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Jhansi News: मोटर फुंकने से पानी के लिए भटकती रही 10 हजार की आबादी

Fri, 04 Apr 2025 12:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 12:16 AM IST
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10 thousand people were wandering for water due to motor failure
अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर-पाली। नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित जल संस्थान की टंकी का मोटर फुंकने से दो दिनों से 10 हजार से अधिक आबादी को पानी के लिए भटकना पड़ा। सुबह से ही लोग बर्तन लेकर हैंडपंपों व निजी बोरिंग से पानी भरते नजर आए।
नगर क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए पानी की एक टंकी है तो आधा दर्जन के करीब नलकूप हैं। जिला परिषद कॉलेज के पास जो पानी की टंकी है, उसे भरने के लिए केवल दो नलकूप ही उपयोग में लाए जा रहे हैं। बिरधा घाट नदी पर बना नलकूप बंद पड़ा है तो राजगढ़ मार्ग, बालाबेहट मार्ग पर जो नलकूप है ,उनसे पानी टंकी में न ले जाकर सीधे सप्लाई की जा रही है। जबकि, टंकी से जो लाइन निकली है, उससे जल संस्थान के उपभोक्ता जुड़े हैं। टंकी से निकलने वाले नलों का पानी पाली बस स्टैंड क्षेत्र से कुरयाना मोहल्ला, हजारिया मोहल्ला, मुख्य बाजार तक के लोगों की ही प्यास बुझा पाता है।
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बुधवार को टंकी से जुड़े नलकूप की मोटर खराब होने से जलापूर्ति ठप हो गई। करीब 10 हजार की आबादी पानी के लिए यहां वहां भटकती नजर आई। नगर पंचायत के लगे हैंडपंप भी अधिकांश खराब खराब पड़े होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। हैरत की बात तो यह है कि तीन वर्ष पूर्व नगर पंचायत ने लोगों की प्यास बुझाने के लिए बड़ी रकम खर्च की थी, जिसके अंतर्गत मुक्तिधाम, स्वास्थ्य केंद्र व हरिजन बस्ती के पास वाटर टैंक बनवाए थे। इनसे पाइप लाइन भी जोड़ी गई और गली-गली खूब नल भी लगाए गए। जिस योजना पर नगर पंचायत ने खूब वाहवाही लूटी, अब वही योजना निर्माण के साथ चारों खाने चित्त पड़ी है। एक भी वाटर टैंक से आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई।
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नगर पंचायत के खराब पड़े टैंकर
पाली नगर पंचायत के पास कहने को तो छह टैंकर हैं, लेकिन चार पूरी तरह खस्ताहाल होकर सड़क किनारे पड़े हैं। जो दो टैंकर थोड़े बहुत ठीक हैं, उन्हें नगर पंचायत के ठेकेदार अपने निर्माण कार्यों में साथ लिए रहते हैं। जल संस्थान के पास पाली में ऐसा कोई टैंकर नहीं है, जो जरूरत पड़ने पर लोगों की प्यास बुझा सके।
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शादी के सीजन में बढ़ जाती है टैंकर की मांग
गर्मी में शादी हो या अन्य कोई कार्य, पानी की व्यवस्था के लिए टैंकरों की मांग बढ़ जाती है। एक निश्चित शुल्क जमा करने के बाद नगर पंचायत से टैंकर उपलब्ध भी हो जाते हैं, लेकिन अभी नगर पंचायत के पास ऐसा कोई टैंकर नहीं है जो जरूरत पड़ने पर लोगों की प्यास बुझा सके।
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बस स्टैंड पर भटके राहगीर
बसस्टैंड पर प्यास बुझाने के लिए एक सार्वजनिक टंकी एवं एक वाटर कूलर है, जिसमें जल संस्थान की लाइन से पानी आता है। जल संस्थान की मोटर खराब हो जाने से बुधवार को पानी नहीं मिला जिससे राहगीर परेशान हुए। यहां लगे हैंडपंप की स्थिति भी ठीक नहीं है। वाटर कूलर में खराबी आ जाने से वह भी शीतल जल नहीं दे रहा है।
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अतिरिक्त मोटर रखवाने की मांग
पानी की मोटर जल जाने से परेशान लोगों ने एसडीएम को लिखे ज्ञापन में बताया कि जिस नलकूप से टंकी भरी जाती है, उसमें एक ही मोटर है। उसके जल जाने पर पेयजलापूर्ति कई दिनों तक ठप हो जाती है। गर्मी में पानी के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए नलकूप में एक और मोटर की मांग रखी है ताकि लोगों को पानी मिलता रहे। ज्ञापन पर राकेश जैन, विनोद पाठकर, अभि जैन, सत्यनारायण, पुनीत आदि के हस्ताक्षर बने थे।

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एक टंकी से नहीं बुझ सकती लोगों की प्यास
एक दशक से जल संस्थान ने अपनी सुविधाओं में विस्तार नहीं किया, लेकिन उपभोक्ताओं में बड़ा इजाफा हुआ है। केवल एक ही टंकी है जो लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने में नाकाफी है। यही वजह है कि जल संस्थान से चार सौ मीटर की दूरी के बाद नलों से पानी नहीं निकलता। लोगों को मोटर लगानी पड़ती है तो कई इलाकों में नलों में लगी मोटर भी पानी नहीं पकड़ पाती।
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