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जिला अस्पताल में भी होगी एमआरआई जांच-City
Updated Sat, 30 Dec 2017 07:17 PM IST
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जिला अस्पताल का लोगो
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जिला अस्पताल में भी होगी एमआरआई
- शासन ने 18 मंडल मुख्यालयों में झांसी का भी हुआ चयन
- पीपीपी मॉडल पर चलेगी योजना, मरीजों को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में जल्द ही एमआरआई जांच शुरू होगी। प्रदेश सरकार ने झांसी समेत 18 मंडल मुख्यालयों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर एमआरआई मशीन लगवाने की योजना बनाई है। जांच शुरू होने से मरीजों को काफी फायदा होगा। मेडिकल कॉलेज पर से भी मरीजों का बोझ कम होगा।
मौजूदा समय में जिला अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। ऐेसे में मरीजों को जांच के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में कभी-कभी एमआरआई मशीन खराब भी हो जाती है। तब मरीजों के पास सिर्फ निजी केंद्रों के अलावा कहीं भी जांच कराने के विकल्प नहीं बचता है। चूंकि, निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच लगभग पांच हजार रुपये के आसपास होती है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जांच कराना मुश्किल हो जाता है। कुछ को पैसे उधार भी लेने पड़ जाते हैं। अब योगी सरकार प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालय के जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इसमें झांसी का जिला अस्पताल भी शामिल है। पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन रखवाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि मशीन के लिए 1500 स्कवायर फीट जगह की जरूरत है। वह उपलब्ध कराई जाएगी। अभी जांच की दरों का मूल्य निर्धारित नहीं किया गया है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज में निर्धारित जांच दरों के आसपास ही मूल्य तय किए जा सकते हैं।
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जिला अस्पताल में भी होगी एमआरआई
- शासन ने 18 मंडल मुख्यालयों में झांसी का भी हुआ चयन
- पीपीपी मॉडल पर चलेगी योजना, मरीजों को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जिला अस्पताल में जल्द ही एमआरआई जांच शुरू होगी। प्रदेश सरकार ने झांसी समेत 18 मंडल मुख्यालयों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर एमआरआई मशीन लगवाने की योजना बनाई है। जांच शुरू होने से मरीजों को काफी फायदा होगा। मेडिकल कॉलेज पर से भी मरीजों का बोझ कम होगा।
मौजूदा समय में जिला अस्पताल में एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। ऐेसे में मरीजों को जांच के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में कभी-कभी एमआरआई मशीन खराब भी हो जाती है। तब मरीजों के पास सिर्फ निजी केंद्रों के अलावा कहीं भी जांच कराने के विकल्प नहीं बचता है। चूंकि, निजी केंद्रों पर एमआरआई जांच लगभग पांच हजार रुपये के आसपास होती है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए जांच कराना मुश्किल हो जाता है। कुछ को पैसे उधार भी लेने पड़ जाते हैं। अब योगी सरकार प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालय के जिला अस्पतालों में एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। इसमें झांसी का जिला अस्पताल भी शामिल है। पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन रखवाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि मशीन के लिए 1500 स्कवायर फीट जगह की जरूरत है। वह उपलब्ध कराई जाएगी। अभी जांच की दरों का मूल्य निर्धारित नहीं किया गया है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज में निर्धारित जांच दरों के आसपास ही मूल्य तय किए जा सकते हैं।
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