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शहर में निकली रानी और राजा की शोभा यात्रा
Updated Sun, 20 May 2018 03:12 AM IST
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शहर में निकली रानी और राजा की शोभा यात्रा
झांसी। शनिवार को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव की शादी की 176वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई और विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्में प्रतीकात्मक रूप से पूरी की गईं। रात में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
श्री लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के मैदान से शाम को धूमधाम से शोभा यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकली। सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार होते हुए यात्रा प्राचीन गणेश मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शोभा यात्रा के बीच में दो घोड़ों की बग्घी पर पारंपरिक महाराष्ट्रीय वैवाहिक वेशभूषा में रानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव के स्वरूप विराजमान थे। जबकि, उनके आगे-पीछे बग्घी और घोड़ों पर राजा-महाराजाओं के स्वरूप और झांसी राज्य के सिपहसलार चल रहे थे। बैंड बाजों से देश भक्ति के तराने गूंज रहे थे। गणेश मंदिर में राजा और रानी का मंच पर बैठाया गया। यहां लोगों में उनके साथ सेल्फी और फोटो लेने की होड़ मची रही।
इसके बाद गणेश मंदिर में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजी, जिसमें राष्ट्रीय संगीत परिवार की ओर से पटियाला से आए योगेश गर्ग, गुरु चेतन सिंह और सरोद वादक अभिक सरकार ने अपनी प्रस्तुति दी। देर रात तक यहां संगीत की स्वर लहरियां गूंजती रहीं।
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झांसी। शनिवार को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव की शादी की 176वीं सालगिरह धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई और विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्में प्रतीकात्मक रूप से पूरी की गईं। रात में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजी, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
श्री लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के मैदान से शाम को धूमधाम से शोभा यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकली। सिंधी तिराहा, मानिक चौक, सराफा बाजार होते हुए यात्रा प्राचीन गणेश मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शोभा यात्रा के बीच में दो घोड़ों की बग्घी पर पारंपरिक महाराष्ट्रीय वैवाहिक वेशभूषा में रानी लक्ष्मीबाई और राजा गंगाधर राव के स्वरूप विराजमान थे। जबकि, उनके आगे-पीछे बग्घी और घोड़ों पर राजा-महाराजाओं के स्वरूप और झांसी राज्य के सिपहसलार चल रहे थे। बैंड बाजों से देश भक्ति के तराने गूंज रहे थे। गणेश मंदिर में राजा और रानी का मंच पर बैठाया गया। यहां लोगों में उनके साथ सेल्फी और फोटो लेने की होड़ मची रही।
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इसके बाद गणेश मंदिर में शास्त्रीय संगीत की महफिल सजी, जिसमें राष्ट्रीय संगीत परिवार की ओर से पटियाला से आए योगेश गर्ग, गुरु चेतन सिंह और सरोद वादक अभिक सरकार ने अपनी प्रस्तुति दी। देर रात तक यहां संगीत की स्वर लहरियां गूंजती रहीं।
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