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सालों से हाईड्रेंट प्वाइंट खराब , कैसे बुझेगी आग
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सालों से हाईड्रेंट प्वाइंट खराब, कैसे बुझेगी आग
झांसी। गर्मी का मौसम दमकल विभाग के सामने अग्नि परीक्षा बन कर सामने आएगा। गर्मी के मौसम में यदि भीड़ भाड़ वाले बाजार में कहीं आग लग जाए तो दमकल कर्मचारियों के लिए इसे रोकना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा। इसकी वजह सालों से शहर के मुख्य हाईड्रेंट प्वाइंट खराब हैं। ऐसे में यदि भयंकर आग भड़की तो उनके सामने पानी मुहैया कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, दमकल विभाग सालों से जल संस्थान विभाग को हाईड्रेंट प्वाइंट सही कराने के लिए पत्र लिख चुका है, लेकिन आज तक उनके पत्र पर ध्यान नहीं दिया गया।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही शासन ने दमकल विभाग को आग से निपटने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें शहर के हाइड्रेंट प्वाइंटों को दुरुस्त कराकर उन्हें चालू कराने, पानी की टंकियों व स्वच्छ जलाशयों में वाल्व लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर दमकल कर्मचारी पानी उपयोग में ला सकें, लेकिन शासन के आदेशों का पालन हो पाना जिले में काफी कठिन दिख रहा है। इसकी वजह महानगर में लगे हाईड्रेंट प्वाइंट सालोें से खराब पड़ा होना हैं। कई ऐसे भी हैं, जिनका अता पता नहीं है। शहर के मानिक चौक, बड़ाबाजार, सुभाषगंज, नरिया बाजार, गांधी रोड, सिंधी चौैराहा, टकसाल, सराफा बाजार, गंाधीगर का पटरा, राई का ताजिया, घास मंडी, अंदर लक्ष्मी गेट व रानी महल अन्य स्थानों पर आग लगने के बाद फायर ब्र्रिगेड की गाड़ी पहुंचना मुश्किल भरा है। इस संबंध में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि खराब पडे़ प्वाइंटों को सही कराने के लिए बजट मांगा गया है। बजट आते हुए उन्हें सही करा दिया जाएगा।
इन जगहों पर हैं खराब
पचकुईयां मंदिर, कोतवाली की ढाल, मानिक चौैक पर रामप्रकाश अग्रवाल एडवोकेट के मकान के पास, गणेश मढ़िया, रानी महल ढ़लान पर, गुसांईपुरा और सीपरी इलाके में बाटा वाली दुकान के पास, फायर स्टेशन के पास चमनगंज, इंडिया टेंट हाउस, टंडन रोड और सुभाष गंज मूर्ति के पास लगे हाईड्रेंट प्वांइट खराब पड़े हैं।
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टंकियों पर लगाए गए हाईड्रेंट प्वांइट
हाईड्रेेंट प्वाइंट सही न होने पर दमकल विभाग ने पानी की टंकियोें से नई व्यवस्था की है। जिसके तहत तहसील के पास बनी पानी की टंकी, सीपरी बाजार स्थित बाटा चौराहा के पास लगी पानी की टंकी, मंडी रोड स्थित पानी की टंकी पर एक - एक हाईड्रेंट प्वांइट लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके।
एक कॉल पर दौड़ती गाड़ी
दमकल विभाग में हर आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है। यहां चौबीस घंटे पानी से भरे छह वाहन खड़े रहते हैं। 100 नंबर और 101 नंबर या अन्य कॉल से आग लगने की सूचना मिलते ही चंद मिनट के अंदर गाड़ी में बैठकर कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाते हैं। झांसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी दमकल विभाग की पूरी व्यवस्था है। झांसी तहसील में छह, मऊरानीपुर, मोंठ, गरौठा व दो - दो गाड़ियां हैं।
बाइक बुझाएगी तंग गलियों की आग
दमकल विभाग के पास अब ऐसी फायर बाइक आ गई, जो बेहद संकरे बाजार और गलियों में जाकर भी आग पर काबू पा सकेगी। दरअसल शहर के कई गली-मोहल्ले ऐसे हैं, जहां आग लगने पर फायर वाहन नहीं पहुंच सकते। आग लगने पर ऐसे स्थानों पर आग बुझाने में दमकल विभाग को काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी। इसी को देखते हुए अब ऐसी बुलेट फायर बाइक तैयार की गई है। जिसके जरिये संकरी गलियों में जाकर भवन, दुकान व मकान में लगी आग बुझाई जा सके। इस समय जिले को अभी एक ही फायर बाइक मिली है। आग बुझाने के लिए तैयार की गई बाइक खास तरह से बनी है। यह बाइक आधुनिक उपकरणों, संसाधनों से लैस है। इसके टैंक में 25 - 25 लीटर पानी की दो टंकियां, दो फायर सिलिंडर, 10 लीटर फोम पाउंड यानी तेल आदि की आग बुझाने के लिए, ट्रांसफार्मर, बिजली संयंत्र आदि की आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। बाइक पर दो लोग बैठ सकते हैं। बाइक पर चलने के लिए हेलमेट हैं, साइरन भी लगा है।
पेट्रोेप पंप कर्मचारियों पर किया जागरूक
बुधवार को अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह दिवस के मौके पर पेट्रोप पंप कर्मचारियों को जागरूक किया गया। प्रभारी अधिकारी मोहम्मद इशहाक हाशमी ने बताया कि कि गर्मी के मौसम में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे बचने के लिए दुकानों में आग बुझाने के उपकरण लगाने जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि यदि सावधानी बरती जाए तो आग नहीं लगती। समय - समय पर बिजली के उपकरणों की जांच कराते रहे, क्योंकि सबसे ज्यादा आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगती है। उन्होंने कई जानकारियां देकर जागरूक किया।
