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पहूज नदी के बहुरेंगे दिन, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना
Tue, 22 Jan 2019 02:02 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 22 Jan 2019 02:02 AM IST
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झांसी। पहूज नदी (पुष्पावती) के दिन बहुरेंगे। नदी के किनारे बने घाटों को सुंदर बनाया जाएगा। फैंसी लाइटें लगेंगी। पुल को भी नया रूप दिया जाएगा। इस नदी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन और झांसी विकास प्राधिकरण प्लान तैयार कर रहे हैं।
सांसद/ केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने पहूज नदी को गोद लिया है। महानगर से सटी इस नदी में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे इसमेें बहुत गंदगी है। सिल्ट जमा होने के कारण पानी बहुत गंदा है। आसपास काई भी जमा है, जिस कारण नदी का स्वरूप बिगड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने नदी के किनारों को विकसित करने के लिए नदी को स्मार्ट सिटी में शामिल करने को कहा है। साथ ही जिलाधिकारी को नदी के घाटों को सुंदर बनाने का प्लान बनाने को कहा।
प्लान बनाने में जेडीए भी सहयोग कर रहा है। अब तक जो प्लान तैयार हुआ है, उसके मुताबिक नदी के घाटों को सुंदर बनाया जाएगा। घाटों पर लाइटिंग होगी। खासकर जहां पर नवरात्र में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, वहां के घाट को सुंदर बनाया जाएगा। यही नहीं, पुल से कोई व्यक्ति नदी में कचरा न डाल सके इसलिए लोहे का जाल लगाया जाएगा। नदी का श्रृंगार करने का मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना है। क्योंकि, नंदनपुरा क्षेत्र में ऐसा कोई ऐतिहासिक स्थल नहीं है, जहां पर्यटकों को लाया जा सके, इसलिए नदी के घाटों को सुंदर बनाया जाएगा। इन घाटों के विकसित हो जाने के बाद यहां पर खाने- पीने के स्टाल लगाए जाएंगे। सभी स्टाल एक रूपता में रहेंगे, ताकि दूर से देखने में सुंदर लगें।
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'नदी के घाटों को सुंदर बनाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। प्लान तैयार होने के बाद नदी पर काम शुरू किया जाएगा।'
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
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सांसद/ केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने पहूज नदी को गोद लिया है। महानगर से सटी इस नदी में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे इसमेें बहुत गंदगी है। सिल्ट जमा होने के कारण पानी बहुत गंदा है। आसपास काई भी जमा है, जिस कारण नदी का स्वरूप बिगड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने नदी के किनारों को विकसित करने के लिए नदी को स्मार्ट सिटी में शामिल करने को कहा है। साथ ही जिलाधिकारी को नदी के घाटों को सुंदर बनाने का प्लान बनाने को कहा।
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प्लान बनाने में जेडीए भी सहयोग कर रहा है। अब तक जो प्लान तैयार हुआ है, उसके मुताबिक नदी के घाटों को सुंदर बनाया जाएगा। घाटों पर लाइटिंग होगी। खासकर जहां पर नवरात्र में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, वहां के घाट को सुंदर बनाया जाएगा। यही नहीं, पुल से कोई व्यक्ति नदी में कचरा न डाल सके इसलिए लोहे का जाल लगाया जाएगा। नदी का श्रृंगार करने का मकसद पर्यटन को बढ़ावा देना है। क्योंकि, नंदनपुरा क्षेत्र में ऐसा कोई ऐतिहासिक स्थल नहीं है, जहां पर्यटकों को लाया जा सके, इसलिए नदी के घाटों को सुंदर बनाया जाएगा। इन घाटों के विकसित हो जाने के बाद यहां पर खाने- पीने के स्टाल लगाए जाएंगे। सभी स्टाल एक रूपता में रहेंगे, ताकि दूर से देखने में सुंदर लगें।
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'नदी के घाटों को सुंदर बनाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। प्लान तैयार होने के बाद नदी पर काम शुरू किया जाएगा।'
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी