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प्रसव के सापेक्ष बच्चों का पंजीकरण बहुत कम -City

Thu, 30 Aug 2018 01:52 AM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:52 AM IST
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प्रसव के सापेक्ष बच्चों का पंजीकरण बहुत कम -City
प्रसव के सापेक्ष बच्चों का पंजीकरण बहुत कम
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झांसी। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अंतर्गत हेल्थ एंड मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस), मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) व यूपीएचएमआईएस के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण और समीक्षा बैठक का समापन हो गया। एमसीटीएस पोर्टल की समीक्षा के अनुसार पिछले साल की तुलना में अभी तक किसी भी ब्लॉक के एमसीटीएस कार्ड में अकाउंट नंबर नहीं चढ़े हैं। प्रसव के सापेक्ष बच्चों के पंजीकरण बहुत कम हो रहे हैं। जो कि काफी गंभीर बात है।
समीक्षा में पता चला कि खासकर चिरगांव और मोंठ में जुलाई 2018 तक क्रमश: 1135 प्रसव के सापेक्ष 413 बच्चों और 1365 प्रसव के सापेक्ष 565 बच्चों के ही पंजीकरण हुए हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की चारों प्रसव पूर्व जांच में बड़ागांव, चिरगांव, मऊरानीपुर और मोंठ में सबसे कम प्रतिशतता रही है। इसके अलावा सभी ब्लॉक चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) महिलाओं का प्रसव सिर्फ मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय में किया जाए। इसके अलावा पोर्टल पर मऊरानीपुर और बंगरा में एचआरपी महिलाओं के प्रसव की स्थिति काफी हद तक बेहतर देखी गई। पिछले वर्ष मऊरानीपुर में 177 और बंगरा में 99 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जोकि सभी ब्लॉक की तुलना में बेहतर स्थिति रही। इस दौरान सीएमओ डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया कि इन सभी पोर्टल के माध्यम से मैनुअल डाटा अपलोड करने वाली प्रक्रिया को धीरे-धीरे समाप्त कर डाटा अपलोडिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण और समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
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ऑनलाइन डाटा के आधार पर जिला की रैंकिंग प्रदेश में और ब्लॉक की रैंकिंग जिले में तय की जा सकेगी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण व समीक्षा बैठक का पहला उद्देश्य रैंकिंग समीक्षा के लिए सभी ब्लॉक चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित करना है, ताकि इसकी कार्ययोजना बनाई जा सके। दूसरा उद्देश्य डाटा में आ रही कमी के लिए रणनीति तैयार करना, कार्ययोजना बनाकर उसका विश्लेषण करना है। तीसरा उद्देश्य जिला स्तर की रैंकिंग प्रदेश के सापेक्ष व ब्लॉक स्तर की रैंकिंग जिला स्तर के सापेक्ष निर्धारित कर कारणों और कमियों का पता लगाना है। प्रशिक्षण में सभी आठ ब्लॉकों से प्रभारी चिकित्साधीक्षक, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, ब्लॉक कम्यूनिटी प्रोसेस प्रबंधक, एमसीटीसी ऑपरेटर मौजूद रहे।
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