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झांसी में सर्वाधिक, गरौठा में सबसे कम बारिश -City
Updated Sun, 29 Jul 2018 08:36 AM IST
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झांसी में सर्वाधिक, गरौठा में सबसे कम बारिश
झांसी। पिछले दस दिनों में दिल खोलकर मेघा बरसने के बावजूद जुलाई में अब तक 250 मिलीमीटर ही बरसात हुई है। झांसी तहसील में सबसे ज्यादा और गरौठा में सबसे कम पानी गिरा है। मोंठ, मऊरानीपुर और टहरौली में ठीकठाक बारिश हुई है।
झांसी में जून में औसतन 73.3 और जुलाई में 296.4 मिलीमीटर बरसात होती है। इस साल जून ने बहुत निराश किया था और लगभग 40 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जो कि औसत से 33 मिलीमीटर कम है। जून के बाद सबकी निगाह जुलाई पर टिकी थीं। जुलाई के शुरूआती सप्ताह में बारिश नहीं होने के कारण जनपद में सूखा पड़ने की आशंका हो गई। दूसरे सप्ताह में भी सामान्य बरसात हुई, इससे आमजन और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगीं। 18 जुलाई तक कुल 72 मिलीमीटर ही वर्षा हुई।
19 जुलाई से मौसम की तस्वीर बिल्कुल बदल गई। लगातार झमाझम बरसात होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली ही साथ ही पिछले दस दिनों में लगभग 178 मिलीमीटर वर्षा हो गई। झांसी तहसील में सर्वाधिक 432.66 और गरौठा में सबसे कम 113 मिलीमीटर बारिश हुई है। मोंठ में 221, मऊरानीपुर में 222.9, टहरौली में 261 मिलीमीटर पानी गिरा है। जुलाई में जनपद में कुल 250.11 मिलीमीटर बरसात हुई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगे भी अच्छी बरसात का पूर्वानुमान है।
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कहीं ठीक, कहीं नुकसानदेह
कुछ फसलों के लिए ज्यादा पानी नुकसानदेह साबित होता है, जबकि कुछ के लिए फायदेमंद। इस सीजन में जनपद में तिल, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द की फसल बोई जाती है। जिन किसानों ने इन फसलों की बुवाई की है, वो खेत में जलभराव न होने दें। वरना फसल खराब हो सकती है। जबकि, चावल के लिए ये पानी काफी अच्छा है। किसानों को जल संरक्षण भी करना चाहिए, ताकि भविष्य में जरूरत पर सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो पाए।
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झांसी। पिछले दस दिनों में दिल खोलकर मेघा बरसने के बावजूद जुलाई में अब तक 250 मिलीमीटर ही बरसात हुई है। झांसी तहसील में सबसे ज्यादा और गरौठा में सबसे कम पानी गिरा है। मोंठ, मऊरानीपुर और टहरौली में ठीकठाक बारिश हुई है।
झांसी में जून में औसतन 73.3 और जुलाई में 296.4 मिलीमीटर बरसात होती है। इस साल जून ने बहुत निराश किया था और लगभग 40 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जो कि औसत से 33 मिलीमीटर कम है। जून के बाद सबकी निगाह जुलाई पर टिकी थीं। जुलाई के शुरूआती सप्ताह में बारिश नहीं होने के कारण जनपद में सूखा पड़ने की आशंका हो गई। दूसरे सप्ताह में भी सामान्य बरसात हुई, इससे आमजन और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगीं। 18 जुलाई तक कुल 72 मिलीमीटर ही वर्षा हुई।
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19 जुलाई से मौसम की तस्वीर बिल्कुल बदल गई। लगातार झमाझम बरसात होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली ही साथ ही पिछले दस दिनों में लगभग 178 मिलीमीटर वर्षा हो गई। झांसी तहसील में सर्वाधिक 432.66 और गरौठा में सबसे कम 113 मिलीमीटर बारिश हुई है। मोंठ में 221, मऊरानीपुर में 222.9, टहरौली में 261 मिलीमीटर पानी गिरा है। जुलाई में जनपद में कुल 250.11 मिलीमीटर बरसात हुई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आगे भी अच्छी बरसात का पूर्वानुमान है।
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कहीं ठीक, कहीं नुकसानदेह
कुछ फसलों के लिए ज्यादा पानी नुकसानदेह साबित होता है, जबकि कुछ के लिए फायदेमंद। इस सीजन में जनपद में तिल, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द की फसल बोई जाती है। जिन किसानों ने इन फसलों की बुवाई की है, वो खेत में जलभराव न होने दें। वरना फसल खराब हो सकती है। जबकि, चावल के लिए ये पानी काफी अच्छा है। किसानों को जल संरक्षण भी करना चाहिए, ताकि भविष्य में जरूरत पर सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो पाए।