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महिला अस्पताल में स्टाफ नर्सों की कमी-City
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महिला अस्पताल में स्टाफ नर्सों की कमी
झांसी। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो पहले से ही थी लेकिन अब स्टाफ नर्सों के पद रिक्त होने से इलाज कराने के लिए आ रहे मरीजों व अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में रोजाना 250 से 300 मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, जिनमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं होती हैं। इलाज के दौरान लगभग 10 से 15 गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है और पांच से दस का प्रसव कराया जाता है। अस्पताल में स्टाफ नर्स की कमी से महिलाओं को परेशानी हो रही है। महिला अस्पताल की प्र्र्र्रभारी सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो पहले से ही है, लेकिन अब स्टाफ नर्सों की कमी भी हो गई है। पहले अस्पताल में 11 संविदा और चार नियमित नर्सें थीं। मगर पांच नर्सें अन्य जगहों पर चली जाने की वजह से संविदा पर नर्सों की संख्या घटकर छह रह गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बीस नर्सों की जरूरत है पर सिर्फ 11 नर्सें ही हैं। ओपीडी, वार्ड, अल्ट्रासाउंड, सर्जिकल वार्ड, लेबर रूम, संपूर्णा क्लिनिक व ओटी में कम से कम एक नर्स की ड्यूटी तो लगाना ही पड़ती है। ऐसे में स्टाफ की काफी कमी हो रही है।
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झांसी। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो पहले से ही थी लेकिन अब स्टाफ नर्सों के पद रिक्त होने से इलाज कराने के लिए आ रहे मरीजों व अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में रोजाना 250 से 300 मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, जिनमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं होती हैं। इलाज के दौरान लगभग 10 से 15 गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है और पांच से दस का प्रसव कराया जाता है। अस्पताल में स्टाफ नर्स की कमी से महिलाओं को परेशानी हो रही है। महिला अस्पताल की प्र्र्र्रभारी सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी तो पहले से ही है, लेकिन अब स्टाफ नर्सों की कमी भी हो गई है। पहले अस्पताल में 11 संविदा और चार नियमित नर्सें थीं। मगर पांच नर्सें अन्य जगहों पर चली जाने की वजह से संविदा पर नर्सों की संख्या घटकर छह रह गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बीस नर्सों की जरूरत है पर सिर्फ 11 नर्सें ही हैं। ओपीडी, वार्ड, अल्ट्रासाउंड, सर्जिकल वार्ड, लेबर रूम, संपूर्णा क्लिनिक व ओटी में कम से कम एक नर्स की ड्यूटी तो लगाना ही पड़ती है। ऐसे में स्टाफ की काफी कमी हो रही है।
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