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सिवि क एमिनि टिीज : ग्रामीणों के प्रधानमंत्री आवास बनेंगे-City
Updated Wed, 26 Jul 2017 07:42 PM IST
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पक्के घर का सपना, जल्द होगा अपना
सब हेड: प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले के 3,225 ग्रामीणों को मिलेंगे मकान
क्रासर
शौचालय, गैस और बिजली कनेक्शन भी फ्री में, दिव्यांगों को तीन प्रतिशत कोटा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कच्चे घरों में रहने वाले जिले के 3,225 ग्रामीणों का पक्के घर का सपना जल्द पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में 3225 मकान बनाए जाएंगे। मकान के अलावा लाभार्थी को शौचालय बनाने के लिए अलग से पैसे मिलेंगे। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजना में बिजली का कनेक्शन फ्री में मिलेगा।
2011 में सामाजिक और आर्थिक सर्वे में गांवों में जिन लोगों के कच्चे मकान थे उनके पक्के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनवाए जा रहे हैं। इसमें 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे। पहली किस्त 40 हजार, दूसरी किस्त 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये दी जाएगी। परिवार में महिला मुखिया है तो उसके नाम पर आवास का पैसा दिया जाएगा। यदि परिवार का मुखिया दिव्यांग है और कच्चा आवास है तो ऐसे दिव्यांगों को तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। लाभार्थियों की जमीन पट्टे की अथवा स्वयं की होनी चाहिए। अगर जमीन नहीं है तो ग्राम सभा जमीन दिलाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 25 वर्ग मीटर जमीन पर आवास बनेगा।
मजदूरी भी मिलेगी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत यदि लाभार्थी दिव्यांग नहीं है तो मनरेगा के अंतर्गत 90 दिन की मजदूरी (प्रतिदिन 175 रुपये) दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का भी लाभ मिलेगा। यदि कोई लाभार्थी दिव्यांग है तो उसे मनरेगा का लाभ नहीं मिलेगा।
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ये है ब्लाकबार लक्ष्य
ब्लाक आवास का लक्ष्य
बबीना 201
बड़ागांव 100
बामौर 376
बंगरा 573
चिरगांव 428
गुरसराय 476
मोंठ 416
मऊरानीपुर 655
ये है सर्वे रिपोर्ट
2011 में कराई गई सामाजिक आर्थिक गणना में कच्चे आवास अल्पसंख्यकों के 759, अनुसूचित जाति के 13,532, जनजाति के 832 और अन्य श्रेणी के 17,871 कच्चे आवास थे। छह साल तक कुछ नहीं हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई, लेकिन तब तक बहुत से लोगों के पक्के आवास बन गए तो दोबारा सत्यापन किया गया। इसमें पात्र अल्पसंख्यकों की संख्या 416, अनुसूचित जाति के 6,740, जनजाति के 456 व अन्य 9,128 पाए गए हैं।
2019 तक तैयार हो जाएंगे
2019 तक सभी ग्रामीणों के आवास पक्के बनाने का लक्ष्य है। योजना के अंतर्गत 2017-18 का लक्ष्य तय हो गया है। इससे पहले 4,053 आवास बनाए जा चुके हैं। यदि किसी गरीब का आवास कच्चा है और सर्वे के दौरान वह छूट गया है तो फिर से ग्राम पंचायत अधिकारी सर्वे कर रहे हैं। उस व्यक्ति का नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा। सूची शासन में फिर केंद्र सरकार को जाएगी, जहां से छूटे व्यक्ति का नाम ओके होने के बाद उसका आवास बनवाया जाएगा।
-डा. आरके गौतम
परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य एवं विकास अभिकरण
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पक्के घर का सपना, जल्द होगा अपना
सब हेड: प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले के 3,225 ग्रामीणों को मिलेंगे मकान
क्रासर
शौचालय, गैस और बिजली कनेक्शन भी फ्री में, दिव्यांगों को तीन प्रतिशत कोटा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कच्चे घरों में रहने वाले जिले के 3,225 ग्रामीणों का पक्के घर का सपना जल्द पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में 3225 मकान बनाए जाएंगे। मकान के अलावा लाभार्थी को शौचालय बनाने के लिए अलग से पैसे मिलेंगे। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजना में बिजली का कनेक्शन फ्री में मिलेगा।
2011 में सामाजिक और आर्थिक सर्वे में गांवों में जिन लोगों के कच्चे मकान थे उनके पक्के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनवाए जा रहे हैं। इसमें 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे। पहली किस्त 40 हजार, दूसरी किस्त 70 हजार और तीसरी किस्त 10 हजार रुपये दी जाएगी। परिवार में महिला मुखिया है तो उसके नाम पर आवास का पैसा दिया जाएगा। यदि परिवार का मुखिया दिव्यांग है और कच्चा आवास है तो ऐसे दिव्यांगों को तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। लाभार्थियों की जमीन पट्टे की अथवा स्वयं की होनी चाहिए। अगर जमीन नहीं है तो ग्राम सभा जमीन दिलाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 25 वर्ग मीटर जमीन पर आवास बनेगा।
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मजदूरी भी मिलेगी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत यदि लाभार्थी दिव्यांग नहीं है तो मनरेगा के अंतर्गत 90 दिन की मजदूरी (प्रतिदिन 175 रुपये) दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का भी लाभ मिलेगा। यदि कोई लाभार्थी दिव्यांग है तो उसे मनरेगा का लाभ नहीं मिलेगा।
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ये है ब्लाकबार लक्ष्य
ब्लाक आवास का लक्ष्य
बबीना 201
बड़ागांव 100
बामौर 376
बंगरा 573
चिरगांव 428
गुरसराय 476
मोंठ 416
मऊरानीपुर 655
ये है सर्वे रिपोर्ट
2011 में कराई गई सामाजिक आर्थिक गणना में कच्चे आवास अल्पसंख्यकों के 759, अनुसूचित जाति के 13,532, जनजाति के 832 और अन्य श्रेणी के 17,871 कच्चे आवास थे। छह साल तक कुछ नहीं हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई, लेकिन तब तक बहुत से लोगों के पक्के आवास बन गए तो दोबारा सत्यापन किया गया। इसमें पात्र अल्पसंख्यकों की संख्या 416, अनुसूचित जाति के 6,740, जनजाति के 456 व अन्य 9,128 पाए गए हैं।
2019 तक तैयार हो जाएंगे
2019 तक सभी ग्रामीणों के आवास पक्के बनाने का लक्ष्य है। योजना के अंतर्गत 2017-18 का लक्ष्य तय हो गया है। इससे पहले 4,053 आवास बनाए जा चुके हैं। यदि किसी गरीब का आवास कच्चा है और सर्वे के दौरान वह छूट गया है तो फिर से ग्राम पंचायत अधिकारी सर्वे कर रहे हैं। उस व्यक्ति का नाम सूची में जोड़ दिया जाएगा। सूची शासन में फिर केंद्र सरकार को जाएगी, जहां से छूटे व्यक्ति का नाम ओके होने के बाद उसका आवास बनवाया जाएगा।
-डा. आरके गौतम
परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य एवं विकास अभिकरण