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बौद्ध भिक्खुओं ने निकाली धम्म यात्रा-City
Updated Sat, 14 Oct 2017 09:46 PM IST
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जैसा मन में विचार रखोगे, वैसा ही फल मिलेगा
- बौद्ध भिक्क्षुओं ने निकाली धम्म यात्रा
- संगोष्ठी में रखे विचार, उपाली संदेश पत्रिका का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुद्ध की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उपाली राजगृह बुद्धविहार प्रबंध समिति द्वारा शनिवार को स्टेशन से राजकीय संग्रहालय तक धम्म यात्रा निकाली गई। राजकीय संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी में बौद्ध भिक्क्षुओं और उपासकों ने विचार रखे। भिक्क्षुयों की वार्षिक पत्रिका उपाली संदेश के तीसरे अंक का विमोचन रेल अफसर इंजीनियर दिनेश चंद्र दिनकर ने किया।
संगोष्ठी में सुल्तानपुर से आए प्रोफेसर डॉ. बजरंग यादव ने कहा कि विपश्यना साधना से मन एवं शरीर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए कहावत बनी जैसा मन में विचार रखोगे, वैसा की फल प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मथुरा बौद्ध मूर्तियों के निर्माण का मुख्य केंद्र था तथा बुद्ध की पहली मूर्ति मथुरा में ही बनी। म्यांमार निवासी भिक्क्षु आसिन सूर्या ने कहा कि बुद्ध और भारत से प्राप्त विपश्यना साधना को म्यांमार के पूर्वजों से जैसा सीखा वैसा ही सुरक्षित रखा है। अध्यक्ष भिक्क्षु उपाली थेरो ने कहा कि बुद्ध ने भिक्खु, भिक्खुनी, उपासक और उपासिकाओं के लिए नियम बनाए, जिन्हें विनय कहा गया। इंजीनियर दयासागर बौद्ध ने कहा कि बुंदेलखंड का ऐतिहासिक महत्व रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर बजरंगी यादव ने किया। संगोष्ठी में सचिव डॉ. मिक्क्षु सुमेध थेरो, अरुण कुमार, रामचरण, सरोज वर्मा, मुन्नालाल, अशोक कुमार असैया, घनश्याम गौतम ने भी विचार व्यक्त किए। शाम को बौद्ध भिक्क्षुओं ने उपाली राजगृह बुद्धविहार पहुंचकर दीपदान किया और एक स्तूप का भी लोकार्पण किया।
बाक्स
आज ललितपुर जाएंगी धम्म यात्रा
रविवार की सुबह धम्म यात्रा झांसी से सिमराबारी भेल स्थित सम्यक बुद्ध विहार पर पूजा वंदना करने के बाद ललितपुर के लिए रवाना होगी। ललितपुर में यात्रा डॉ. अंबेडकर पार्क जेल चौराहा स्थित सुमेध भूमि बुद्ध विहार पहुंचेगी।
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जैसा मन में विचार रखोगे, वैसा ही फल मिलेगा
- बौद्ध भिक्क्षुओं ने निकाली धम्म यात्रा
- संगोष्ठी में रखे विचार, उपाली संदेश पत्रिका का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुद्ध की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उपाली राजगृह बुद्धविहार प्रबंध समिति द्वारा शनिवार को स्टेशन से राजकीय संग्रहालय तक धम्म यात्रा निकाली गई। राजकीय संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी में बौद्ध भिक्क्षुओं और उपासकों ने विचार रखे। भिक्क्षुयों की वार्षिक पत्रिका उपाली संदेश के तीसरे अंक का विमोचन रेल अफसर इंजीनियर दिनेश चंद्र दिनकर ने किया।
संगोष्ठी में सुल्तानपुर से आए प्रोफेसर डॉ. बजरंग यादव ने कहा कि विपश्यना साधना से मन एवं शरीर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए कहावत बनी जैसा मन में विचार रखोगे, वैसा की फल प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि मथुरा बौद्ध मूर्तियों के निर्माण का मुख्य केंद्र था तथा बुद्ध की पहली मूर्ति मथुरा में ही बनी। म्यांमार निवासी भिक्क्षु आसिन सूर्या ने कहा कि बुद्ध और भारत से प्राप्त विपश्यना साधना को म्यांमार के पूर्वजों से जैसा सीखा वैसा ही सुरक्षित रखा है। अध्यक्ष भिक्क्षु उपाली थेरो ने कहा कि बुद्ध ने भिक्खु, भिक्खुनी, उपासक और उपासिकाओं के लिए नियम बनाए, जिन्हें विनय कहा गया। इंजीनियर दयासागर बौद्ध ने कहा कि बुंदेलखंड का ऐतिहासिक महत्व रहा है। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर बजरंगी यादव ने किया। संगोष्ठी में सचिव डॉ. मिक्क्षु सुमेध थेरो, अरुण कुमार, रामचरण, सरोज वर्मा, मुन्नालाल, अशोक कुमार असैया, घनश्याम गौतम ने भी विचार व्यक्त किए। शाम को बौद्ध भिक्क्षुओं ने उपाली राजगृह बुद्धविहार पहुंचकर दीपदान किया और एक स्तूप का भी लोकार्पण किया।
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आज ललितपुर जाएंगी धम्म यात्रा
रविवार की सुबह धम्म यात्रा झांसी से सिमराबारी भेल स्थित सम्यक बुद्ध विहार पर पूजा वंदना करने के बाद ललितपुर के लिए रवाना होगी। ललितपुर में यात्रा डॉ. अंबेडकर पार्क जेल चौराहा स्थित सुमेध भूमि बुद्ध विहार पहुंचेगी।
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