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झांसी। गर्मी का मौसम दमकल विभाग के सामने अग्नि परीक्षा बन कर सामने आएगा। गर्मी के मौसम में यदि भीड़ भाड़ वाले बाजार में कहीं आग लग जाए तो दमकल कर्मचारियों के लिए इसे रोकना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा। इसकी वजह सालों से शहर के मुख्य हाईड्रेंट प्वाइंट खराब हैं। ऐसे में यदि भयंकर आग भड़की तो उनके सामने पानी मुहैया कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, दमकल विभाग सालों से जल संस्थान विभाग को हाईड्रेंट प्वाइंट सही कराने के लिए पत्र लिख चुका है, लेकिन आज तक उनके पत्र पर ध्यान नहीं दिया गया।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही शासन ने दमकल विभाग को आग से निपटने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें शहर के हाइड्रेंट प्वाइंटों को दुरुस्त कराकर उन्हें चालू कराने, पानी की टंकियों व स्वच्छ जलाशयों में वाल्व लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर दमकल कर्मचारी पानी उपयोग में ला सकें, लेकिन शासन के आदेशों का पालन हो पाना जिले में काफी कठिन दिख रहा है। इसकी वजह महानगर में लगे हाईड्रेंट प्वाइंट सालोें से खराब पड़ा होना हैं। कई ऐसे भी हैं, जिनका अता पता नहीं है। शहर के मानिक चौक, बड़ाबाजार, सुभाषगंज, नरिया बाजार, गांधी रोड, सिंधी चौैराहा, टकसाल, सराफा बाजार, गंाधीगर का पटरा, राई का ताजिया, घास मंडी, अंदर लक्ष्मी गेट व रानी महल अन्य स्थानों पर आग लगने के बाद फायर ब्र्रिगेड की गाड़ी पहुंचना मुश्किल भरा है। इस संबंध में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि खराब पडे़ प्वाइंटों को सही कराने के लिए बजट मांगा गया है। बजट आते हुए उन्हें सही करा दिया जाएगा।
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इन जगहों पर हैं खराब
पचकुईयां मंदिर, कोतवाली की ढाल, मानिक चौैक पर रामप्रकाश अग्रवाल एडवोकेट के मकान के पास, गणेश मढ़िया, रानी महल ढ़लान पर, गुसांईपुरा और सीपरी इलाके में बाटा वाली दुकान के पास, फायर स्टेशन के पास चमनगंज, इंडिया टेंट हाउस, टंडन रोड और सुभाष गंज मूर्ति के पास लगे हाईड्रेंट प्वांइट खराब पड़े हैं।
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टंकियों पर लगाए गए हाईड्रेंट प्वांइट
हाईड्रेेंट प्वाइंट सही न होने पर दमकल विभाग ने पानी की टंकियोें से नई व्यवस्था की है। जिसके तहत तहसील के पास बनी पानी की टंकी, सीपरी बाजार स्थित बाटा चौराहा के पास लगी पानी की टंकी, मंडी रोड स्थित पानी की टंकी पर एक - एक हाईड्रेंट प्वांइट लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके।
एक कॉल पर दौड़ती गाड़ी
दमकल विभाग में हर आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है। यहां चौबीस घंटे पानी से भरे छह वाहन खड़े रहते हैं। 100 नंबर और 101 नंबर या अन्य कॉल से आग लगने की सूचना मिलते ही चंद मिनट के अंदर गाड़ी में बैठकर कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाते हैं। झांसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी दमकल विभाग की पूरी व्यवस्था है। झांसी तहसील में छह, मऊरानीपुर, मोंठ, गरौठा व दो - दो गाड़ियां हैं।
बाइक बुझाएगी तंग गलियों की आग
दमकल विभाग के पास अब ऐसी फायर बाइक आ गई, जो बेहद संकरे बाजार और गलियों में जाकर भी आग पर काबू पा सकेगी। दरअसल शहर के कई गली-मोहल्ले ऐसे हैं, जहां आग लगने पर फायर वाहन नहीं पहुंच सकते। आग लगने पर ऐसे स्थानों पर आग बुझाने में दमकल विभाग को काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी। इसी को देखते हुए अब ऐसी बुलेट फायर बाइक तैयार की गई है। जिसके जरिये संकरी गलियों में जाकर भवन, दुकान व मकान में लगी आग बुझाई जा सके। इस समय जिले को अभी एक ही फायर बाइक मिली है। आग बुझाने के लिए तैयार की गई बाइक खास तरह से बनी है। यह बाइक आधुनिक उपकरणों, संसाधनों से लैस है। इसके टैंक में 25 - 25 लीटर पानी की दो टंकियां, दो फायर सिलिंडर, 10 लीटर फोम पाउंड यानी तेल आदि की आग बुझाने के लिए, ट्रांसफार्मर, बिजली संयंत्र आदि की आग बुझाने के उपकरण लगे हुए हैं। बाइक पर दो लोग बैठ सकते हैं। बाइक पर चलने के लिए हेलमेट हैं, साइरन भी लगा है।
पेट्रोेप पंप कर्मचारियों पर किया जागरूक
बुधवार को अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह दिवस के मौके पर पेट्रोप पंप कर्मचारियों को जागरूक किया गया। प्रभारी अधिकारी मोहम्मद इशहाक हाशमी ने बताया कि कि गर्मी के मौसम में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे बचने के लिए दुकानों में आग बुझाने के उपकरण लगाने जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि यदि सावधानी बरती जाए तो आग नहीं लगती। समय - समय पर बिजली के उपकरणों की जांच कराते रहे, क्योंकि सबसे ज्यादा आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगती है। उन्होंने कई जानकारियां देकर जागरूक किया।