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Varanasi News: मुंबई की तरह काशी में भी होगी निर्बाध बिजली आपूर्ति; एक जगह फॉल्ट होते ही की जाएगी ये व्यवस्था
Mon, 06 May 2024 07:09 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Mon, 06 May 2024 07:09 PM IST
सार
Varanasi News: स्काडा लागू करने से पहले ओवरलोड उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों और तारों को अंडर लोड करना होगा। बिजली विभाग के मुताबिक इसपर 70 फीसदी काम कर लिया गया है। जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। शहर में करीब 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है।
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Bijli Vibhag Varanasi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी में स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्यूजिशन) की डीपीआर मंजूर होने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसपर 313 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लागू होने के बाद मुंबई की तर्ज पर फॉल्ट होने के बावजूद बिजली नहीं कटेगी। स्काडा के तहत बिजली आपूर्ति की निगरानी होगी। इसमें एक जगह फॉल्ट होते ही दूसरी सर्किट से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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मुख्य अभियंता नियोजन चंद्रजीत ने बताया कि डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछले महीने बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मुंबई जाकर स्काडा का प्रशिक्षण लिया था। 10 मई को इसे लागू करने के लिए कार्यदायी संस्था को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। स्काडा सिस्टम की निगरानी कर रहे व्यक्ति को लगातार फीडरवार बिजली आपूर्ति की जानकारी मिलेगी।
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उन्होंने बताया, लोड बढ़ने या घटने की जानकारी मिलते ही इसपर काम शुरू हो जाएगा। इससे बिजली के बड़े फॉल्ट होने से बचाया जा सकेगा। इसमें उपकेंद्र, फीडर, लाइन उपभोक्ता द्वारा खर्च की जा रही बिजली के सही खर्च का ब्योरा भी मिलेगा।
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स्काडा के जरिये ऑनलाइन होगी निगरानी
स्काडा सेंटर से सीधे बिजली बंद होने या सप्लाई कम होने या बढ़ने की ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी। यहां तत्काल पता चल जाता है कि शहर के किस इलाके में बिजली बंद हुई है। बिजली कब से बंद है और क्यों बंद है या लाइन ब्रेकडाउन है। इसकी जानकारी होते ही इसे ठीक करने की कवायद शुरू हो जाएगी। इसके बाद फील्ड के स्टॉफ व लाइनमैन आदि को सुधार के लिए मैसेज चला जाता है।