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118 करोड़ से भरा नगर निगम का खाता फिर भी विकास नहीं हो पाता

Fri, 24 Jan 2020 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 01:54 AM IST
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118 carore in nagar nigam accaunt, yet devopment work left
झांसी। नगर निगम के खाते में 118 करोड़ रुपये मौजूद हैं। इनसे विकास और मरम्मत के तमाम ऐसे कार्य हो सकते हैं जिनसे महानगर वासियों को राहत मिल सकती है। शहर में जगह-जगह सड़कें टूटी हैं, गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नाम पर कागजी घोड़े दौड़ रहे हैं। जिम्मेदार अफसर बैठकों में निर्देश देने तक सीमित हैं। स्मार्ट सिटी की वार्षिक रैंक बुरी तरह गिरी है। इस सब से बेपरवाह नगर निगम अमला ‘चैन की नींद’ सो रहा है।
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नगर विकास विभाग के मंत्री आशुतोष टंडन ने बृहस्पतिवार को नगर निगम के अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने झांसी नगर निगम में 118 करोड़ रुपये लंबित रहने पर नाराजगी जताई। कहा कि 43 जिलों में कान्हा गोशाला के निर्माण हेतु द्वितीय किस्त दे दिए जाने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तत्काल कार्य प्रारंभ कराया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे निकाय जहां सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भूमि नहीं मिली है वहां जवाबदेही तय करते हुए संबंधित अधिकारी के प्रति प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए। 10 निकाय जो ओडीएफ में फेल हो गए हैं, वहां के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एनआईसी झांसी में अपर आयुक्त सर्वेश कुमार दीक्षित, नगर आयुक्त मनोज कुमार, अपर जिलाधिकारी राम अक्षयवर चौहान, अपर नगर आयुक्त शादाब असलम मौजूद रहे।
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