{"_id":"59b003914f1c1bf77f8b45a8","slug":"150470748917city-reporters-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्युषण पर्व के समापन पर निकाली शोभायात्रा-City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्युषण पर्व के समापन पर निकाली शोभायात्रा-City
Updated Wed, 06 Sep 2017 07:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
-----
शरीर से ज्यादा आत्मा पर दें ध्यान: संस्कार सागर
पर्यूषण पर्व के समापन पर निकाली गई श्रीजी की शोभायात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
बबीना।
जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद हुई धर्मसभा में मुनि संस्कार सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को शरीर से ज्यादा आत्मा की शुद्धि और पवित्रता पर ध्यान देना चाहिए।
कस्बे के दिगम्बर जैन मंदिर से श्रीजी के विमान की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा सुनरयाना, कपड़ा मार्केट, मेन रोड, स्टेशन रोड, बुध बाजार, पठकयाना से होते वापस जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। मंदिर पर पहुंचकर इंद्र के स्वरूप बने श्रद्धालुओं ने भगवान का कलाभिषेक किया गया। मंगल आरती एवं मुनि संस्कार सागर का पाद पक्षालन किया। समवशरण जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि संस्कार सागर महाराज ने कहा कि हम सब की चार पत्नियां होती हैं। पहली पत्नी आत्मा, दूसरी परिवार, तीसरी संपदा एवं चौथी शरीर है। चौथी पत्नी की सेवा हम सभी रात-दिन करते हैं, जबकि पहली पत्नी की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखते। चौथी पत्नी हमारी तरफ अपनी जरूरतों के लिए हमेशा हाथ फैलाए रहती है। हमारा ध्यान हमेशा शरीर की ही तरफ रहता है जो कि हमारे दुखों का विशेष कारण है। हम समय का कभी सदुपयोग नहीं करते। अगर समय का सदुपयोग करने से हम अपनी आत्मा का कल्याण करने पर ध्यान दें तो पूरा जीवन सफल हो जाएगा।
सभा में सुशील जैन शांति, परमेष्ठी दास जैन, महेन्द्र सिंघई, सुरेन्द्र जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र जैन, आमोद जैन, आनंद जैन, प्रमोद जैन, महावीर जैन, राजकुमार, निर्मल जैन आदि मौजूद रहे। संचालन विनोद शास्त्री ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
-----
शरीर से ज्यादा आत्मा पर दें ध्यान: संस्कार सागर
पर्यूषण पर्व के समापन पर निकाली गई श्रीजी की शोभायात्रा
अमर उजाला ब्यूरो
बबीना।
जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद हुई धर्मसभा में मुनि संस्कार सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य को शरीर से ज्यादा आत्मा की शुद्धि और पवित्रता पर ध्यान देना चाहिए।
कस्बे के दिगम्बर जैन मंदिर से श्रीजी के विमान की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा सुनरयाना, कपड़ा मार्केट, मेन रोड, स्टेशन रोड, बुध बाजार, पठकयाना से होते वापस जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। मंदिर पर पहुंचकर इंद्र के स्वरूप बने श्रद्धालुओं ने भगवान का कलाभिषेक किया गया। मंगल आरती एवं मुनि संस्कार सागर का पाद पक्षालन किया। समवशरण जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि संस्कार सागर महाराज ने कहा कि हम सब की चार पत्नियां होती हैं। पहली पत्नी आत्मा, दूसरी परिवार, तीसरी संपदा एवं चौथी शरीर है। चौथी पत्नी की सेवा हम सभी रात-दिन करते हैं, जबकि पहली पत्नी की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखते। चौथी पत्नी हमारी तरफ अपनी जरूरतों के लिए हमेशा हाथ फैलाए रहती है। हमारा ध्यान हमेशा शरीर की ही तरफ रहता है जो कि हमारे दुखों का विशेष कारण है। हम समय का कभी सदुपयोग नहीं करते। अगर समय का सदुपयोग करने से हम अपनी आत्मा का कल्याण करने पर ध्यान दें तो पूरा जीवन सफल हो जाएगा।
विज्ञापन
सभा में सुशील जैन शांति, परमेष्ठी दास जैन, महेन्द्र सिंघई, सुरेन्द्र जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र जैन, आमोद जैन, आनंद जैन, प्रमोद जैन, महावीर जैन, राजकुमार, निर्मल जैन आदि मौजूद रहे। संचालन विनोद शास्त्री ने किया।
विज्ञापन