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मत् स्य विभाग-City
Updated Sat, 07 Oct 2017 09:55 PM IST
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सजावटी मछलियों की पहचान कराई, प्रजनन की विधि बताई
सब हेड... प्रशिक्षणार्थियों को कराया पहूज बांध का भ्रमण
- मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर में दी गईं अहम जानकारियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मत्स्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शनिवार को प्रशिक्षणार्थियों को पहूज बांध का भ्रमण कराया गया, जिसके माध्यम से उन्हें देसी प्रजाति की रंगीन मछलियों की पहचान कराई गई। इसके अलावा उन्हें प्रजनन केंद्र भी ले जाया गया, जहां मत्स्य प्रजनन व्यवसाय से जुड़ीं जानकारियां दी गईं।
पंचतंत्र पार्क स्थित मत्स्य चेतना केंद्र में आयोजित शिविर में बिपिन बिहारी महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विजय इंद्र शर्मा ने विभिन्न प्रजातियों की रंगीन मछलियों के प्रजनन से जुड़ीं जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर सजावटी मछलियों का प्रजनन कराकर अच्छा मुनाफा अर्जित किया जा सकता है। यह बेहद आसान भी है, बस जरूरत नियमित रूप से देखरेख की है।
इसके बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों को पहूज जलाशय ले जाया गया। यहां उन्हें देसी रंगीन मछली की विभिन्न प्रजाति ईल, कोलिसा, ग्लास फिश, खर्दा, पतोला की पहचान कराई गई। यहां सभी प्रशिक्षणार्थी डड़ियापुरा स्थित गुलाब कलर फिश हैचरी पहुंचे। यहां उन्हें गोल्ड फिश, मोली, कोई, गोरामी प्रजाति की मछलियों के प्रजनन की तकनीकी समझाई गई। यहां हैचरी के प्रबंधक गुलाब रायकवार ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रजनन से जुड़ीं जानकारियां विस्तार से दीं। जबकि, प्रशिक्षणार्थियों की फील्ड विजिट का संयोजन प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य दिनेश सिंह और मत्स्य चेतना केंद्र के प्रभारी शरद कुमार तिवारी ने किया।
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पहूज में सजावटी मछलियों का भंडार
मत्स्य विभाग के उप निदेशक डा. अरविंद मिश्रा ने बताया कि पहूज जलाशय में रंगीन सजावटी मछलियों का बड़ा भंडार है। यहां ईल, कोलिसा, ग्लास फिश, खर्दा, पतोला प्रजाति की भारी संख्या में मछलियां उपलब्ध हैं। सुंदरता में देसी प्रजाति की उक्त मछलियां विदेशी मछलियों से कमतर नहीं है। सजावटी मछली व्यवसायी इन मछलियों की बिक्री कर ज्यादा मुनाफा अर्जित कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को भी यह मछलियां सस्ती पड़ेंगी।
शिविर का समापन आज
मत्स्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन होगा। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शिविर में झांसी, ललितपुर और जालौन के पचास प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
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सजावटी मछलियों की पहचान कराई, प्रजनन की विधि बताई
सब हेड... प्रशिक्षणार्थियों को कराया पहूज बांध का भ्रमण
- मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर में दी गईं अहम जानकारियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मत्स्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शनिवार को प्रशिक्षणार्थियों को पहूज बांध का भ्रमण कराया गया, जिसके माध्यम से उन्हें देसी प्रजाति की रंगीन मछलियों की पहचान कराई गई। इसके अलावा उन्हें प्रजनन केंद्र भी ले जाया गया, जहां मत्स्य प्रजनन व्यवसाय से जुड़ीं जानकारियां दी गईं।
पंचतंत्र पार्क स्थित मत्स्य चेतना केंद्र में आयोजित शिविर में बिपिन बिहारी महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विजय इंद्र शर्मा ने विभिन्न प्रजातियों की रंगीन मछलियों के प्रजनन से जुड़ीं जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर सजावटी मछलियों का प्रजनन कराकर अच्छा मुनाफा अर्जित किया जा सकता है। यह बेहद आसान भी है, बस जरूरत नियमित रूप से देखरेख की है।
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इसके बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों को पहूज जलाशय ले जाया गया। यहां उन्हें देसी रंगीन मछली की विभिन्न प्रजाति ईल, कोलिसा, ग्लास फिश, खर्दा, पतोला की पहचान कराई गई। यहां सभी प्रशिक्षणार्थी डड़ियापुरा स्थित गुलाब कलर फिश हैचरी पहुंचे। यहां उन्हें गोल्ड फिश, मोली, कोई, गोरामी प्रजाति की मछलियों के प्रजनन की तकनीकी समझाई गई। यहां हैचरी के प्रबंधक गुलाब रायकवार ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रजनन से जुड़ीं जानकारियां विस्तार से दीं। जबकि, प्रशिक्षणार्थियों की फील्ड विजिट का संयोजन प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य दिनेश सिंह और मत्स्य चेतना केंद्र के प्रभारी शरद कुमार तिवारी ने किया।
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पहूज में सजावटी मछलियों का भंडार
मत्स्य विभाग के उप निदेशक डा. अरविंद मिश्रा ने बताया कि पहूज जलाशय में रंगीन सजावटी मछलियों का बड़ा भंडार है। यहां ईल, कोलिसा, ग्लास फिश, खर्दा, पतोला प्रजाति की भारी संख्या में मछलियां उपलब्ध हैं। सुंदरता में देसी प्रजाति की उक्त मछलियां विदेशी मछलियों से कमतर नहीं है। सजावटी मछली व्यवसायी इन मछलियों की बिक्री कर ज्यादा मुनाफा अर्जित कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को भी यह मछलियां सस्ती पड़ेंगी।
शिविर का समापन आज
मत्स्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय मत्स्य पालक प्रशिक्षण शिविर का रविवार को समापन होगा। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शिविर में झांसी, ललितपुर और जालौन के पचास प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।