहुंच पा रही है। इससे वापसी में भी उनका समय संचालन बिगड़ गया है। इस वजह से बृहस्पतिवार को भोपाल की तरफ से आने वाली पंजाब मेल पांच घंटे लेट हो गई। अन्य तकनीकी कारणों से ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल दस घंटे, जनसाधारण एक्सप्रेस 11 घंटे, बरौनी ग्वालियर छपरा मेल छह घंटे देरी से आईं। ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय पर भीड़ लगी रही। ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म और वेटिंग रूम में बैठे यात्रियों का बुरा हाल रहा।
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250 से अधिक यात्रियों ने वापस किए
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के देरी से आने के कारण 250 से अधिक यात्रियों ने सामान्य टिकट और 60 से अधिक यात्रियों ने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। टिकट वापसी में भी यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ी।
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दिल्ली की ओर से सभी रेलगाड़ियां आईं लेट, शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटा देरी से
वापसी की ट्रेनों की चाल पर भी पड़ रहा असर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
दिल्ली और एनसीआर में छाया प्रदूषण का धुंध नहीं छटने से पटरियों पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी बनी रही। दिल्ली से आने वाले सभी ट्रेनें अपने तय समय से देरी से आईं। कुछ ट्रेनें 11 घंटे तक लेट रहीं। शताब्दी एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटे लेट हो गई। स्थिति यह है कि जो ट्रेनें लेट आ रही हैं, वह लौट भी देरी से रही हैं।
बृहस्पतिवार को भी दिल्ली और एनसीआर में फैले प्रदूषण की वजह से ट्रेनों के संचालन पर असर बना रहा। नई दिल्ली से हबीबगंज जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से झांसी आईं। हबीबगंज से वापसी में भी यह ट्रेन लेट हो गई। इसके अलावा दिल्ली से आने वाली झेलम एक्सप्रेस छह घंटे, मंगला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, अटारी जबलपुर एक्सप्रेस 11 घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 11 घंटे, पंजाब मेल पांच घंटे, समता एक्सप्रेस तीन घंटे, हीराकुंड एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, पातालकोट एक्सप्रेस छह घंटे, सचखंड एक्सप्रेस छह घंटे, ताज एक्सप्रेस तीन घंटे, मंगला एक्सप्रेस डेढ़ घंटे देरी से आईं। दिन में ट्रेनें लेट होने से इसका असर रात की ट्रेनों पर भी बना रहा। रात की भी सभी ट्रेनें एक से दो घंटे देरी से आईं।
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वहीं, दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के लेट होने से वे अपने अंतिम स्टेशन पर समय पर नहीं पहुंच पा रही है। इससे वापसी में भी उनका समय संचालन बिगड़ गया है। इस वजह से बृहस्पतिवार को भोपाल की तरफ से आने वाली पंजाब मेल पांच घंटे लेट हो गई। अन्य तकनीकी कारणों से ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल दस घंटे, जनसाधारण एक्सप्रेस 11 घंटे, बरौनी ग्वालियर छपरा मेल छह घंटे देरी से आईं। ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय पर भीड़ लगी रही। ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म और वेटिंग रूम में बैठे यात्रियों का बुरा हाल रहा।
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250 से अधिक यात्रियों ने वापस किए
दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के देरी से आने के कारण 250 से अधिक यात्रियों ने सामान्य टिकट और 60 से अधिक यात्रियों ने आरक्षित टिकट निरस्त कराए। टिकट वापसी में भी यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ी।