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सिविक: चार नर्सिंग होमों में नहीं मिली पाइप लाइन-CTY
Updated Tue, 08 Aug 2017 08:19 PM IST
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कुछ संचालक अभी भी लापरवाह, पाइप लाइन गायब
फायर ब्रिगेड की टीम ने सात नर्सिंगहोमों की जांच की
कई अस्पतालों ने कर लिए आग बुझाने के सभी इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
छुट्टी और त्योहार पड़ने के कारण दो दिन बाद फिर से फायर ब्रिगेड विभाग ने शहर के नर्सिंगहोमों की जांच की। कई जगहों पर हाल ही में अग्निशमन यंत्र लगवाने की बात सामने आई। बेसमेंट तो खाली मिले, लेकिन चार अस्पतालों में पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं थी। कमियों के संबंध में बुधवार को अस्पतालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने रामा जैन हॉस्पिटल, चैतन्य, रामराजा, विनोद साहू मल्टीस्पेशिलिटी, किलकारी, राधे, एमके होम नर्सिंग होम की जांच की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि चैतन्य अस्पताल में दो, रामराजा अस्पताल में चार, रामा जैन में सभी छह, एमके होम हॉस्पिटल में छह अग्निशमन यंत्र ठीक मिले। वहीं, राधे अस्पताल में सात सही तो तीन सिलेंडर एक्सपायर मिले। विनोद साहू मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल में बेसमेंट खाली मिला। साथ ही 14 सिलेंडर लगे मिले। किलकारी में भी बेसमेंट खाली था। यहां आठ अग्निशमन यंत्र सही और एक एक्सपायर मिला। उन्होंने बताया कि एमके होम, राधे, विनोद साहू मल्टीस्पेशियलिटी और किलकारी अस्पताल में पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है। कमियों के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई अस्पतालों में हाल ही में अग्निशमन यंत्र लगे हैं।
डीएम के सामने पेशी कल, फैसला संभव
जेडीए कार्यालय में बृहस्पतिवार को तीसरी बार नर्सिंग होम संचालकों को बुलाया गया है। इस दौरान संचालकों को डीएम के सामने अस्पताल का नक्शा पेश करना होगा। यदि मानकों के अनुरूप अस्पताल का आवासीय नक्शा व्यावसायिक में परिवर्तित हो सकता है, तो ही संचालकों से शमन शुल्क वसूलकर ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि गोरखपुर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए या मानचित्र की अनदेखी कर नर्सिंग होम बनवाने वालों को गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा तीन बार नोटिस देने के बावजूद नक्शा पेश न करने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने अस्पतालों को मरीज भर्ती न करने की हिदायत दी है, ताकि सील करने में तीमारदार, मरीज परेशान न हों।
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कुछ संचालक अभी भी लापरवाह, पाइप लाइन गायब
फायर ब्रिगेड की टीम ने सात नर्सिंगहोमों की जांच की
कई अस्पतालों ने कर लिए आग बुझाने के सभी इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
छुट्टी और त्योहार पड़ने के कारण दो दिन बाद फिर से फायर ब्रिगेड विभाग ने शहर के नर्सिंगहोमों की जांच की। कई जगहों पर हाल ही में अग्निशमन यंत्र लगवाने की बात सामने आई। बेसमेंट तो खाली मिले, लेकिन चार अस्पतालों में पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं थी। कमियों के संबंध में बुधवार को अस्पतालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने रामा जैन हॉस्पिटल, चैतन्य, रामराजा, विनोद साहू मल्टीस्पेशिलिटी, किलकारी, राधे, एमके होम नर्सिंग होम की जांच की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि चैतन्य अस्पताल में दो, रामराजा अस्पताल में चार, रामा जैन में सभी छह, एमके होम हॉस्पिटल में छह अग्निशमन यंत्र ठीक मिले। वहीं, राधे अस्पताल में सात सही तो तीन सिलेंडर एक्सपायर मिले। विनोद साहू मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल में बेसमेंट खाली मिला। साथ ही 14 सिलेंडर लगे मिले। किलकारी में भी बेसमेंट खाली था। यहां आठ अग्निशमन यंत्र सही और एक एक्सपायर मिला। उन्होंने बताया कि एमके होम, राधे, विनोद साहू मल्टीस्पेशियलिटी और किलकारी अस्पताल में पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है। कमियों के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई अस्पतालों में हाल ही में अग्निशमन यंत्र लगे हैं।
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डीएम के सामने पेशी कल, फैसला संभव
जेडीए कार्यालय में बृहस्पतिवार को तीसरी बार नर्सिंग होम संचालकों को बुलाया गया है। इस दौरान संचालकों को डीएम के सामने अस्पताल का नक्शा पेश करना होगा। यदि मानकों के अनुरूप अस्पताल का आवासीय नक्शा व्यावसायिक में परिवर्तित हो सकता है, तो ही संचालकों से शमन शुल्क वसूलकर ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि गोरखपुर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए या मानचित्र की अनदेखी कर नर्सिंग होम बनवाने वालों को गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा तीन बार नोटिस देने के बावजूद नक्शा पेश न करने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने अस्पतालों को मरीज भर्ती न करने की हिदायत दी है, ताकि सील करने में तीमारदार, मरीज परेशान न हों।
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