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इलाज के पहले और बाद होगी बायोमैट्रिक जांच
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इलाज के पहले और बाद होगी बायोमेट्रिक जांच
झांसी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में गड़बड़ी पर लगाम लगाने के लिए योजना का लाभ लेने वाले मरीजों की बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज होगी। यही नहीं, बड़ी व महंगी जांच के पहले व बाद में भी मरीज के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक सालाना इलाज निशुल्क कराने की सुविधा है। इसके अंतर्गत अस्पतालों में लाभ लेने के मामले में बहुत से फर्जीवाड़े सामने आए है। जैसे, एक ही नाम के कई सदस्य होने पर लाभार्थी के जगह दूसरे लोग इलाज व दवा का लेना तथा पात्र लाभार्थी को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुये इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने तथा पात्र लाभार्थी को इस योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से मरीजों को अब अस्पताल में भर्ती होने से पहले सभी कागजातों के साथ पंजीकृत सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसमें लाभार्थी के अंगूठे का सत्यापन होगा।
इसके अलावा जब मरीज डिस्चार्ज होगा, उस समय भी सत्यापन होगा। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन लागू होने से इस योजना के नाम पर धांधली नहीं हो सकेगी। लाभार्थियों की सत्यता व लाभ की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अब तक जिले में लगभग 38,817 गोल्डन कार्ड बनाए गए है। जबकि, 1501 रोगियों का इलाज इस योजना के तहत किया गया है।
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झांसी। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में गड़बड़ी पर लगाम लगाने के लिए योजना का लाभ लेने वाले मरीजों की बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज होगी। यही नहीं, बड़ी व महंगी जांच के पहले व बाद में भी मरीज के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक सालाना इलाज निशुल्क कराने की सुविधा है। इसके अंतर्गत अस्पतालों में लाभ लेने के मामले में बहुत से फर्जीवाड़े सामने आए है। जैसे, एक ही नाम के कई सदस्य होने पर लाभार्थी के जगह दूसरे लोग इलाज व दवा का लेना तथा पात्र लाभार्थी को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुये इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने तथा पात्र लाभार्थी को इस योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से मरीजों को अब अस्पताल में भर्ती होने से पहले सभी कागजातों के साथ पंजीकृत सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसमें लाभार्थी के अंगूठे का सत्यापन होगा।
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इसके अलावा जब मरीज डिस्चार्ज होगा, उस समय भी सत्यापन होगा। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन लागू होने से इस योजना के नाम पर धांधली नहीं हो सकेगी। लाभार्थियों की सत्यता व लाभ की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि अब तक जिले में लगभग 38,817 गोल्डन कार्ड बनाए गए है। जबकि, 1501 रोगियों का इलाज इस योजना के तहत किया गया है।
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