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श्रेणी - बंद बेअसर, महानगर में खुले रहे प्रतिष्ठान-City

Fri, 07 Sep 2018 02:21 AM IST
Updated Fri, 07 Sep 2018 02:21 AM IST
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श्रेणी - बंद बेअसर, महानगर में खुले रहे प्रतिष्ठान-City
बंद बेअसर, महानगर में खुले रहे प्रतिष्ठान
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- आरक्षण हटाओ- देश बचाओ के लगे नारे, इलाइट चौराहा पर हुआ प्रदर्शन
- व्यापारियों में तालमेल की कमी के चलते सफल नहीं हो सका आह्वान
- मुख्य चौराहों पर तैनात रहा पुलिस बल, स्टेशन पर भी रही सुरक्षा व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में बंद के आह्वान का जिले में कोई असर देखने को नहीं मिला। महानगर के सभी बाजारों में प्रतिष्ठान खुले रहे। व्यापारियों में तालमेल व समन्वय की कमी के चलते बंदी सफल नहीं हो सकी। वहीं, इलाइट चौराहा पर प्रदर्शन कर आरक्षण हटाओ-देश बचाओ के नारे लगाकर प्रदर्शन कर एक्ट को वापस लिए जाने की मांग भी जोर पकड़े रही।
अनुसूचित जाति - जनजाति (एससी-एसटी) संशोधन अधिनियम के खिलाफ सवर्ण संगठनों ने 6 सितंबर को पूरे भारत में बंद का एलान किया था। बृहस्पतिवार को जिले में इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। सुबह से ही बाजार में प्रतिष्ठान खुलने लगे। मानिक चौक, सदर बाजार, सीपरी बाजार, बड़ाबाजार समेत अन्य बाजार धड़ल्ले से खुले। दुकानदारों ने बताया कि उनको भारत बंद की जानकारी जरुर है, लेकिन जिले में बंदी होने की कोई जानकारी नहीं थी। इसीलिए वह अपने-अपने प्रतिष्ठान खोल रहे हैं। हालांकि, बंद की खबर के चलते सुबह से ही पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर लिए थे। रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जीआरपी व आरपीएफ ने मुख्य गेट से लेकर प्लेटफार्म पर चाक चौबंद सुरक्षा बनाए रखी। वहीं, इलाइट चौराहा से लेकर बस स्टैंड, कचहरी चौराहा व अन्य मुख्य चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा।
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वहीं, महानगर में बंदी का असर भले ही नहीं दिखा, लेकिन इलाइट चौराहा पर एकत्रित हुए सवर्णों ने विरोध जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी, ब्राह्माण व क्षत्रिय समाज के संयुक्त तत्वावधान में एससी, एसटी एक्ट व आरक्षण के विरोध में हरिजन एक्ट वापस लो आरक्षण हटाओ देश बचाओ के नारे लगाकर प्रदर्शन किया गया। साथ ही, ‘धारा 370 और राम मंदिर पर बोल न पाए, भाई-भाई को क्यूं लड़ाएं’ आदि नारे भी लगाए गए। इसी बीच सभी ने चेतावनी दी कि यदि दो माह के भीतर लागू किए गए एक्ट को वापस नहीं लिया गया तो पूरे देश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित पंकज रावत ने कहा कि केंद्र सरकार सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के लिए देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ कर रही है। भाई को भाई से लड़ाकर वोट हासिल करना चाहती है। चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने एक्ट वापस नहीं लिया तो मंत्री, विधायकों को उनके घरों में नजरबंद करने का आह्वान किया जाएगा। साथ ही, सांसदों व विधायकों को क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर कुंवर सोनू ठाकुर, धरन शर्मा, हिमांशु पटैरिया, दीपक यादव, विक्रम यादव, राजू यादव, श्याम सिंधी, रमनदास जी महाराज, नीरजा रावत मौजूद रहे।

बड़े संगठनों ने नहीं बनाया समन्वय
बड़े संगठनों ने व्यापारी संगठनों से किसी भी तरह का कोई समन्वय नहीं बनाया, जिसके चलते सही समय पर बंद की रणनीति नहीं बन सकी।
अतुल जैन
अध्यक्ष - मानिक चौक व्यापार मंडल

समय पर नहीं बन सकी रणनीति
बंद से पहले जो रणनीति बननी थी, वह समय पर नहीं बन सकी। मैंने जरूर अपना प्रतिष्ठान बंद रखा, इसके लिए बड़े संगठनों को आगे आना चाहिए था।
संतोष साहू, महानगर अध्यक्ष - उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल

किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी
बंद से पहले बाकायदा सभी को जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, लेकिन इस बार किसी के भी जिम्मेदारी न निभाने के कारण जिले में बंद नहीं हो सका।
संजय पटवारी, अध्यक्ष - उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल

राजनीति की भेंट चढ़ गई बाजार बंदी
बाजार बंद करने के लिए सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाजार बंद भी राजनीति की भेंट चढ़ गया।
सुनील अग्रवाल उपाध्यक्ष - दीक्षित बाग सराफा व्यापार मंडल



राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने जिलाध्यक्ष कुंवर देवेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिसमें बताया गया कि पिछड़ों एवं सवर्णों के साथ रहे कुठारघात का परिहार्य बना एससी व एसटी अधिनियम समाज में असंतुलन उत्पन्न करने का काम कर रहा है। इस अधिनियम को जिस मूल भावना के साथ बनाया गया था, वह खत्म हो गई है। सवर्ण समाज अपने आप को उत्पीड़ित महसूस कर रहा है। कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने जिस अधिनियम में संशोधन कर पहले जांच और उसके बाद गिरफ्तारी की बात कही हो उसी अधिनियम में इसके विपरीत संशोधन करने की क्या आवश्यकता थी। इस मौके पर पंडित प्रशांत रिछारिया, पंकज मिश्रा, विवेक गोस्वामी, ऋषिकेष रावत, गौरीशंकर बिदुआ, मनीष रावत, पंकज शुक्ला, विक्रम यादव, राजू यादव, रत्नेश समाधिया मौजूद रहे।


प्रधानमंत्री की कथनी-करनी में अंतर
बुंदेलखंड सर्व ब्राह्मण महासभा की एक बैठक पंडित अरविंद उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। प्रधानमंत्री तुरंत इस एक्ट को निरस्त करें। सवर्ण लामंबद होकर आंदोलन को तैयार हैं। श्रीराम बुधौलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री सवर्णों के साथ अन्याय का खेल खेल रहे हैं। जो सवर्णों की एकता अखंडता के साथ नहीं चल पाएगा। इस मौके पर अरविंद उपाध्याय, प्रमोद तिवारी, सत्य प्रकाश मिश्रा, राजकुमार, कमलेश मिश्रा,राम भूषण उपाध्याय, शिव नारायण तिवारी, संजय दुबे मौजूद रहे।
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