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चुनाव: पॉश इलाकों में देरी से निकले मतदाता,,,-City
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:50 AM IST
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पॉश इलाकों में देरी से निकले मतदाता
झांसी। शहर के पॉश इलाकों में बने मतदान केंद्रों पर सुबह मतदान का काम बेहद धीमा रहा। दस बजे तक बूथों पर एक-एक कर ही मतदाता वोट डालते रहे। मगर, ग्यारह बजे के बाद इन मतदान केंद्रों पर वोटरों का तेजी से पहुंचना शुरू हुआ। कोई कार से तो कोई दो पहिया वाहनों से वोट डालने पहुंचा।
सिविल लाइन, जानकीपुरम, इलाहाबाद बैंक चौराहा, चित्रा चौराहा, रेलवे कालोनी, सीता होटल के पास, आफीसर्स कालोनी, विवेकानंद कालोनी, फ्लावर कालोनी, इलाइट, झोकन बाग, बाबूलाल कारखाना, तहसील, बीकेडी और आसपास क्षेत्र के पॉश इलाकों के मतदाताओं के लिए नेशनल हाफिज सिद्दीकी, वुड्ज हेरिटेज स्कूल, क्रिश्चियन इंटर कालेज, एसपीआई इंटर कालेज में मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन मतदान केंद्रों पर सुबह दस बजे तक दस फीसदी से भी कम लोगों ने अपने वोट डाले। मगर, इसके बाद मतदाताओं की संख्या में इजाफा होता गया और यह सिलसिला शाम पांच बजे तक बना रहा। इन मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या लोग अपनी कार और दो पहिया वाहनों से वोट डालने पहुंचे। वृद्ध मतदाताओं को लाने के लिए कई प्रत्याशियों तो कार से लाने तक की व्यवस्था कर रखी थी।
स्मार्ट सिटी का सपना पूरा करना है
मुझे राजनीति में रुचि नहीं है। आज मेरा मन वोट डालने का नहीं था। मगर, फिर ध्यान आया कि झांसी को स्मार्ट सिटी बनवाना है। इसके लिए अच्छे महापौर और वार्ड प्रत्याशी का चुनना जरूरी है। इसलिए वोट न डालने का निर्णय बदल दिया।
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अंकिता वर्मा, सिविल लाइन।
अपने अधिकार से वंचित नहीं कर सकती
मैं मतदान को अपना सम्मान समझती हूं। यह हमारा अधिकार है, जो हमें अपने देश में स्वतंत्र नागरिक होने का अहसास कराता है। आज घर में काम ज्यादा होने के कारण देरी से वोट डालने आ सकी। मगर, हर बार कोशिश यही रहती है कि जल्दी से जल्दी वोट डाल दूं।
आशा सुखेजा, सिविल लाइन।
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झांसी। शहर के पॉश इलाकों में बने मतदान केंद्रों पर सुबह मतदान का काम बेहद धीमा रहा। दस बजे तक बूथों पर एक-एक कर ही मतदाता वोट डालते रहे। मगर, ग्यारह बजे के बाद इन मतदान केंद्रों पर वोटरों का तेजी से पहुंचना शुरू हुआ। कोई कार से तो कोई दो पहिया वाहनों से वोट डालने पहुंचा।
सिविल लाइन, जानकीपुरम, इलाहाबाद बैंक चौराहा, चित्रा चौराहा, रेलवे कालोनी, सीता होटल के पास, आफीसर्स कालोनी, विवेकानंद कालोनी, फ्लावर कालोनी, इलाइट, झोकन बाग, बाबूलाल कारखाना, तहसील, बीकेडी और आसपास क्षेत्र के पॉश इलाकों के मतदाताओं के लिए नेशनल हाफिज सिद्दीकी, वुड्ज हेरिटेज स्कूल, क्रिश्चियन इंटर कालेज, एसपीआई इंटर कालेज में मतदान केंद्र बनाए गए थे। इन मतदान केंद्रों पर सुबह दस बजे तक दस फीसदी से भी कम लोगों ने अपने वोट डाले। मगर, इसके बाद मतदाताओं की संख्या में इजाफा होता गया और यह सिलसिला शाम पांच बजे तक बना रहा। इन मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या लोग अपनी कार और दो पहिया वाहनों से वोट डालने पहुंचे। वृद्ध मतदाताओं को लाने के लिए कई प्रत्याशियों तो कार से लाने तक की व्यवस्था कर रखी थी।
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स्मार्ट सिटी का सपना पूरा करना है
मुझे राजनीति में रुचि नहीं है। आज मेरा मन वोट डालने का नहीं था। मगर, फिर ध्यान आया कि झांसी को स्मार्ट सिटी बनवाना है। इसके लिए अच्छे महापौर और वार्ड प्रत्याशी का चुनना जरूरी है। इसलिए वोट न डालने का निर्णय बदल दिया।
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अंकिता वर्मा, सिविल लाइन।
अपने अधिकार से वंचित नहीं कर सकती
मैं मतदान को अपना सम्मान समझती हूं। यह हमारा अधिकार है, जो हमें अपने देश में स्वतंत्र नागरिक होने का अहसास कराता है। आज घर में काम ज्यादा होने के कारण देरी से वोट डालने आ सकी। मगर, हर बार कोशिश यही रहती है कि जल्दी से जल्दी वोट डाल दूं।
आशा सुखेजा, सिविल लाइन।