फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   बीयू शिक्षकों को शोध कराएगा जीजेयूएसटी-City

बीयू शिक्षकों को शोध कराएगा जीजेयूएसटी-City

Fri, 27 Oct 2017 09:06 PM IST
Updated Fri, 27 Oct 2017 09:06 PM IST
विज्ञापन
बीयू शिक्षकों को शोध कराएगा जीजेयूएसटी-City
बीयू का लोगो लगाएं
विज्ञापन

.............................
बीयू शिक्षकों को शोध कराएगा जीजेयूएसटी
सब हेड: टीक्युप फेस-3 के अंतर्गत दोनों यूनिवर्सिटी में हुआ अहम करार
- बीटेक छात्रों को भी शोध कार्य में मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
गुरु जांबेश्वर विश्वविद्यालय ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (जीजेयूएसटी), हरियाणा के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (आईएसईटी) विभाग और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बीच अहम करार हुए हैं। अब बीयू के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईईटी) के सभी विभागों के एक-एक शिक्षक को जीजेयूएसटी पीएचडी कराएगा। बीटेक के मेधावी छात्र-छात्राओं की टीम जीजेयूएसटी प्रयोगशाला में जाकर शोध कार्य कर सकेंगे। यह करार तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता कार्यक्रम (टीक्युप) के तृतीय चरण के अंतर्गत हुआ है।
टीक्युप फेस-3 के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जीजेयूएसटी को बीयू का मेंटर बनाया है। इसलिए बीयू को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना और कठिनाइयों का समाधान कराने का जिम्मा जीजेयूएसटी पर है। हाल ही में बीयू कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, आईईटी संकायाध्यक्ष प्रो. आरके सैनी और जीजेयूएसटी के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें कई मामलों में दोनों के बीच सहमति बनी है। मीडिया समन्वयक इंजी. राहुल शुक्ला ने बताया कि अब बीयू के आईईटी के सभी सात विभागों के एक-एक शिक्षक को जीजेयूएसटी पीएचडी कराएगा और अपने यहां के शिक्षकों को गाइड बनाएगा। साथ बीटेक छात्र-छात्राओं की टीम जीजेयूएसटी की प्रयोगशालाओं में प्रोजेक्ट व शोध कार्य के भेजी जाएगी। जीजेयूएसटी के विद्यार्थी भी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय आएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता और गेट स्कोर सुधारने के लिए बीयू में जीजेयूएसटी शिक्षकों के लेक्चर होंगे। ताकि, प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को सफलता मिल सके। इसके अलावा बीच-बीच में दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य गोष्ठी व अन्य कार्यक्रम कराने पर भी सहमति बनी है।
विज्ञापन

प्रो. आरके सैनी ने बताया कि शोध कार्य को भी तेज गति से बढ़ाया जाएगा। शिक्षकों को भी शोध के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे संस्थान को नई ऊंचाइयां छूने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed